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राजनीति

हर मुद्दे पर फेल सरकार का फर्जी मुकदमा, वॉरंट, गिरफ्तारी, जेल और बेल का खेल:- कन्हैया कुमार

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दोस्तों, साल 2020 समस्त मानवता के लिए मुश्किलों और कठिन चुनौतियों से भरा वर्ष रहा हैI देश का लगभग हर समुदाय और वर्ग कोरोना काल में किसी न किसी रूप से प्रभावित हुआ है लेकिन कोरोना और असफल लॉकडाउन का सबसे बुरा असर विद्यार्थियों, नौजवानों, मज़दूरों, किसानों, गरीबों, मध्यम वर्ग, व्यापारी वर्ग, लघु और मंझोले उद्योगों पर पड़ा हैI इसका नतीजा अर्थव्यवस्था के साथ साथ समाज और लोगों की मनोदशा पर साफ-साफ देखा जा सकता हैI पूरा समाज ही भारी मानसिक दबाव से गुजर रहा हैI इस बीच देश में जहां समाज के हर क्षेत्र से जुड़ी हस्तियों की कोरोना से असमय मृत्यु हुई है वहीं लाखों लोग अपनों को खोने का व्यक्तिगत दुख झेल रहे हैंI पिछले कुछ महीनों में देश ने कई प्रसिद्ध कलाकारों, लेखकों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, शिक्षाविदों, डॉक्टरों, वैज्ञानिकों, खिलाड़ियों, सीमा पर तैनात जवानों और प्रसिद्ध नेताओं को खोया हैI बीते कुछ दिनों में ही प्रखर समाजवादी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री माननीय रघुवंश बाबू और सामाजिक योद्धा व हरियाणा के पूर्व मंत्री स्वामी अग्निवेश जी के निधन से लोग मर्माहत हैंI लोग इन बुरी खबरों से उबरने की कोशिश में लगे रहते हैं कि तभी अचानक असमय मौत की कोई नई खबर आ जाती हैI इस दौर में अन्य लोगों की तरह मैंने भी अपने मित्रों, आंदोलनों के साथियों, दोस्तों व परिचितों के रिश्तेदारों, जीवन के अलग-अलग पड़ावों के अभिभावकों व गुरुजनों और चाचा जी को खोया हैI बिहार के किसान नेता, पूर्व विधायक व सीपीआई के तत्कालीन राज्यमंत्री कॉमरेड सत्यनारायण सिंह जी सहित कई करीबियों की मौत कोरोना के कारण हुई हैI

दुख की इस घड़ी में हम सबका पूरा ध्यान इस बात पर है कि कैसे खुद को ठीक रखते हुए और अपने दुख और भावनाओं को नियंत्रित करते हुए अपने मित्रों, परिचितों और दूसरे लोगों की परेशानियों और चुनौतियों का मिलकर मुकाबला किया जा सकेI हर दिन देश में हज़ारों नए केस सामने आ रहे हैंI कुल मरीजों की संख्या 50 लाख के पार पहुँच चुकी हैI रोज एक हज़ार से अधिक लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ रही हैI यह कितना चिंताजनक है कि सरकार कोरोना और चीन को छोड़कर देश के नागरिक समाज से लड़ रही हैI लड़ना चाहिए था गिरती अर्थव्यवस्था से, बेरोजगारी से लेकिन वह लड़ रही है लेखकों, कलाकारों, पत्रकारों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों सेI एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार खुद मानती है कि लॉकडाउन के कारण देश के लगभग दो करोड़ छोटे और मंझोले औद्योगिक केंद्र बंद हो गएI संसद में मजदूरों की मौत की संख्या के सवाल पर सरकार ने कहा कि हमारे पास कोई आंकड़ा नहीं हैI पिछले पैंतालीस साल में बेरोजगारी अपने चरम पर और जीडीपी आजाद भारत में सबसे निचले स्तर पर पहुँच चुकी हैI एक रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ जुलाई में तकरीबन पचास लाख लोगों की नौकरियां गई हैंI देश में पहले से ही किसान आत्महत्या कर रहे थे और इस असफल लॉकडाउन के बाद कई व्यापारियों द्वारा पूरे परिवार सहित आत्महत्या की खबरें सामने आई हैंI कई रिपोर्ट और ख़बरों में यह बात सामने आई है कि पिछले कुछ महीनों में बेरोजगार युवकों की आत्महत्या दर ने किसान आत्महत्या की दर को भी पीछे छोड़ दिया हैI शर्मनाक यह कि जहां लोग अपनी बुनियादी जरूरत की चीजों को खरीद नहीं पा रहे वहीं सत्ताधारी दल विधायक और लोकतंत्र की बोली लगा रहे हैंI देश ने सरेआम मेहनतकशों का घर-बार उजड़ते देखा, पैदल चलकर सड़कों और पटरियों पर दम तोड़ते देखाI एक तरफ लोग अस्पताल में बेड, दवाई, ऑक्सीजन और इलाज की कमी से जान गंवा रहे हैं और हमारे कोरोना योद्धा अपनी जान की परवाह किए बिना हर रोज 18 घंटे काम करके लोगों की जान बचाने में लगे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य मंत्री लूडो खेलते हुए फोटो खिंचवा रहे हैंI सरकार के फोटोशूट में देश के आम लोगों के दुखों की तस्वीर धुंधली हो जाए, इसलिए ही सरकार के टुकड़ों पर पलने वाली रागदरबारी मीडिया के शोर से नीट की परीक्षा का विरोध करने वाले विद्यार्थियों, रोजगार मांग रहे जवानों और किसानों के हक की आवाज को दबाने की तमाम कोशिशें जारी हैंI

टीवी स्टूडियो की फर्जी बहस और सोशल मीडिया के ट्रोलों और बिकाऊ ट्रेंड का एकमात्र उद्देश्य है कि देश के लोगों के असली जरूरी मुद्दे को दबा दिया जाए। हालाँकि इस सरकार में यह कोई नई बात नहीं हैI पिछले कुछ सालों में देश ने देखा है कि कैसे एक बेवजह का मुद्दा उछाला जाता है, लोग आपस में बहस करना शुरू करते हैं, समाज खेमों में बंट जाता है, फर्जी न्यूज व फर्जी सूचनाओं के आधार पर फर्जी पक्ष-विपक्ष बन जाता है और सरकार इस बीच देश की कोई महत्वपूर्ण कंपनी या कीमती संसाधन कौड़ियों के दाम पर चंदा देने वाले अपने अरबपति दोस्तों को बेच देती हैI देश का ध्यान इस ओर जाए, इस पर कोई सकारात्मक विमर्श हो पाए, इससे पहले ही एक नया शगूफा छोड़ दिया जाता हैI बड़ी चालाकी से देश को बेचा जा रहा है, लूटा जा रहा है और आम लोगों को कंगाल बनाया जा रहा है और सरकार की हर विफलता के बाद इसे छिपाने के लिए या तो एक नया फर्जी दुश्मन गढ़ लिया जाता है या फिर गड़े मुर्दे उखाड़कर आज के हमारे जीवन के असली सवालों को दफन कर दिया जाता हैI लेकिन सवाल यह है कि क्या छिपाने से मुद्दे छिपाये जा सकते हैं? क्या झूठ से सच को दबाया जा सकता है? क्या यह सरकार इस बात से इनकार कर सकती है कि कोरोना काल में इनके झूठे दावों, नकली सपनों और जुमलों की धज्जियां उड़ गई हैं? यही कारण है कि यह सरकार इस देश में कोई सकारात्मक बहस नहीं चाहतीI यह नहीं चाहती कि देश में रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी, पर्यावरण और देश को सचमुच महान बनाने वाले मुद्दों पर बात होI

जो लोग इस देश में आम लोगों की परवाह करते हैं, प्यार, न्याय और अधिकार की बात करते हैं, जो समझते हैं कि सरकार से सवाल करना ही देशहित है, जो जानते हैं कि लोगों से ही देश बनता है और उनके अधिकारों की रक्षा करना ही देश और लोकतंत्र की सेवा है, ऐसे लोगों को समाज में बदनाम करना, उनके खिलाफ फर्जी वीडियो बनाकर मीडिया ट्रायल करना, सोशल मीडिया पर झूठ फैलाना, सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करते हुए झूठे मुकदमे करना और जेल में डालना इस सरकार की आदत और जरूरत दोनों बन गई हैI न्याय, बराबरी, शांति और सौहार्द की बात करने वाले, संविधान की भाषा बोलने वाले और गांधी, आंबेडकर, भगत सिंह, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि की बात करने वाले लोग 2014 से ही सरकार के निशाने पर हैंI ऐसा कैसे हो सकता है कि गोडसे को महान बताने वाले, गोली मारने की बात करने वाले, खुलेआम हिंसा की बात करने वाले और गोली चलाने वाले देशभक्त हो गए और इनका विरोध करने वाले लोग देशद्रोही बता दिए गएI दंगाई सरकार में बैठ गए और शांति की अपील करने वाले दंगाई करार दिए जा रहे हैंI “दंगा भड़काओ, मुद्दा भटकाओ योजना” को गति देते हुए देश के हर हिस्से में आपदा में राजनीतिक बदला लेने का नया अवसर ढूंढ़ लिया गया हैI पिछले दिनों बेगूसराय में एक साहसी और जुझारू नौजवान साथी संतोष ठाकुर, जो समाज में हक़ की आवाज बुलंद करते थे, लॉकडाउन में हुई पुलिसिया दमन से उनकी मौत हो गईI पिछले दिनों ही बेगूसराय के किसानों पर बर्बर लाठीचार्ज किया गयाI

बात पीपली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज की हो या फिर बेगूसराय में किसानों पर हुए दमन की, एक बात बिल्कुल साफ है कि कोरोना की रोकथाम में विफल यह सरकार अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र दोनों का कचूमर निकाल रही हैI जो भी सरकार की इस नाकामी का विरोध करते हैं, उनको किसी न किसी बहाने प्रताड़ित किया जाता हैI पिछले कई महीनों से देश के कई मशहूर तो कई कम जाने-पहचाने नाम लोकतंत्र के हक में आवाज उठाने की कीमत जेलों में रहकर चुका रहे हैंI असम के किसान नेता अखिल गोगोई, सुधा भारद्वाज, आनंद तेलतुमड़े सहित दर्जनों लोग लंबे समय से जेल में कैद हैंI डॉक्टर कफील को जेल की लंबी प्रताड़ना के बाद पिछले दिनों कई महीनों बाद रिहा किया गया है, लेकिन आज भी एनआरसी और सीएए का विरोध करने वाले कई सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्त्ता जेलों में बंद हैंI हार्दिक पटेल को जमानत के बाद भी गुजरात से बाहर जाने की इजाजत नहीं हैI पहले से ही सामाजिक कार्यकर्त्ता और आंदोलनकारी इस सरकार के निशाने पर तो थे ही कोरोना की आड़ में दिल्ली दंगों के जांच के नाम पर सरकार विरोधी आवाज को कुचलने का प्रयास लगातार जारी है. सैकड़ों लोगों को पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है और कई विद्यार्थियों को गिरफ्तार भी किया गयाI इसी कड़ी में नताशा और देवांगना के बाद हाल ही में उमर को भी गिरफ्तार किया गया और दस दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गयाI हद तो तब हुई जब सीताराम येचुरी, योगेंद्र यादव, सबा दीवान, राहुल रॉय, प्रोफेसर अपूर्वानंद और प्रोफेसर जयति घोष को इन दंगों के आरोपों के घेरे में लिया जाने लगाI सवाल यह है कि भाजपा के नेताओं को, जिन्होंने खुलेआम दंगा भड़काने का काम किया, उन्हें पूछताछ के लिए क्यों नहीं बुलाया गया और उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुईI कहते हैं न सैयां भए कोतवाल तो डर काहे का? दिल्ली दंगों की जांच पर सवाल उठना लाजिमी है क्योंकि इस जांच का उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना नहीं बल्कि राजनीतिक बदला लेना हैI

यह बात बड़ी चिंताजनक है कि किसी की जान जाती है और कोई इसमें राजनीतिक फायदा ढूंढ़ता हैI इन नफरतवादियों से देश और समाज को बचाना होगाI जो लोग इसकी जरूरत समझते हैं, उनसे बस एक आग्रह है कि किसी भी सूरत में हमें भाजपा के हिंदू-मुस्लिम खेल को समझना होगाI ऐसी हर बहस से हमें सावधान रहने की जरूरत है जिसका अंत कहीं न कहीं हिंदू और मुसलमान के बीच बढ़ रही खाई को और चौड़ा करता हो. वे अपने उद्देश्यों में बिल्कुल साफ हैंI वे चाहते हैं कि आम नागरिकों के हक की लड़ाई को हिंदू और मुसलमान में बांट दिया जाए और जो भी इसका विरोध करे, चाहे उसका नाम और उपनाम कुछ भी हो, उसे ये अपना दुश्मन मानते हैंI हम सबको मिलकर समाज को बांटने की इस साजिश को नाकाम करना होगाI हर हाल में इंसाफपसंद लोगों को अपनी एकता बनाकर रखनी होगीI इस आपदा की घड़ी ने अपनी आवाज को बुलंद करने के साधनों को वैसे ही सीमित कर रखा है, ऐसे में जो लोग जिस भी तरीके से और जिस किसी माध्यम से अपनी आवाज उठा रहे हैं, हमें उनका समर्थन और सहयोग करना चाहिएI आखिर में जीत वास्तविकता की ही होगी, झूठ तो आखिर झूठ ही है चाहे कितना ही शानदार क्यों न होI यह दौर भी बीतेगा, जब पहले वाला नहीं रहा तो यह वाला भी गुजर जाएगाI बस हमें ईमानदारी से समाज को बेहतर बनाने का प्रयास करते रहना चाहिए।

लड़ेंगे-जीतेंगेI

#StopWitchHunting
#NoToMediaTrial
#ReleaseAllPoliticalPrisoners
#LongLiveDemocracy

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भाजपा कांग्रेस ने जनता को सिर्फ ठगा है:- आम आदमी पार्टी नेता रजिया बेग,

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सहसपुर विधानसभा के गणेशपुर में आम आदमी पार्टी की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष रजिया बेग ने कहा कि प्रदेश में सत्ता रहने वाली भाजपा और कांग्रेस पार्टी ने बारी-बारी से यहां के निवासियों को ठगने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर प्रदेश की जनता की सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

बैठक में गणेशपुर और आसपास के क्षेत्रवासियों ने काफी संख्या में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। नए सदस्यों का स्वागत करते हुए आप की प्रदेश उपाध्यक्ष व बार काउंसिल की पूर्व चेयरमैन रजिया बेग ने पार्टी की नीतियों पर विस्तार से चर्चा किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड बनने के बाद से लेकर अभी तक प्रदेश में कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस की सरकार रही, लेकिन इन दोनों पार्टियों ने सत्ता में रहते हुए प्रदेश की जनता को कोई सुविधा नहीं दिया।

सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक सरकार जनता को उपलब्ध नहीं करा पाई हैं। उन्होंने दिल्ली सरकार का उदहारण देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार के कामकाज की आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी तारीफ हो रही है। वहां की जनता को बिजली पानी मुफ्त में मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश की सरकारें ईमानदारी से काम करती तो पहाड़ के निवासियों को पलायन नहीं करना पड़ता।

समस्याओं का निस्तारण कर रही सरकार

 

सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम झाझरा में आयोजित बहुद्देश्यीय शिविर में विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने विभिन्न समस्याओं के निस्तारण का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं के निराकरण व सरकार की योजनाओं से पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। शिविर में क्षेत्रवासियों की विभिन्न समस्याओं को निस्तारित किया गया।

शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 23 मामलों में आवेदन प्राप्त हुए इसमें कुल नौ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अन्य 14 शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों ने आवेदनकर्ताओं से एक माह का समय लिया है। शिविर में कृषि विभाग से आशाराम वर्मा, प्रमोद कुमार, श्रीदेव सिंह, विकासखंड अधिकारी शकुंतला शाह, आंचल, आनंद सिंह, उद्यान विभाग से जेडी वर्मा, जिला पूर्ति विभाग से विजय नैथानी, कमला रावत, पंकज शर्मा, दर्शन सिंह सजवाण उपस्थित रहे।

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राजनीति

मैं हमेशा ही नितीश कुमार के खिलाफ रहा हूँ: चिराग पासवान

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लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) से राहें जुदा कर ली हैं. हालांकि, वह बीजेपी के साथ हैं और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) से नाराज हैं. एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में चिराग पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू (JDU) को हर सीट पर हराना हमारा मकसद है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सहयोगियों की सुनते नहीं हैं. साथ ही पासवान ने यह भी कहा कि  हम JDU के साथ मजबूरी में थे. अब जनता दल यूनाइटेड (JDU) को हर सीट पर हराना ही हमारा मक़सद है.

चिराग पासवान ने रविवार को बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) का हिस्सा बने रहते हुए ही अलग चुनाव लड़ने का ऐलान किया. उन्होंने जेडीयू के खिलाफ सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने, लेकिन बीजेपी (BJP) प्रत्याशियों के खिलाफ नहीं लड़ने की बात कही थी. हालांकि, अब चिराग पासवान ने कहा कि कुछ सीटों पर बीजेपी के खिलाफ भी उम्मीदवार उतारने की तैयारी है.

एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा, “मैं हमेशा नीतीश कुमार के खिलाफ रहा. नीतीश का पत्ता हम नहीं जनता काटेगी.” गठबंधन को लेकर पूछ गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गठबंधन में रहने के लिए बीजेपी का कोई दबाव नहीं था. हम पीएम मोदी के प्रति समर्पित हैं. चुनाव नतीजों के बाद जेडीयू के साथ जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर अभी बात नहीं की जानी चाहिए.

पासवान ने दावा किया है कि बिहार चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और लोक जनशक्ति पार्टी की डबल इंजन वाली सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि कुछ सीटों पर BJP के ख़िलाफ़ उम्मीदवार भी उतारने की तैयारी है

NDTV के इंटरव्यू में चिराग पासवान की 10 बड़ी बातें-
1.    नीतीश सहयोगियों की नहीं सुनते
2.    हम JDU के साथ मजबूरी में थे
3.    JDU को हर सीट पर हराना मक़सद
4.    मैं हमेशा नीतीश के ख़िलाफ़ रहा
5.    गठबंधन में रहने के लिए BJP का कोई दबाव नहीं
6.    हम पीएम मोदी के प्रति समर्पित
7.    नतीजे के बाद JDU के साथ की अभी बात नहीं
8.    BJP-LJP की डबल इंजन की सरकार बनेगी
9.    कुछ सीटों पर BJP के ख़िलाफ़ उम्मीदवार भी
10.    नीतीश का पत्ता हम नहीं जनता काटेगी.

(साभार: khabar.ndtv.com)

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देश

रामविलास पासवान का हुआ दिल का आपरेशन, शनिवार को बिगड़ी तबियत

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लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party) के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के स्वास्थ्य को लेकर अपडेट सामने आया है। बेटे चिराग पासवान (Chirag paswan) ने बताया कि शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद देर रात उनके दिल का ऑपरेशन किया गया है। संभव है कि अगले कुछ हफ्तों में एक और ऑपरेशन करना पड़े। चिराग पासवान ने ट्वीट करके अपने पिता के स्वास्थ्य की जानकारी दी है।

शनिवार शाम अचानक बिगड़ गई रामविलास पासवान की तबीयत

केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान की तबीयत काफी समय से ठीक नहीं चल रही है। उनका इलाज दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा है। इस बीच शनिवार को उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने की जानकारी सामने आई। जिसके बाद चिराग पासवान तुरंत ही अपने पिता को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे। इस बीच बिहार चुनाव को लेकर शनिवार को एलजेपी संसदीय बोर्ड की अहम बैठक भी थी, जिसे टाल दिया गया।

 

चिराग पासवान बोले- कुछ हफ्तों में एक और सर्जरी संभव

इसके बाद एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार सुबह करीब 5 बजे एक ट्वीट किया, इसमें उन्होंने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की तबीयत के बारे में बताया। उन्होंने लिखा, ‘पिछले कई दिनों से पापा का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कल शाम अचानक उत्पन हुई परिस्थितियों की वजह से देर रात उनके दिल का ऑपरेशन करना पड़ा। जरूरत पड़ने पर सम्भवतः कुछ हफ्तों बाद एक और ऑपरेशन करना पड़े। संकट की इस घड़ी में मेरे और मेरे परिवार के साथ खड़े होने के लिए आप सभी का धन्यवाद।’

दिल्ली के अस्पताल में चल रहा पासवान का इलाज

रामविलास पासवान की बीमारी को लेकर बेटे चिराग ने पहले भी अपनी बात रखी थी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को एक बेहद भावपूर्ण चिट्ठी भी लिखी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि आज मेरे पिता को जब मेरी जरूरत है तो मुझे उनके साथ रहना चाहिए नहीं तो मैं अपने आपको माफ नहीं कर पाऊंगा। दूसरी ओर बिहार चुनाव को लेकर भी चिराग पासवान को कई जरूरी फैसले लेने हैं। खास तौर से एनडीए में रहने को लेकर एलजेपी का क्या रुख है इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। हालांकि चिराग पासवान ने शनिवार को एक ट्वीट के जरिए अपनी आगे की रणनीति की ओर इशारा जरूर कर दिया।

बिहार चुनाव में 143 सीट पर उम्मीदवारी की तैयारी में LJP

एलजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष चिराग पासवान ने शनिवार को अपने ट्वीट से ये संकेत दे दिए एलजेपी बिहार में 143 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है। चिराग पासवान ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी तस्वीर शेयर की है। जिसके साथ उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के सभी उम्मीदवार प्रधानमंत्री के हाथ मजबूत करेंगे। साथ ही ये भी साफ कर दिया कि उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पार्टी जेडीयू से शिकायत है। उन्होंने मोदी के संग अपनी एक तस्वीर के साथ ट्विटर पर एक संदेश पोस्ट किया, ‘मुझे आशा ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि बिहार को फर्स्ट बनाने के लिए और बिहार की खोई अस्मिता को लौटाने के लिए आप सभी मुझे अपना आशीर्वाद देंगे, ताकि मेरे सभी प्रत्याशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मजबूत कर सकें।’

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