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एक नजर: क्या है विकसित गुजरात का विकासशील सच ?

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किसी ने खूब कहा है , “आधा अधुरा ज्ञान अंधकार की सीढ़ी है “ । विकसित गुजरात या गुजरात मॉडल से हम सब भली भांति रूबरू होंगे। माननीय नरेन्द्र मोदी द्वारा एवं श्री अमित शाह जी द्वारा जो गुजरात की छवि पेश की गयी वह वाकई में काबिले तारीफ है। हमें यह भी याद है पी.एम. द्वारा जिस गुजरात को दर्शाया एवं बताया गया था वह हम सभी ने देखा और माना भी पर क्या हमने कभी खुद उन तथ्यों को जांचने की कोशिश की ? सवाल सरल है और जवाब आप भी जानते है।

मीडिया में बडे – बडे केम्पेन चलाये गए गुजरात के बारे में और इसका कर्ता- धर्ता माननीय मोदी जी को बनाया गया जिसे बी.जे.पी ने लोकसभा चुनाव के दोरान प्रचार में इस्तेमाल किया और 2014 का चुनाव विकास के नाम पर लड़ा और वह इसमें सफल भी हुए, पहली बार बी.जे.पी ने इतने बडे अंतर से जीत दर्ज करा के अपना लोहा मनवाया और नया कीर्तिमान स्थापित किया पर क्या आप इस जीत का श्रेय मोदी जी को देंगे या उन के चाणक्य को ? बुद्धिजीवियों के अनुसार इसका श्रेय उपभोक्तावाद या बाजारवाद को दिया जाना चाहिए।

यह बाजारवाद क्या है ?
इस तकनीक से आप सच का प्रचार कर के मुनाफा कमा सकते है और तो और झूठ का प्रचार करके भी मुनाफा कमाया जा सकता है बशर्ते आप को सही से झूट बेंचना आता हो। आप को ज्ञात होगा की 90 के दशक में एक कम्पनी आई थी जिसने यह कहा था यदि आपके टूथपेस्ट में नमक है तो आपके दांत ख़राब हो सकते है पर वही कम्पनी आज कहती है क्या आपके टूथपेस्ट में नमक है ? तो क्या 15 साल तक हमे पागल बनाया गया ? सच और सवाल एक ही परिपेक्ष के तत्व होते है। सवाल सरल है और जवाब आप भी जानते है।

बहराल बात गुजरात की है और हाल ही में हुए पाटीदार आन्दोलन , लघु उद्योगों द्वारा हताशा , दलितों की नाराजगी या कमल का फूल हमारी भूल के छापवाले बिल, व्यापारी वर्ग का जी.एस.टी का विरोध , सुस्त अर्थव्यवस्था यह सारी बाते मिल कर गुजरात मॉडल को उजागर करती है। लोकसभा चुनाव के दोरान गुजरात मॉडल की खूब चर्चा हुई। ग्रोथ और डेवलपमेंट दो अलग चीजे होती है सरल शब्दों में ग्रोथ सांख्यिक तौर पर होती है और डेवलपमेंट सांख्यिक और गुणात्मक तौर पर यही सही मायने में विकास होता है | परन्तु विकास की पोटली में असली आयाम बडे – बडे कॉर्पोरेट घरानों ने छुए चाहे टाटा हो या अदानी हों | बडे बडे घरानों को दिल खोल कर गुजरात की सरकार ने सब्सिडी दी और तरह तरह के इंसेंटिव दिए और इसके फलस्वरुप जो कमाई हुई वो इन्ही बडे घरानों की हुई पर क्या यह विकास नीचे तक पहुंचा ? सवाल सरल है और जवाब आप भी जानते है।

इन कॉर्पोरेट्स को सस्ती जमीने , सस्ता पानी और बुनियादी सुविधाए बहुत सस्ते दामो पर उपलब्ध करवाई गई और जनता का पैसा इनको सब्सिडी के रूप में दिया गया जिसके चलते सामाजिक और बुनियादी विकास कम हुआ ( शिक्षा , स्वास्थ्य आदि चीजे )

• शिक्षा में हालात बहुत ख़राब है विकास के स्तर पर ऊपर के 5 राज्यों में भी गुजरात का नाम नहीं है।
• ह्यूमन इंडेक्स रेट में चौथे नंबर पर आता है गुजरात।
• जी.डी.पी में चौथा स्थान है गुजरात का।
• स्वास्थ्य का विकास बहुत कमजोर है गुजरात बारहवे स्थान पर है 17.76 अंक के साथ वहि जम्मू कश्मीर पहले पर 75.07 अंक के साथ है।
• जी.डी.पी प्रति कैपिटल में आँठवा स्थान है गुजरात का।

सौ. सी.ऍम.आई.ई स्टेट्स ऑफ़ इंडिया , मिनट कैलकुलेशन , विकी

1. नेशनल सैंपल सर्वे के अनुसार ग्रामीण इलाको में प्रति व्यक्ति आय बेहद कम पाई गई है।
2. चुनावी वादों में रोजगार का दावा भी सर्वे मे कही टिक नहीं पाया और बेरोजगारी बराकर है।
3. औसत आमदनी भी गुजरात में भारत की अपेक्षा 15-20% कम है शहरी एवं ग्रामीण इलाको में।
4. आर.बी.आई के अनुसार खेती में आय 7% तक गिरी है और पहले भी कोई खास वृद्धि दर्ज नहीं हुई।
5. कर्ज के मामले में बात करे तो पिछले 20 साल में गुजरात के क़र्ज़ में 22% का इज़ाफा हुआ है।

एसा नहीं की गुजरात के आंकड़ो से बेहतर और कोई राज्य नहीं पर झूंट के पुलिंदे जिस तरह से चुनाव से पहले दिए गए अगर वाकई ये सब सच होता तोह आज चुनावी रैलियों में कांग्रेस पे निशाना और राहुल के नाना – दादी को याद न करके अपने काम गिनवाते। जी.डी.पी के मामलो में महाराष्ट्र नंबर 1 पर है तोह फिर सबसे विकसित गुजरात केसे हो सकता है ? क्या 22 साल में गुजरात सच में विकसित हुआ है जितना बताया गया है ? सवाल सरल है और जवाब आप भी जानते है।

पूर्व राष्ट्रपति महामहिम ए.पी.जे अब्दुल कलाम जी ने कहा था विकास की कोई परिभाषा नहीं है पर जब ये निम्नलिखित चीजे अच्छी हो तोह हम उसे विकास कह सकते हैं-

हकीकत-

1. अर्थव्यवस्था          – नोटबंदी और जी.एस.टी. के बाद जी.डी.पी 2.2% गिर चुकी है एवं सुस्त है।
2. शिक्षा एवं स्वास्थ्य – हालत बेहद ख़राब है राज्य में जिसपे खर्च करना चाहिए या यू कहे।निवेश करना चाहिए वो नहीं किया जा रहा अपितु कोर्पोरेट्स को सब्सिडी दी जा रही है ।
3. सामाजिक नैतिकता- सिर्फ हिन्दू और मुस्लमान चल रहा है , मानवता को ख़त्म किया जा रहा है।

 

(ये लेखक के अपने विचार हैं, लेखक पत्रकारिता के विद्यार्थी है )

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मौसम विभाग:- दिल्ली सहित कई राज्यों में अगले 5 दिन तक बरसेंगे बादल, उत्तराखंड में अलर्ट

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दिल्ली-एनसीआर में देरी से ही सही पर बारिश आने के बाद मौसम खुशनुमा हो गया है। मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले 4-5 दिन दिल्ली में हल्कि तो वहीं, हिमाचल, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग की मानें तो पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है। वहीं राजस्थान के कुछ जिलों में बादल गरजने के साथ बिजली गिरने का अनुमान लगाया गया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है। मध्य महाराष्ट्र और गोवा के लिए बुधवार को रेड अलर्ट जारी किया गया था।

दिल्ली में छह दिनों तक बारिश

मानसून की पहली झमाझम बरसात में बुधवार को दिल्ली के ज्यादातर हिस्से भीग गए। इसके चलते दिल्ली के लोगों को गर्मी और उमस से खासी राहत मिली है। राजधानी के रिज मौसम केंद्र ने दिन के समय 107.4 मिलीमीटर बरसात रिकॉर्ड की, जो दिल्ली में सबसे ज्यादा रही।मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले छह दिनों कर  दिल्ली में हल्की बारिश हो सकती है। गुरुवार के कुछ इलाकों में हल्कि बारिश देखने को मिलेगी जबकि, शुक्रवार को बारिश की गतिविधि कम रहेगी। कहीं-कहीं ही हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। शनिवार को हल्की बारिश के आसार हैं, जबकि रविवार के दिन मध्यम व भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

यूपी के कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कई इलाकों में आज बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने कहा है कि यहां गुरुवार से मौसम बदल सकता है। राज्य के कुछ इलाकों में बादल छाए रहेंगे तो कुछ इलाकों में हल्कि बारिश देखने को मिलेगी। लेकिन हारनपुर, मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत, बलिया, लखीमपुर खीरी समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट 

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, गुरुवार के लिए राज्य में कोई अलर्ट नहीं है। हालांकि, कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 16 जुलाई को देहरादून और नैनीताल में भारी बारिश की संभावना है। 17 को उत्तरकाशी, देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ में कहीं कहीं भारी से बहुत भारी बारिश संभव है। 18 को देहरादून, पौड़ी, बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़ में कहीं कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। पिछले 24 घंटे में राज्यभर में झमाझम बारिश हुई है।

हरियाणा, पंजाब और राजस्थान का मौसम

मौसम विभाग ने कहा है कि हरियाणा और पंजाब में हल्कि से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी। वहीं राजस्थान के कुछ जिलों में बादल छाए रहने और वज्रपात की आशंका जताई है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 24 घंटों के दौरान कोटा, बारां, सिरोही, सवाईमाधोपुर, टोंक, बाडमेर, पाली, जालौर जिलों में कहीं कहीं बादल गरजने के साथ-साथ वज्रपात की भी संभावना है।दिल्ली-एनसीआर में देरी से ही सही पर बारिश आने के बाद मौसम खुशनुमा हो गया है। मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले 4-5 दिन दिल्ली में हल्कि तो वहीं, हिमाचल, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग की मानें तो पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है। वहीं राजस्थान के कुछ जिलों में बादल गरजने के साथ बिजली गिरने का अनुमान लगाया गया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है। मध्य महाराष्ट्र और गोवा के लिए बुधवार को रेड अलर्ट जारी किया गया था। 

 

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बिहार चुनाव के बीच शाहनवाज़ हुसैन और राजीव प्रताप रूडी कोरोना संक्रमित पाए गए

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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जहां सभी दलों की तरफ से प्रचार अभियान जारी है. इसी बीच बिहार बीजेपी के दो बड़े नाम राजीव प्रताप रुडी (Rajiv Pratap Rudy) और शाहनवाज़ हुसैन (Shahnawaz Hussain) कोरोना संक्रमित हो गए हैं. साथ ही उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय की तबियत भी ठीक नहीं है . हालांकि सुशील मोदी की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव है लेकिन ये दोनों नेताओं ने भी फ़िलहाल अपने आपको आइसोलेट कर लिया है.

 

बताते चले कि कोरोना संकट के बीच बिहार विधानसभा का चुनाव तीन चरणों में हो रहा है. पहले चरण के लिए  28 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे. वहीं नतीजों का ऐलान 10 नवंबर 2020 को किया जाएगा.  आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जहां पहले चरण में जहां 16 जिलों की 71 सीटों पर मतदान होगा तो वहीं दूसरे चरण में 17 जिलों की 94 सीटों पर मतदान किया जाएगा. इसके अलावा तीसरे और अंतिम चरण में 15 जिलों की 78 सीटों पर मतदाता अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे.

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रिया के बेल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी NCB, बढ़ सकती है मुश्किलें

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बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की अत्महत्या के मामले में ड्रग कनेक्शन को लेकर गिरफ्तार अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को ज़मानत दी। रिया को कोर्ट ने 28 दिन बाद एक लाख रुपये के मुचलके पर सशर्त जमानत दी है। वहीं रिया के भाई शोविक चक्रवर्ती की ज़मानत याचिका खारिज कर दी है।

जमानत मिलने के बाद भी रिया की मुश्किलें अभी खत्म नहीं ही है। जांच एजेंसी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने जमानत का विरोध दिया है। अतिरिक्त महाधिवक्ता अनिल सिंह ने जमानत के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने रिया के अलावा सुशांत के स्टाफ दीपेश सावंत और सैमुअल मिरांडा को भी जमानत दी है। वहीं अब्दुल बासित की ज़मानत याचिका खारिज कर दी गई है।

न्यायमूर्ति एस.वी. कोतवाल, जिन्होंने पिछले सप्ताह जमानत अर्जी संबंधी सुनवाई पूरी की थी, उन्होंने बुधवार सुबह फैसला सुनाया। एनसीबी द्वारा 9 सितंबर को ड्रग से संबंधित मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद, रिया ने 28 दिन हिरासत में बिताए हैं। उन्हें मंगलवार को एक विशेष एनडीपीएस अदालत ने 20 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए, मानशिंदे ने कहा, “सच्चाई और न्याय की जीत हुई है।”उन्होंने कहा, रिया की गिरफ्तारी और हिरासत पूरी तरह से अनुचित थी। तीन केंद्रीय एजेंसियों – सीबीआई, ईडी और एनसीबी – रिया के पीछे पड़ गई थी और अब यह सब खत्म होना चाहिए। हम सच्चाई के लिए प्रतिबद्ध हैं। सत्य मेव जयते।

बता दें अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच के दौरान सामने आए ड्रग्स एंगल के मामले में एनसीबी द्वारा रिया, शोविक सहित 19 को अगस्त-सितंबर के दौरान गिरफ्तार किया गया था। उन लोगों में चक्रवर्ती भाई-बहन, सुशांत के कर्मचारी दीपेश सावंत, सैमुएल मिरांडा, कई ड्रग पेडलर, सप्लायर और फिल्म उद्योग से जुड़े व्यक्ति शामिल हैं।

सितंबर के अंत तक गिरफ्तार किए गए अन्य लोग हैं–अब्बास लखानी, करण अरोरा, जैद विलात्रा, अब्दुल बासित परिहार, कैजान इब्राहिम, अनुज केसवानी, अंकुश अरनेजा, कमरजीत सिंह आनंद, संकेत पटेल, संदीप गुप्ता, आफताब अंसारी, दिव्या फर्नांडिस, सूर्यदीप मल्होत्रा, क्रिस कोस्टा, राहिल विश्राम और क्षितिज आर. प्रसाद। अभियुक्तों में से कुछ को जमानत मिल गई है, अन्य अलग-अलग अवधि के लिए हिरासत में हैं क्योंकि एनसीबी की जांच कई अन्य अभिनेत्रियों से पूछताछ के साथ जारी है।

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