Connect with us

राजनीति

बिहार में सियासी ड्रामा, राज्यपाल से मिलेंगे तेजस्वी यादव

Published

on

राज्यपाल वजुभाई वाला की ओर से कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन को नकारते हुए चुनाव में सबसे बड़े एकल दल के रूप में उभरी बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता देने के बाद बिहार में विरोधस्वरुप इसी तर्ज पर सरकार बनाने की कोशिश शुरू कर दी गई है.

बिहार विधानसभा में मौजूद सबसे बड़ी एकल पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) शुक्रवार को राज्यपाल से मिलकर कर्नाटक की तर्ज पर पार्टी को राज्य में नई सरकार बनाने का न्योता देने का अनुरोध करेगी.

बिहार ही नहीं अन्य राज्यों में भी सबसे बड़ी एकल पार्टी को सरकार बनाने के लिए न्योता देने की मांग उठने लगी है. कांग्रेस की ओर से गोवा और मणिपुर में राज्यपाल पर सबसे बड़ी एकल पार्टी को सरकार बनाने का न्योता देने की मांग की गई है.

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात करने के लिए शुक्रवार दोपहर 1 बजे का समय मांगा है. तेजस्वी का कहना है कि अगर कर्नाटक के राज्यपाल चुनाव के बाद हुए कांग्रेस और जेडीएस के सबसे बड़े गठबंधन की जगह 104 सीट के साथ सबसे बड़ी राजनीतिक दल के रूप में उभरी बीजेपी को अगर सरकार बनाने का न्योता देते हैं तो इसी आधार पर बिहार में भी आज के दिन आरजेडी (80 विधायक) सबसे बड़ी एकल पार्टी है और उसे ही सरकार बनाने का मौका दिया जाना चाहिए.

पिछले साल बिहार में महागठबंधन की सरकार गिरने के बाद आरजेडी सबसे बड़ी राजनीतिक दल थी, इसके बावजूद तत्कालीन राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने सरकार गिरने के बाद जदयू और बीजेपी के बीच हुए गठबंधन को सरकार बनाने का न्योता दिया.

तेजस्वी का कहना है कि अगर सबसे बड़े राजनीतिक दल होने के नाम पर कर्नाटक के राज्यपाल बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दे सकते हैं तो उनकी पार्टी को भी बिहार में आज के दिन सबसे बड़े राजनीतिक दल होने के नाते सरकार बनाने का न्योता मिलना चाहिए.

अपनी इस मांग को लेकर तेजस्वी यादव शुक्रवार को एक दिन का धरना देने जा रहे हैं और उसके बाद वह दोपहर में राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलने की कोशिश करेंगे, अगर उन्हें वक्त मिलता है तो.

राजनीति

बिहार चुनाव:- बीजेपी ने बनाई नई टीम, अमित शाह के करीबी नेताओं को नही किया शामिल

Published

on

बिहार चुनाव की तारीखों का एलान होते ही बीजेपी ने नई टीम बनाई है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने  कार्यभार संभालने के आठ महीने बाद नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की है। नई टीम में जहां महिलाओं और युवाओं को मौके दिए गए हैं तो वहीं अमित शाह के कई करीबी नेताओं को टीम में शामिल नहीं किया गया है।

लंबी मशक्कत के बाद तैयार की गई राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम से राम माधव, मुरलीधर राव, सरोज पांडे और अनिल जैन की महासचिव पद से छुट्टी कर दी गई है। इसी प्रकार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से उमा भारती, विनय सहस्रबुद्धे, प्रभात झा, ओम माथुर, श्याम जाजू, अविनाश राय खन्ना और रेणू देवी जैसे दिग्गजों की छुट्टी कर उनके स्थान पर नए चेहरों को मौका दिया गया है।

नड्डा ने पार्टी के विभिन्न मोर्चों में भी व्यापक बदलाव करते हुए लगभग सभी पुराने अध्यक्षों को हटाकर नए चेहरों को अवसर दिया है। संगठन की दृष्टि से महत्पवूर्ण महासचिव के पद पर पांच नए चेहरों को नियुक्त किया गया है जबकि भूपेंद्र यादव, कैलाश विजयवर्गीय और अरूण सिंह को उनके पदों पर बरकरार रखा गया है। नए महासचिवों की सूची में हाल ही राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए दुष्यंत गौतम भी शामिल हैं। पुरानी टीम में वे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर थे। उनके अलावा नए महासचिवों में भाजपा महिला मोर्चा की प्रभारी डी पुरंदेश्वरी, कर्नाटक सरकार में मंत्री सी टी रवि, राष्ट्रीय सचिव तरूण चुग और असम से पार्टी के सांसद दिलीप सैकिया शामिल हैं। चुग पिछली टीम में राष्ट्रीय सचिव थे।

उपाध्यक्ष के पद पर भी नड्डा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को छोड़कर लगभग सभी पुराने चेहरों को हटा दिया है और नए चेहरों को नियुक्त किया है। नए चेहरों में पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, रेखा वर्मा, अन्नपूर्णा देवी, भारती बेन शियाल, (तीनों सांसद), तेलंगाना भाजपा की नेता डी के अरुणा, नागालैंड भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एम चुबा एओ और केरल के पूर्व सांसद अब्दुल्ला कुट्टी को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी के विभिन्न मोर्चों में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए तेजतर्रार सांसद व युवा सांसद तेजस्वी सूर्या को पार्टी के युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। वह पूनम महाजन की जगह लेंगे।

इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर को वीरेंद्र सिंह मस्त की जगह किसान मोर्चा का अध्यक्ष, तेलंगाना भाजपा के पूर्व अध्यक्ष डा. के. लक्ष्मणडा को दारा सिंह चौहान की जगह ओबीसी मोर्चा का अध्यक्ष, लाल सिंह आर्य को विनोद सोनकर की जगह अनुसूचित जाति मोर्चा का अध्यक्ष, समीर ओरांव को रामविचार नेताम की जगह अनुसूचित जनजाति मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। लंबे अरसे तक पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अब्दुल रशीद अंसारी की जगह जमाल सिद्दिकी को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रवक्ताओं की सूची का विस्तार करते हुए 23 नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनिल बलूनी को पार्टी का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है। साथ ही वे पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख के पद पर भी बने रहेंगे।

 

प्रवक्ताओं की सूची से मीनाक्षी लेखी को बाहर कर दिया गया है। नए प्रवक्ताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर, सांसदों में अपराजिता सारंगी, हिना गावित, राजू बिष्ट और राजीव चंद्रशेखर शामिल हैं। पहले से प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी निभा रहे सैयद शाहनवाज हुसैन, सुधांशु त्रिवेदी, संबित पात्रा, राजीव प्रताप रूडी, नलिन कोहली, ऑम वडक्कन और गोपाल कृष्ण अग्रवाल को बरकरार रखा गया है। नड्डा ने कुछ एक पुराने चेहरों को बरकरार रखते हुए सचिवों की पूरी टीम में भी व्यापक बदलाव किया है।

हसन राजा, रमन डेका, सुधा यादव, आर पी सिंह, ज्योति धुर्वे, रजनीश कुमार, महेश गिरी, राहुल सिन्हा और तीरथ सिंह रावत की छुट्टी हो गई है। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले सुनील देवधर और सत्या कुमार ही सचिव पद पर अपनी जगह बचाए रखने में कामयाब हुए हैं। नए सचिवों में विनो तावड़े,विनोद सोनकर, विश्वेश्वर टूडू, अरविंद मेनन, हरीश द्विवेदी, पंकजा मुंडे, ओमप्रकाश ध्रुवे, अनुपम हाजरा,

बिहार चुनाव की तारीखों का एलान होते ही बीजेपी ने नई टीम बनाई है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने  कार्यभार संभालने के आठ महीने बाद नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की है। नई टीम में जहां महिलाओं और युवाओं को मौके दिए गए हैं तो वहीं अमित शाह के कई करीबी नेताओं को टीम में शामिल नहीं किया गया है।

लंबी मशक्कत के बाद तैयार की गई राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम से राम माधव, मुरलीधर राव, सरोज पांडे और अनिल जैन की महासचिव पद से छुट्टी कर दी गई है। इसी प्रकार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से उमा भारती, विनय सहस्रबुद्धे, प्रभात झा, ओम माथुर, श्याम जाजू, अविनाश राय खन्ना और रेणू देवी जैसे दिग्गजों की छुट्टी कर उनके स्थान पर नए चेहरों को मौका दिया गया है।

नड्डा ने पार्टी के विभिन्न मोर्चों में भी व्यापक बदलाव करते हुए लगभग सभी पुराने अध्यक्षों को हटाकर नए चेहरों को अवसर दिया है। संगठन की दृष्टि से महत्पवूर्ण महासचिव के पद पर पांच नए चेहरों को नियुक्त किया गया है जबकि भूपेंद्र यादव, कैलाश विजयवर्गीय और अरूण सिंह को उनके पदों पर बरकरार रखा गया है। नए महासचिवों की सूची में हाल ही राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए दुष्यंत गौतम भी शामिल हैं। पुरानी टीम में वे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर थे। उनके अलावा नए महासचिवों में भाजपा महिला मोर्चा की प्रभारी डी पुरंदेश्वरी, कर्नाटक सरकार में मंत्री सी टी रवि, राष्ट्रीय सचिव तरूण चुग और असम से पार्टी के सांसद दिलीप सैकिया शामिल हैं। चुग पिछली टीम में राष्ट्रीय सचिव थे।

उपाध्यक्ष के पद पर भी नड्डा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को छोड़कर लगभग सभी पुराने चेहरों को हटा दिया है और नए चेहरों को नियुक्त किया है। नए चेहरों में पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, रेखा वर्मा, अन्नपूर्णा देवी, भारती बेन शियाल, (तीनों सांसद), तेलंगाना भाजपा की नेता डी के अरुणा, नागालैंड भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एम चुबा एओ और केरल के पूर्व सांसद अब्दुल्ला कुट्टी को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी के विभिन्न मोर्चों में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए तेजतर्रार सांसद व युवा सांसद तेजस्वी सूर्या को पार्टी के युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। वह पूनम महाजन की जगह लेंगे।

इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर को वीरेंद्र सिंह मस्त की जगह किसान मोर्चा का अध्यक्ष, तेलंगाना भाजपा के पूर्व अध्यक्ष डा. के. लक्ष्मणडा को दारा सिंह चौहान की जगह ओबीसी मोर्चा का अध्यक्ष, लाल सिंह आर्य को विनोद सोनकर की जगह अनुसूचित जाति मोर्चा का अध्यक्ष, समीर ओरांव को रामविचार नेताम की जगह अनुसूचित जनजाति मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। लंबे अरसे तक पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अब्दुल रशीद अंसारी की जगह जमाल सिद्दिकी को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रवक्ताओं की सूची का विस्तार करते हुए 23 नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनिल बलूनी को पार्टी का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है। साथ ही वे पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख के पद पर भी बने रहेंगे।

 

प्रवक्ताओं की सूची से मीनाक्षी लेखी को बाहर कर दिया गया है। नए प्रवक्ताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर, सांसदों में अपराजिता सारंगी, हिना गावित, राजू बिष्ट और राजीव चंद्रशेखर शामिल हैं। पहले से प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी निभा रहे सैयद शाहनवाज हुसैन, सुधांशु त्रिवेदी, संबित पात्रा, राजीव प्रताप रूडी, नलिन कोहली, ऑम वडक्कन और गोपाल कृष्ण अग्रवाल को बरकरार रखा गया है। नड्डा ने कुछ एक पुराने चेहरों को बरकरार रखते हुए सचिवों की पूरी टीम में भी व्यापक बदलाव किया है।

हसन राजा, रमन डेका, सुधा यादव, आर पी सिंह, ज्योति धुर्वे, रजनीश कुमार, महेश गिरी, राहुल सिन्हा और तीरथ सिंह रावत की छुट्टी हो गई है। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले सुनील देवधर और सत्या कुमार ही सचिव पद पर अपनी जगह बचाए रखने में कामयाब हुए हैं। नए सचिवों में विनो तावड़े,विनोद सोनकर, विश्वेश्वर टूडू, अरविंद मेनन, हरीश द्विवेदी, पंकजा मुंडे, ओमप्रकाश ध्रुवे, अनुपम हाजरा, नरेंद्र सिंह ,विजया रहाटकर, अलका गुज्जर शामिल है

Continue Reading

राजनीति

बंगाल में बीजेपी को सत्ता में लाना मेरी जिम्मेदारी:- मुकुल रॉय

Published

on

बीजेपी के नवनियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय ने शनिवार को कहा कि वह पार्टी नेतृत्व द्वारा पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले उन पर जताए गए भरोसे के साथ न्याय करने की कोशिश करेंगे। प्रदेश में अगले साल अप्रैल-मई में चुनाव होने की उम्मीद है। उपाध्यक्ष पद पर नियुक्ति के बाद रॉय ने मीडिया से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि राज्य में अगले साल मार्च, अप्रैल या मई में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और अन्य नेताओं के साथ यह मेरी जिम्मेदारी है कि बीजेपी को पश्चिम बंगाल में सत्ता में लेकर आएं। बीते कुछ महीनों के दौरान रॉय और घोष के बीच मतभेद की खबरें मीडिया में आती रही हैं। हालांकि, दोनों नेताओं ने इससे इनकार किया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मतभेद के बाद तृणमूल कांग्रेस छोड़कर साल 2017 में बीजेपी में शामिल होने वाले रॉय का पश्चिम बंगाल में बीजेपी की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।

पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की घोषणा करते हुए बीजेपी नेतृत्व ने मार्च 2019 में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर पार्टी में शामिल हुए पूर्व सांसद अनुपम हाजरा को भी राष्ट्रीय सचिव बनाया है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा घोषित नए पदाधिकारियों में दार्जिलिंग से सांसद राजू बिस्ता का नाम भी शामिल है। उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया है।

Continue Reading

राजनीति

पूर्व प्रधानमन्त्री डॉ. मनमोहन सिंह के जन्मदिन पर राहुल गाँधी ने यूँ ट्वीट कर दी शुभकामना

Published

on

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह (Dr Manmohan Singh) का आज (शनिवार) जन्मदिन है. आज वह अपना 88वां जन्मदिन मना रहे हैं. देश की दिग्गज हस्तियां डॉक्टर सिंह को शुभकामनाएं दे रही हैं. उन्हें बधाई देते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ट्वीट किया ‘भारत प्रधानमंत्री में डॉक्टर मनमोहन सिंह की तरह गहराई की अनुपस्थिति को महसूस कर रहा है. उनकी (डॉक्टर मनमोहन सिंह) ईमानदारी, शालीनता और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है. उन्हें जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं. आने वाला उनका साल बेहतर हो. #HappyBirthdayDrMMSingh.’

कांग्रेस सांसद शशि थरूर, जयवीर शेरगिल, रोहन गुप्ता समेत कई हस्तियों ने डॉक्टर मनमोहन सिंह को सोशल मीडिया के माध्यम से जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं. मनमोहन सिंह साल 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे. उनका जन्म भारत के विभाजन से पहले पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 26 सितंबर, 1932 को हुआ था.

डॉक्टर मनमोहन सिंह ने पंजाब और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की. मनमोहन सिंह ने पंजाब यूनिवर्सिटी के अलावा दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाया भी है. वह भारत में योजना आयोग के प्रमुख रह चुके हैं.

मनमोहन सिंह देश के विद्वान अर्थशास्त्रियों की फेहरिस्त में शामिल हैं. वह पीवी नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहे थे. भारत के आर्थिक सुधारों की दिशा में मनमोहन सिंह का नाम हमेशा लिया जाता है लेकिन उन्होंने कभी इसका क्रेडिट नहीं लिया. वह वर्तमान में राजस्थान से राज्यसभा सदस्य हैं.

Continue Reading

Trending