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कन्हैया कुमार का बेगूसराय दौरा कहीं 2019 के चुनाव का आगाज तो नही?

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आज कल जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार अपने गृह जनपद बेगूसराय में है और वहां पर घूम घूम कर जन सम्पर्क कर रहे है। छात्र छात्राओं से मिल रहे है और बड़े बुजुर्गों से आशीर्वाद लेते नजर आ रहे है। हाल ही में कन्हैया कुमार ने बेतिया में एक जन सभा को संबोधित किया और मोदी सरकार पर जम कर हमला किया है। वैसे तो कन्हैया कुमार हर बार ही मोदी सरकार पर हमला बोलते नजर आते है लेकिन इस बार उन के तेवर कुछ और ही कह रहे है।
हालांकि इस बात की पुष्टि करने का हमारे पास कोई सबूत नही है और ना ही हमारी कन्हैया कुमार से किसी तरह की कोई बात हुई है की इस बात को सही ठहराया जाय कि कन्हैया कुमार ने 2019 के चुनाव का आगाज कर दिया है लेकिन जिस तरह से कन्हैया कुमार जनसंपर्क और छात्र छात्राओं, बड़े बुजुर्गों के बीच पहुँच रहे है उस हिसाब से लग रहा है कि कन्हैया कुमार 2019 के चुनाव के लिए कमर कस चुके है।
पूर्व में चल रही खबरों से यह तो स्पष्ट हो ही गया है कि कन्हैया कुमार 2019 में बेगूसराय से कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार होंगे। कन्हैया कुमार राजनीति में अपना सिक्का जमा चुके है और आज की तारीख में देश के जाने माने छात्र नेताओं में से एक है।
कन्हैया कुमार को मुख्य रूप से उन के तीखे तेवर और मोदी सरकार को आड़े हाथों लेने के लिए जाना जाता है। कुछ दिन पूर्व ही कन्हैया कुमार ने अपनी पीएचडी की थीसिस जमा कर के उन तमाम मोदी समर्थकों को करारा जवाब दिया जो कि कन्हैया के कई सालों से जेएनयू में रहने पर सवाल खड़े कर रहे थे।
अपने घर पहुचते ही अपनी पीएचडी की थीसिस अपनी मां को सौंपी है। कन्हैया की मां आज भी आंगनवाड़ी में सहयका है और उसी से अपने परिवार का पालन पोषण कर रही है।

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भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं पर लगे आजीवन प्रतिबंध: अखिलेश यादव

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Story By/- Haidar Baaghi

समाजवादी पार्टी (Samajwadi party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा नेताओं के बयानों की भाषा को लेकर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें जमकर निशाने पर लिया है! उनकी मांग है कि ऐसे नेताओं पर कार्रवाई करके उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया जाना चाहिए! यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि ‘भाजपा के जनप्रतिनिधियों का हिंसक वाचन एक भयावह स्थिति है! निम्नस्तरीय भाषा का इस्तेमाल न केवल छुटभइये नेता कर रहे हैं, बल्कि भाजपा के मंत्री भी वही भाषा बोल रहे हैं! ‘डंके की चोट पर’… ‘बोली के बदले गोली’ और ‘गोली मारो……..’ के साथ ही अब भाजपाई धुरंधर आजादी की लड़ाई के इतिहास को भी बिगाड़ने में लग गए हैं!


अखिलेश यादव ने भाजपा नेता अनंत हेगड़े के महात्मा गांधी पर दिए बयान पर क्षोभ जताते हुए कहा कि ‘गांधी जी के नेतृत्व में जिस आजादी के लिए लाखों लोगों ने कुर्बानी दी उसे भाजपा के एक सांसद को अंग्रेजों की सहमति से नाटक बताते शर्म नहीं आई, अखिलेश ने भाजपा पर यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं की नफरत भरी बयानबाजी के चलते कुछ युवा गुमराह होकर उन्मादी हो रहे हैं! अखिलेश यादव ने कहा, आज के सत्ताधारी जिस प्रकार समाज को नफरत से भर रहे हैं उसी का ये दुष्परिणाम है कि कुछ नौजवान असलहों के साथ साम्प्रदायिक उन्माद का प्रदर्शन करने लग गए हैं! राजनीति द्वारा पोषित इस घृणा से युवाओं में जो भटकाव आ रहा है, वह समाज और राष्ट्र की चिंता का विषय है! भाजपा-आरएसएस को इसके दुष्परिणामों से अभी से सबक लेना चाहिए!

अखिलेश यादव ने दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जिस तरह से सियासी पार्टियों ने अलग-अलग तरीके से बयान जारी किए हैं उस पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि, दिल्ली के चुनावों में भाजपाई बदजुबानी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है! इससे साबित होता है कि भाजपा अपनी साख और जमीन दोनों खोती जा रही है! भाषा के स्तर में गिरावट राजनीति में घटिया सोच और संकीर्ण मानसिकता को उजागर करती है! माननीय उच्च न्यायालय और चुनाव आयोग को बिगड़े बोलों का संज्ञान लेकर तुरन्त दंण्डात्मक कार्यवाही करनी चाहिए!

अखिलेश यादव ने मांग की है कि जरूरी तो यह है कि जानबूझकर भड़काऊ बयान देने वाले ऐसे असामाजिक तत्वों की संसद या विधानमंडल की सदस्यता रद्द करके इन पर सदैव के लिए प्रतिबंध लगाना चाहिए! साथ ही आगामी चुनावों में उन विषयों की सूची चुनाव आयोग को पहले से ही जारी करनी चाहिए जिन पर बोलने से दोषी की उम्मीदवारी रद्द हो जाए!

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भारत के गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात को लेकर शाहीनबाग के प्रदर्शनकारी दो गुटो में बटे।

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Story By/- Haidar Baaghi

भारत के गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात को लेकर शाहीनबाग के प्रदर्शनकारी दो गुटो में बंट गए हैं! याद रहे गृहमंत्री अमित शाह ने प्रदर्शनकारियों को एक चैनल के माध्यम से मुलाकात का न्योता दिया था। शाहीनबाग के कुछ प्रदर्शनकारी गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के पक्ष में आगे आए हैं, इन प्रदर्शनकारियो का कहना है कि वे आज दोपहर दो बजे मार्च करते हुए गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर उनसे मिलने के लिए जाएंगे!

दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार अमित शाह से मुलाकात और मार्च को लेकर अब तक किसी ने पुलिस से संपर्क नहीं किया है, मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि प्रदर्शनकारी मिलना चाहते हैं, तो वे गृह मंत्रालय से प्रतिनिधिमंडल मंडल की मुलाकात के लिए संपर्क करें! लेकिन शाहीनबाग से मार्च करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी!

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दिल्ली में बीजेपी की करारी हार का मतलब जनता धर्म पर नहीं कर्म पर वोट देगी। Prakash Raj

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Story By/- Haidar Baaghi

आम आदमी पार्टी की 62 सीट पर हुई इस प्रचंड जीत और बीजेपी की 08 पर हुई करारी शिकस्त पर नेता, अभिनेता एवं देश के सामाजिक कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रियाओं का भी दौर शुरु हो गया है। People’s BEAT के Associate Editor, Haidar Baaghi ने दिल्ली विधानसभा चुनाव नतीजे पर बॉलीवुड एक्टर Prakash Raj से टेलीफोन पर बातचीत कर उनकी प्रतिक्रिया जानना चाही। चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए Prakash Raj ने BJP पर ज़ोरदार कटाक्ष करते हुए कहा “राजधानी की जनता ने गोली मारने वालों को झाड़ू से मार साबित कर दिया” भाजपा हमें धर्म का नाम लेकर एक बार बेवकूफ बना सकती है बार-बार नहीं।

क्या दिल्ली विधानसभा चुनाव में BJP की हार के जिम्मेदार इनके बकैत नेताओं की बकैती है?

बीजेपी ने दिल्ली चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई बना लिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के तमाम दिग्गज नेताओं ने इस चुनाव में अपना पूरा ज़ोर आज़माया। बीजेपी की ओर से चुनाव को हिन्दुस्तान बनाम पाकिस्तान की जंग बताया गया। बीजेपी के कई नेताओं ने तो चुनाव जीतने के लिए दिल्ली की जनता को डराना एवं उकसाना तक शुरु कर दिया था।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने विपक्षियों को घेरते हुए ‘देश के गद्दारों को गोली मारो सालों को’ का नारा लगवाया था। इतना ही नहीं बीजेपी के एक और नेता एवं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आतंकवादी तक बता डाला था।

बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने तो यहां तक कह दिया था अगर बीजेपी हार गई तो दिल्ली की बहन बेटियां सुरक्षित नहीं रहेंगी। लेकिन बीजेपी की डराने की राजनीति को दिल्ली की जनता ने दरकिनार कर दिया और विकास के नाम पर वोट मांगने वाले अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर दिल्ली का सीएम चुन लिया।

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