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ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी मैथ्यू हेडन ने भारत के 70वें स्वतंत्रता दिवस पर दिखाया भारत के लिए सम्मान, किया खूबसूरत ट्वीट

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17 अगस्त,नई दिल्ली: मैथ्यू हेडन ऑस्ट्रेलिया के जामे माने क्रिकेट खिलाड़ी है। इस बात मैथ्यू ने भारात के 70वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कुछ ऐसा किया कि जिस से हर हर भारतवासी का दिल गदगद हो गया। मैथ्यू ने भारत के स्वत्रंत्रता दिवस के अवसर पर ट्वीट किया और बता दिया कि उन के मन मे भारत के के लिए कितना सम्मना है। इतना ही नही मैथ्यू भारतवासियों का दिल जीतना भी बहुत अच्छे से जानते है।

मैथ्यू सबसे पहले भारत को स्वंत्रता दिवस की बधाई दी इसके बाद उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि सभी के दिलों पर राज करने वाला भारत से ही है। जिसका नाम पंजाब, सिंध, गुजरात, मराठा द्रविड़, ओडिशा और बंगाल के दिल में बसता है। जिसका नाम हिमालय की वादियों में गूंजता है। गंगा-यमुना नदियों के पानी में उसका नाम बहता है। हिंद महासागर की लहरों में उसका नाम चमकता है। इस तरह से राष्ट्रगान की लाइन्स के सहारे उन्होंने ये बता दिया है कि उन्हें सिर्फ इनकी जानकारी ही नहीं है बल्कि इनका असली अर्थ भी वो समझते हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में ये भी कहा कि इसका आशीर्वाद सभी पर बना रहे और ये सभी की रक्षा करे। सभी को खुशियां और शांति दे। सिर्फ अभी ही नहीं हमेशा ही भारत इस तरह रहे।

उन्होंने जिस तरह से भारत के राष्ट्रगान को सम्मानित करते हुए अपना ये ट्वीट पोस्ट किया है, इसके कारण सभी खुश हैं। भारत के लिए ये गर्व की बात है कि दूसरे देश के खिलाड़ी ने उनके देश के सबसे बड़े दिन पर इतना सम्मान दिया है। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर मैथ्‍यू हेडन ने अपने खेल से तो सभी का दिल जीता ही है पर अपने इस ट्वीट से सभी के दिलों में गहरी जगह बना ली है। ये उनकी स्पोर्ट्स स्पिरिट को दिखता है कि खेल के मैदान में सिर्फ वो खेल खेलते हैं पर कभी उनके मन में किसी भी देश के लिए कोई गलत भावना नहीं होती है। हमेशा उनके मन में सम्मान रहता है।

कई भारतवासियों ने भी उनके ट्वीट में उनको जवाब दिया है जिसमें उन्होंने भी मैथ्‍यू के लिए प्यार दिखाया है। उनके इस पोस्ट के बाद सभी लोगों में उनके लिए सम्मान बहुत बढ़ गया है।

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पबजी हुआ बैन, कोई गेम खेल कर मरा तो किसी ने पिया तेजाब

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भारत विश्व में सबसे बड़ा मोबाइल गेमिंग  बाजार बन चुका है और प्लेयर्स अननोन बैटल ग्राउंड, यानी पबजी नंबर 1 रहा है। लॉकडाउन में युवाओं के लिए यह समय काटने का बड़ा जरिया बना। लेकिन इसे दिमाग पर बुरा असर पड़ने के भी मामले सामने आए।

एक ओर इस पर चीनी सरकार को डाटा पहुंचाने के आरोप लगे थे वहीं खेलने वालों की मानसिक स्थिति को नुकसान पहुंचाकर उन्हें खतरे में डाल रहा था। हाल ही में पेश आए कुछ मामले.. तेलंगाना का लड़का लगातार पबजी खेलता रहा। 45वें दिन उसकी गर्दन में तेज दर्द उठा। हैदराबाद के अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। वजह नर्वस डैमेज होना बताई गई। मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा में पबजी खेल में डूबा एक युवा प्यास लगने पर उठा और बदगुमानी में घर में रखी बोतल से पानी समझकर तेजाब पी गया।  महाराष्ट्र के हिंगोली में पटरी पर खेलते दो लड़कों को अजमेर हैदराबाद एक्सप्रेस ने काट दिया। जम्मू में एक जिम ट्रेन 10 दिन पबजी खेलने के बाद दिमागी रूप से बीमार हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां दिमाग संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई। जम्मू के चिकित्सकों ने पबजी की वजह से अपने यहां आया साल छठवां मामला बताया, साथ ही बच्चों को इस गेम से दूर रखने की सिफारिश की।  मुंबई में 18 साल के लड़के को पबजी खेलने का ऐसा  जुनून सवार हुआ कि उसने माता पिता से नए फोन की मांग कर डाली। माता पिता ने फोन नहीं दिलाया तो आत्म हत्या कर ली।

 

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बीजेपी एमएलए, बोले- दलित विरोधी है भाजपा सरकार

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जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिले में चिनानी से बीजेपी विधायक दीनानाथ भगत ने अपनी पार्टी की सरकार पर सवालिया निशान उठाए हैं। भगत का कहना है कि राज्य में पीडीपी से था मिलकर बनी बीजेपी की सरकार दलित विरोधी है। दीनानाथ ने ये भी कहा कि इस सरकार ने ना तो दलितों के लिए कुछ किया है और ना ही जम्मू के विकास के लिए कुछ। भगत ने राज्य के नए उप मुख्यमंत्री के उस बयान को लेकर भी हमला बोला है जिसमें उन्होंने कहा था कि कठुआ जैसे मामले छोटे हैं इन्हें इतना तूल नहीं देना चाहिए। एएनआई से बात करते हुए बीजेपी एमएलए दीनानाथ भगत ने कहा कि मैं इस तरह के बयानों की सरासर निंदा करता हूं।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के नए डिप्टी सीएम कविंदर गुप्ता ने राज्य के कठुआ गैंगरेप को लेकर विवादित बयान दिया था। दरअसल जब राज्य के नए उपमुख्यमंत्री से कठुआ गैंगरेप को लेकर पत्रकारों ने सवाल किया तो उन्होंने कह दिया कि ‘कठुआ मामला छोटी सी बात है इसको इतना तूल देना नहीं चाहिए’। हालांकि जल्द ही नए उपमुख्यमंत्री ने अपने बयान पर सफाई भी पेश की। सफाई देते हुए उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता ने कहा कि कठुआ का मामला अदालत में है अब उसपर सुप्रीम कोर्ट तय करेगी। बार-बार उस मुद्दे को छेड़ना ठीक नहीं है। इस मामले को तुल देना अच्छी बात नहीं है। मैंने यह कहा कि इस तरह के काफी मामले हैं। जानबूझ कर इसको भड़काने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

इससे पहले आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा-पीडीपी की गठबंधन सरकार में सोमवार (30 अप्रैल) को बड़ा फेरबदल किया गया। रविवार (29 अप्रैल) को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा नेता) निर्मल सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में उपमुख्यमंत्री का पद खाली हो गया था। निर्मल सिंह के इस्तीफे के बाद कठुआ विधायक राजीव जसरोटिया समेत भाजपा के पांच और विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।

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खेलो इंडिया खेलो प्रतियोगिता में परमजीत और मानसी ने स्वर्ण जीत कर बढ़ाया चमोली जिले और उत्तराखंड का कद

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चमोली:- राष्ट्रीय स्तर पर खेलो इंडिया खेलो प्रतियोगिता में चमोली ही नहीं बल्कि उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाले परमजीत सिंह बिष्ट व मानसी नेगी ने अभावों में जीवन जीकर मुकाम तय करने वाले किशोरों में हैं। सीमित संसाधनों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा से देश में नाम कमाने वाले ये युवा सीमांत चमोली जिले के गांवों से उभरकर आए हैं। इनकी सफलता पर साथी छात्र छात्राओं, गुरुजन सहित गांव व जिला जश्न में है।

तीन हजार मीटर वाक रेस में गोल्ड मैडल लेने वाली मानसी नेगी ने तो चमोली की बालिकाओं को मानो कुछ अलग करने का हौसला दिया है। गोपेश्वर के नैग्वाड़ स्थित कन्या जूनियर हाइस्कूल में दसवीं की छात्रा मानसी नेगी चमोली के दशोली ब्लाक के दूरस्थ गांव मजोठी की रहने वाली है। पेशे से मैकेनिक मानसी के पिता लखपत सिंह नेगी की 2016 में मृत्यु हो चुकी है।

मानसी की मां शकुंतला देवी गांव में ही खेती मजदूरी कर बेटी को आगे बढ़ने का हौसला देती रही। यही कारण है कि बेहद अभावों में भी उसके अंदर कुछ अलग करने का जज्बा हमेशा रहा। उसने तीन हजार मीटर वाक रेस में प्रथम स्थान प्राप्त कर चमोली ही नहीं बल्कि उत्तराखंड का भी नाम रोशन किया है। मानसी की प्रारंभिक शिक्षा कक्षा तीन तक अलकनंदा पब्लिक स्कूल मजोठी में हुई। इस स्कूल के बंद हो जाने के कारण उसने आठवीं तक की पढ़ाई नेशनल पब्लिक स्कूल व नवीं से कन्या हाइस्कूल नैग्वाड़ में की है।

मानसी का कहना है कि अगर इसी तरह सही मार्गदर्शन व आगे बढ़ने के लिए संसाधन मिले तो वह दुनिया में भी नाम रोशन कर सकती है। वह इस सफलता का श्रेय मां सहित गुरुजनों को देती है और कहती है कि सभी ने उसे हौसला दिया। मानसी के गांव में नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में पांच हजार मीटर वाक रेस में प्रथम पायदान पर आकर गोल्ड मैडल लेने वाले ग्राम खल्ला, पोस्ट आफिस मंडल निवासी परमजीत सिंह बिष्ट इंटर कालेज बैरागना में कक्षा 11 का छात्र है।

परमजीत के पिता जगत सिंह बिष्ट खल्ला में ही गांव की छोटी सी दुकान चलाते हैं। मां हेमलता देवी गृहणी है। अभावों की जिंदगी जीने वाले परमजीत को दौड़ लगाने की आदत घर से बैरागना स्कूल तक तीन किमी जाने के दौरान ही पड़ी थी। प्रतिदिन घर का काम निपटाने के बाद विद्यालय पहुंचने के लिए उसे दौड़ लगानी पड़ती थी।

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