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समाज

वीडियो: राजस्थान के प्रतापगढ़ में स्थानीय संगठन के गुंडों ने क्रिसमस के कार्यक्रम में की तोड़फोड़,पुलिस बनी रही मूकदर्शक

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प्रतापगढ़, 21 दिसम्बर: राजस्थान के प्रतापगढ़ में बीते रात एक मामला सामने आया है जिसमे प्रतापगढ़ स्थित एक सामुदायिक भवन में क्रिसमस की पार्टी का आयोजन किया गया था,जो दो दिनों तक चलना था लेकिन बीती रात जब ये आयोजन हो रहा था तो वह के किसी स्थानीय संगठन के लोगों ने पार्टी में घुस कर तोड़ फोड़ करने लगे |

NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार सामुदायिक भवन में रात्री भोज का आयोजन किया था जिसके बाद वहां के स्थानीय सगठन के कुछ लोग पुलिस के साथ वहां आ धमके और तोड़ फोड़ करने लगे, उन लोगों ने आयोजन को बाधित करने के साथ साथ वहां रखी किताबे ,सी डी , लिटरेचर और पोस्टर को तितर बितर कर दिया उनको फाड़ कर जला दिया और पुलिस मूक दर्शक बनी रही, रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय संगठन का आरोप है की यहाँ क्रिसमस आयोजन के बहाने गाँव के भोली भली जनता का धर्म परिबर्तन करवाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन पुलिस ने ऐसे किसी आरोप का खंडन करते हुए कहा है की आयोजकों को पूछताछ के बाद पूरी सुरक्षा से वापस भेज दिया गया|

https://khabar.ndtv.com/video/show/news/protest-over-christmas-event-in-pratapgarh-nagar-rajasthan-474998

सोशल मीडिया के विडियो को देखे तो लगता है की तोड़फोड़ करने वाले लोगों ने ही विडियो बना कर सोशल मीडिया पर डाला है जिसमे आप पुलिस को चुपचाप खड़े देख सकते है|

अपनी जघन्य गुनाहों का विडियो बना कर सोशल मीडिया पर वायरल करने का एक नया ट्रेड चल पड़ा है, राजस्थान में ये कोई पहला विडियो नहीं है जिसमे अपराध करने वाला खुद अपना विडियो सोशल मीडिया पर डाल रहा है कही न कही ये मानसिकता राजस्थान में लचर कानून व्यवस्था को दर्शाता है ऐसे विडियो से आप साफ़ समझ सकते है की वहां अपराधियों का मनोबल कितना ऊँचा है|

आपको हाल ही में घटित राजसमन्द में मारे गए अफराजुल तो याद ही होगा जिसमे अपराधी खुद को धर्म का रक्षक बताते हुए ना सिर्फ हत्या जैसे जघन्य अपराध करता है बल्कि विडियो बनाता है और सोशल मीडिया पर डालते हुए खुद बड़े ही बेबाकी से कहता है की उसने धर्म की रक्षा की है|

अगर ऐसे ही देश में धर्म बचने की होड़ लगी रही तो वो दिन दूर नहीं जब भारत हिन्दू तालिबान बन जायेगा और यहाँ रहने वाले दुसरे धर्म के लोग पल पल खुद को असुरक्षित महसूस करने लगेंगे जिसका परिणाम ये हो सकता है की भारत का समाज जिसे धर्म निरपेक्ष समाज और देश कहा जाता है वो गृहयुद्ध के चपेट में आ जायेगा|

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मनीष सिसोदिया की हालत हुई गंभीर, LNJP अस्पताल के ICU में भर्ती

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दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को कोरोना वायरस संक्रमण के चलते बुधवार को सरकारी लोक नायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि आम आदमी पार्टी (आप) के 48 वर्षीय नेता को शरीर में ऑक्सीजन का स्तर घटने और बुखार की शिकायत के बाद बुधवार को 4 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। राहत की बात है कि उपमुख्यमंत्री को कोई दूसरी गंभीर बीमारी नहीं है।

अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘ उन्हें एहतियात के तौर पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है क्योंकि उनके शरीर का तापमान लगातार थोड़ा अधिक था और ऑक्सीजन का स्तर थोड़ा घट गया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ डॉक्टर उनकी स्थिति का आकलन कर रहे हैं, लेकिन गंभीर जैसी कोई बात नहीं है।’’ अधिकारियों के अनुसार, सिसोदिया को एहतियात के तौर पर ICU में रखा गया है और वे ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। मनीष सिसोदिया 14 सितंबर को कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए थे। तब से वह Home Isolation में रह रहे थे।

संक्रमित होने की वजह से सिसोदिया 14 सितंबर को दिल्ली विधानसभा के एक दिवसीय सत्र में हिस्सा नहीं ले पाए थे। बुधवार को ही दिन में उन्होंने ट्वीट करके कोंडली के विधायक कुलदीप कुमार की बेटी को जन्मदिन की बधाई दी थी।

सिसोदिया कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले अरविंद केजरीवाल सरकार के दूसरे कैबिनेट मंत्री है। उनसे पहले स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन जून में कोविड-19 से संक्रमित हुए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें प्लाज्मा थेरेपी दी गयी थी।

सोशल मीडिया अपडेट्स

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मलमास या पुरुषोत्तम मास में ना करे ये काम नही तो हो सकता है भारी नुकसान

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मलमास, पुरुषोत्तम मास याअधिक मास का आरम्भ 18 सितंबर से हो गया है। शास्त्रों में इस मास का पूजा पाठ के लिए बहुत ज्यादा महत्त्व बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि इस पूरे महीने पूजन कार्य करने से भगवान प्रसन्न होकर घर से सारे विकारों को दूर करते हैं और घर को धन धान्य से परिपूर्ण करते हैं। लेकिन इस माह में कई काम करने वर्जित भी होते हैं। आइए जानें ऐसे कौन से काम हैं जो भूलकर भी मलमास में नहीं करने चाहिए क्योंकि इससे धन की हानि तो होती ही है साथ ही सुख समृद्धि भी विलुप्त होने लगती है।
ऐसी मान्यता है कि इस पूरे माह में विवाह जैसे शुभ कार्य नहीं करने चाहिए, क्योंकि विवाह कार्य करने से दाम्पत्य जीवन कष्टों से परिपूर्ण हो सकता है,साथ ही पति-पत्नी के बीच झगड़ों की स्थति बनी रहती है। चूंकि अधिक मास 3 साल में एक बार आता है और इसका सम्बन्ध चंद्र और सूर्य की परिक्रमा से होता है और ये किसी भी व्यक्ति के भाग्य का भी निर्धारण करते हैं तो इस महीने में विवाह जैसे कार्यों से दूरी बनाए रखना ही बेहतर उपाय है।

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मास्क ना पहने पर दिल्ली में 9 दिन में मेट्रो यात्रियों पर लगा इतना जुर्माना

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पांच महीनों के बाद दिल्ली मेट्रो सेवा शुरू होने को दो हफ्त्ते के भीतर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने स्टेशन परिसर और गाड़ियों के अंदर मास्क नहीं पहनने पर 2,000 से अधिक लोगों पर जुर्माना लगाया है। डीएमआरसी के आंकड़ों के अनुसार, 11 सितंबर से – जब रेल निगम ने मास्क न पहनने पर के जुर्माना लगाना शुरू किया था – 20 सितंबर तक कम से कम 2,214 यात्रियों को मास्क नहीं पहनने के लिए जुर्माना लगाया गया।
इसके अलावा, DMRC टीमों ने लोगों की काउंसलिंग की कि नए यात्रा दिशानिर्देशों का पालन किया जाए और 5,000 से अधिक लोगों पर जुर्माना नहीं लगाया।सेवाओं के फिर से शुरू होने के चार दिन बाद, डीएमआरसी ने अपने नौ परिचालन गलियारों में से प्रत्येक के लिए एक विशेष फ्लाइंग स्क्वाड का गठन किया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यात्री हर समय मेट्रो नेटवर्क के अंदर मास्क पहने और सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन करें।
ये टीमें उन्हें सौंपी गई लाइनों में ट्रेनों और स्टेशनों से बाहर जाती हैं और यदि कोई यात्री नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो वे उनकी काउंसलिंग करते हैं। यदि कोई कम्यूटर फिर भी मास्क पहनने से इनकार करता है, तो उन्होंने दिल्ली मेट्रो के संचालन और रखरखाव अधिनियम की धारा 59 के तहत जुर्माना लगाया जाता है।
इस धारा के तहत, सार्वजनिक उपद्रव पैदा करने के लिए उल्लंघनकर्ताओं को 200 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। रिकॉर्ड बताते हैं कि येलो लाइन (समयापुर बादली-हुडा सिटी सेंटर) पर सबसे अधिक जुर्माना जारी किया गया था, जहां 724 यात्रियों को स्टेशनों और अंदर ट्रेनों में मास्क पहनने या अनुचित तरीके से पहनने के लिए दंडित किया गया था।

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