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राजनीति

वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून ने खोली पोल, BJP नेता ने कहा-‘मोदी गुजरात हारे तो बदलेंगे संविधान’!

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नई दिल्ली। उत्तर  प्रदेश निकाय चुनावों के साथ-साथ देश की नजरें गुजरात के विधानसभा चुनावों पर भी टिकी हुई हैं। सभी सियासी दलों ने अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। वरिष्ठ पत्रकार और टीवी एंकर पुण्य प्रसून वाजपेयी ने भाजपा के एक नेता के साथ मुलाकात की। सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर एक पोस्ट में वाजपेयी ने खुलासा किया कि गुजरात चुनाव से पहले ही भाजपा के अंदर हालत अच्छे नहीं हैं। अपने लेख में वाजपेयी ने बताया कि बीजेपी के एक नेता कहा कि बीजेपी अगर गुजरात नहीं जीती तो संविधान को थोड़ा और तोड़-मरोड़ा जाएगा। वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी ने क्या लिखा, नीचे पढ़ें-

चाय की केतली से निकलता धुआं…और अचानक जवाब हमारी तो हालत ठीक नहीं है। क्यों इसमें आपकी हालत कहां से आ गई। अरे भाई पार्टी तो हमारी ही है। और जब उसकी हालत ठीक नहीं तो हमारी भी ठीक नहीं। यही तो कहेंगे। ठीक नहीं से मतलब। मतलब आप खुद समझ लीजिये। क्यों गली गली..बूथ बूथ…घूम रहे हैं। हां जब कोई दरवाजे दरवाजे घूमने लगे तो समझ लीजिये। ये हालत यूपी में तो नहीं थी। नहीं पर गुजरात की गलियां तो उन्होंने ही देखी हैं । बाकी तो पहली बार गलियां देख रहे हैं। सही कहा आपने गुजरात की गलियां सिर्फ उन्होंने ने देखी हैं। बाकियों को कभी देखने दी ही नहीं गई। अब जब हालात बदल रहे हैं तो गली गली घूम रहे हैं। वर्ना ये घूमते…फिर भी कितनी सीट मिलेंगी। सर्वे में तो 80 पार करना मुश्किल लग रहा है। सर्वे ना देखें मैनेज हो जायेगा। मैनेज हो जाये तो ठीक। क्यों ईवीएम ??? न न आप ईवीएम की गडबडी की बात मत करीये। ईवीएम में कोई गडबडी नहीं है।

पढ़ें- गुजरात चुनाव: बेटे को नहीं मिला टिकट तो भाजपा के इस पूर्व सांसद ने छोड़ी पार्टी

हमने तो 1972 का दौर भी देखा है जब इंदिरा गांधी जीत गई तो बलराज मघोक और सुब्रमण्यम स्वामी थे। उन्होंने कहा गडबडी बैलेट पेपर में थी। मास्को से बैलेट पेपर बन कर आये हैं। जिसमें ठप्पा कही भी लगाईये पर आखिर में दो बैलो की जोडी पर ही ठप्पा दिखायी देता है। ये सब बकवास तब भी था। अब भी है। तो अगर मैनेज हो ना पाया। तब क्या होगा। तब…संविधान कुछ और तोड़-मरोड़ दिया जायेगा। आप देख नहीं रहे है संसद का शीत कालीन सत्र टालना। और टालते हुये एहसास कराना कि “हम कुछ भी कर सकते है”। ये खतरनाक है। लेकिन हमें लगता है गुजरात हार गये तो डर जायेंगे। कुछ लोकतांत्रिक मूल्यो की बात होगी। अरे..तो डर में ही तो सबकुछ होता है। डर ना होता तो गुजरात देश से बड़ा ना होता। लेकिन कोई है भी नहीं जो कहें कि गलत हो रहा है। ठीक कह रहे है…मूछें एंठते रहिये..हम कैबिनेट मंत्री है। सारी ठकुराई निकल गई। पर गुजरात के बाद हो सकता है कोई निकले…अरे तब निकलने से क्या होगा। याद कीजिये निकले तो जगजीवन राम भी थे। पर कब…और हुआ क्या। बहुगुणा को ही याद कर लीजिये। निकलने के लिये नैतिक बल चाहिये। गाना सुना है ना आपने… ” सब कुछ लुटाकर होश में आये तो क्या मिला “। तो पार्टी तो आपकी है….फिर आप क्यों नहीं। देखिये अभी अपने अपने स्वार्थ के आसरे एकजूटता है। तो स्वार्थ हित कहता है विरोध मत करो। तो फिर हर कोई वैसे ही टिका है। और ये पार्टी दफ्तर नहीं रोजगार दफ्तर है। जो कार्यकत्ता बन गया उसे कुछ चाहिये। और कुछ चाहिये तो कुछ का गुणगाण करने भी आना चाहिये। तो चल रहा है। पर ये कब तक चलेगा। जबतक जनता को लगेगा। और जनता को कब तक लगेगा। जब तक उसे भूख नहीं लगेगी। भूख नहीं लगेगी का क्या मतलब हुआ। देखिये आज आपका पेट भी आजाद नहीं है। दिमाग तो दूर की बात है। आप खुद को ही परख लिजिये…और बताइये..मीडिया का क्या हाल है..सभी के अपने इंटरेस्ट हैं। तो झटके में संपादक कहां चला गया। इंदिरा के दौर में तो संपादक थे। इमरेजेन्सी लगी तो विरोध हुआ।

चाय के प्याले से कहीं ज्यादा तूफान है चाय के साथ बात में…

Posted by Punya Prasun Bajpai on Sunday, 26 November 2017

अब देखिये वसुंधरा राज की नीतियों का विरोध करते हुये एक अखबार संपादकीय खाली छोड देता है तो आपके मन में ये सवाल नहीं आता जिस देश में सरकार ने आपकी जिन्दगी को कैशलैस कर अपनी मुठ्ठी में सबकुछ समेटने की कोशिश की है उसके खिलाफ क्यों नहीं कोई अखबार संपादकीय खाली क्यो नहीं छोडता है। देखिये लोकतंत्र का स्वांग आप भी कर रहे हैं। और लोकतंत्र के इस स्वांग को जनता भी देख रही है। अगर लोकतंत्र के चारो पाये ही बताने लगे कि लोकतंत्र का मतलब वंदे मातरम् कहने में है तो जनता क्या करेगी। उसकी लड़ाई तो भूख से है। रोजगार से है।

हर कोई स्वांग कैसे कर रहा है आप खुद ही देख लिजिये…एक ने कहा गंगा में हाइट्रो पावर पोजेक्ट बनायेगे। दूसरा बोला गंगा में बडी बस चलायेगें। तीसरा बोला शुद्द करेंगे….अविरल कौन करेगा कौई नहीं जानता। और हालात इतने बुरे हो चले है कि दुनिया के रिसर्च स्कालर गंगा पर शोध कर समूचा खाका रख दे रहे है । अरे उन्हें ही पढ लो। आप भी पढिए ..आक्सफोर्ड पब्लिकेशन से एक किताब आई है ..गंगा फॉर लाइफ ..गंगा फॉर डेथ। सबकुछ तो उसने लिख दिया। और जि गंगा पर देश की 41 फिसदी आबादी निर्भर है। उस गंगा को लेकर भी आप मजाक ही कर रहे है। अरे…चाय तो पिजिये। ग्रीन टी है। इसमें केसर मिलाकर पिया किजिये इस मौसम में तबियत बिगडेगी नहीं। जी..अच्छी है चाय…हा हा इसमें शहद भी मिलाया कीजिये। गला साफ रहेगा…हां मेरी तो तबियत बिगडी हुई है। गला भी जाम है। पाल्यूशन दिल्ली में खासा बढा हुआ है । अब आप भी पल्यूशन के चक्कर मे ना रहिये …दिल्ली कोई आज से पोल्यूटेड है ..याद कीजिये 70-80 के दशक से ही दिल्ली में राजस्थान से रेगिस्तानी हवा उड़ कर आती थी। पूरा रिज का इलाका …वहा भी सिर्फ धूल ही धूल. हम काली आंधी कहते थे…घर के दरवाजे…खिड़की बंद करनी पडती थी। और ये गर्मी के वक्ततीन महीने मई से जुलाई के दौर में रहता था। तब पोल्यूशन नहीं रहता था क्या…..प्रदूषण पूरे देश में है। पर प्रदूषण से बचने के उपाय का बाजार दिल्ली में है। तो डर के इस बाजार को हर जगह पैदा किया जा रहा है। देखिये जब कोई काम नहीं होता है तो ऐसा ही होता है….दिल्ली-मुबई के जरीये बताया गया…इज आफ बिजनेस….अरे भाई मौका मिले तो एक बार विदेश मंत्रालय की आफिसियल साइट को ही देख लिजिये..अगर देश में धंधा करना इतना शानदार है तो फिर बीते दो-तीन बरस में सबसे ज्यादा बारतीय देश छोडकर चले क्यो गये….लगातार जा रहे है।

पढ़ें- यूपी में बलात्कार के वीडियो का धड़ल्ले से चल रहा कारोबार, जितने ज्यादा चीखें उतने ज्यादा दाम

आपको आंकडे मिल जायेंगे.कैसे कब दो करोड से चार करोड भारतीय विदेश में बसने की स्थिति में आ गये….द इक्नामिक इंपोर्टेस आफ हंटिंग पढ़ें…आप बार बार किताबों का रेफरन्स देते है। तो क्या मौजूदा वक्त में कोई पढता नहीं..पढ़ता होगा..पर आप जरा सोचिये जर्मनी की काउंसलर से लेकर हर कोई भारतीय प्रमुखों के सामने बैठे है…और अचनक एक नौकरशाह बताने लगे कैसे खास है हमारे वाले….बहुत बोलते नहीं …पर बडे बडे काम खामोशी से करते है ….यानी राग दरबारी दुनिया के बाजार में भी…तो प्रभावित हर किसी को होना ही चाहिये…हो भी रहे है …पहली बार हर कोई देख रहा है …इस लहजे में भी बात होती है। आप जरा रुस के राष्ठ्रपति पुतिन को ही देख लें। कैसे आज की तारिख में वह कितने ताकतवर है। और कैसे हो गये। रुस तो खुलापन खोजते खोजते ढह गया..औ पुतिन के ही सारे सगे संबंधी हर बडी कंपनी के सर्वोसर्वा है…अब गैस की पाइपलाइन को थोडा सा ही ऐंठ दिया तो जर्मानी तक पर संकट आ जायेगा….हर हम तो इनर्जी से लेकर रोजगार तक को लेकर ड्राफ्ट तैयार किया। देश की आठ प्राथमिकता क्या होनी चाहिये इसे बताया। 2014 कै मैनीपेस्टो को ही पलट कर आप देख लिजिये…देखिये बौद्दिकता एक जगह….सत्ता हांकना एक जगह। दिल्ली से सटा इलाका है मनेसर। वहा पर दिमाग का रिसर्च सेंटर है। पर जरा किसी से पूछिये दिमाग और माईंड में अंतर क्या है ..कौन बतायेगा। दरअसल ब्रेन इज द साउंड बाक्स आफ माइंड। या आप कहे ब्रेन कंप्यूटर है। पर माइंड साफ्टवेयर है। पर यहा तो बात हार्ड वर्क की हो रही है…कौन ज्यादा से ज्यादा दौडता नजर आ रहा है।

……बाते चलती रही .चाय की और प्याली भी आ गई…पर ये बात किससे हो रही है,,कहा हो रही है । हमारे ख्याल से ये बताने की जरुरत नहीं होनी चाहिये..सिर्फ समझ लेना चाहिये हवा का रुख है कैसा..तो आप सोचिये कौन है ये शख्स।

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भाजपा कांग्रेस ने जनता को सिर्फ ठगा है:- आम आदमी पार्टी नेता रजिया बेग,

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सहसपुर विधानसभा के गणेशपुर में आम आदमी पार्टी की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष रजिया बेग ने कहा कि प्रदेश में सत्ता रहने वाली भाजपा और कांग्रेस पार्टी ने बारी-बारी से यहां के निवासियों को ठगने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर प्रदेश की जनता की सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

बैठक में गणेशपुर और आसपास के क्षेत्रवासियों ने काफी संख्या में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। नए सदस्यों का स्वागत करते हुए आप की प्रदेश उपाध्यक्ष व बार काउंसिल की पूर्व चेयरमैन रजिया बेग ने पार्टी की नीतियों पर विस्तार से चर्चा किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड बनने के बाद से लेकर अभी तक प्रदेश में कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस की सरकार रही, लेकिन इन दोनों पार्टियों ने सत्ता में रहते हुए प्रदेश की जनता को कोई सुविधा नहीं दिया।

सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक सरकार जनता को उपलब्ध नहीं करा पाई हैं। उन्होंने दिल्ली सरकार का उदहारण देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार के कामकाज की आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी तारीफ हो रही है। वहां की जनता को बिजली पानी मुफ्त में मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश की सरकारें ईमानदारी से काम करती तो पहाड़ के निवासियों को पलायन नहीं करना पड़ता।

समस्याओं का निस्तारण कर रही सरकार

 

सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम झाझरा में आयोजित बहुद्देश्यीय शिविर में विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने विभिन्न समस्याओं के निस्तारण का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं के निराकरण व सरकार की योजनाओं से पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। शिविर में क्षेत्रवासियों की विभिन्न समस्याओं को निस्तारित किया गया।

शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 23 मामलों में आवेदन प्राप्त हुए इसमें कुल नौ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अन्य 14 शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों ने आवेदनकर्ताओं से एक माह का समय लिया है। शिविर में कृषि विभाग से आशाराम वर्मा, प्रमोद कुमार, श्रीदेव सिंह, विकासखंड अधिकारी शकुंतला शाह, आंचल, आनंद सिंह, उद्यान विभाग से जेडी वर्मा, जिला पूर्ति विभाग से विजय नैथानी, कमला रावत, पंकज शर्मा, दर्शन सिंह सजवाण उपस्थित रहे।

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राजनीति

मैं हमेशा ही नितीश कुमार के खिलाफ रहा हूँ: चिराग पासवान

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लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) से राहें जुदा कर ली हैं. हालांकि, वह बीजेपी के साथ हैं और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) से नाराज हैं. एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में चिराग पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू (JDU) को हर सीट पर हराना हमारा मकसद है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सहयोगियों की सुनते नहीं हैं. साथ ही पासवान ने यह भी कहा कि  हम JDU के साथ मजबूरी में थे. अब जनता दल यूनाइटेड (JDU) को हर सीट पर हराना ही हमारा मक़सद है.

चिराग पासवान ने रविवार को बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) का हिस्सा बने रहते हुए ही अलग चुनाव लड़ने का ऐलान किया. उन्होंने जेडीयू के खिलाफ सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने, लेकिन बीजेपी (BJP) प्रत्याशियों के खिलाफ नहीं लड़ने की बात कही थी. हालांकि, अब चिराग पासवान ने कहा कि कुछ सीटों पर बीजेपी के खिलाफ भी उम्मीदवार उतारने की तैयारी है.

एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा, “मैं हमेशा नीतीश कुमार के खिलाफ रहा. नीतीश का पत्ता हम नहीं जनता काटेगी.” गठबंधन को लेकर पूछ गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गठबंधन में रहने के लिए बीजेपी का कोई दबाव नहीं था. हम पीएम मोदी के प्रति समर्पित हैं. चुनाव नतीजों के बाद जेडीयू के साथ जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर अभी बात नहीं की जानी चाहिए.

पासवान ने दावा किया है कि बिहार चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और लोक जनशक्ति पार्टी की डबल इंजन वाली सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि कुछ सीटों पर BJP के ख़िलाफ़ उम्मीदवार भी उतारने की तैयारी है

NDTV के इंटरव्यू में चिराग पासवान की 10 बड़ी बातें-
1.    नीतीश सहयोगियों की नहीं सुनते
2.    हम JDU के साथ मजबूरी में थे
3.    JDU को हर सीट पर हराना मक़सद
4.    मैं हमेशा नीतीश के ख़िलाफ़ रहा
5.    गठबंधन में रहने के लिए BJP का कोई दबाव नहीं
6.    हम पीएम मोदी के प्रति समर्पित
7.    नतीजे के बाद JDU के साथ की अभी बात नहीं
8.    BJP-LJP की डबल इंजन की सरकार बनेगी
9.    कुछ सीटों पर BJP के ख़िलाफ़ उम्मीदवार भी
10.    नीतीश का पत्ता हम नहीं जनता काटेगी.

(साभार: khabar.ndtv.com)

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देश

रामविलास पासवान का हुआ दिल का आपरेशन, शनिवार को बिगड़ी तबियत

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लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party) के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के स्वास्थ्य को लेकर अपडेट सामने आया है। बेटे चिराग पासवान (Chirag paswan) ने बताया कि शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद देर रात उनके दिल का ऑपरेशन किया गया है। संभव है कि अगले कुछ हफ्तों में एक और ऑपरेशन करना पड़े। चिराग पासवान ने ट्वीट करके अपने पिता के स्वास्थ्य की जानकारी दी है।

शनिवार शाम अचानक बिगड़ गई रामविलास पासवान की तबीयत

केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान की तबीयत काफी समय से ठीक नहीं चल रही है। उनका इलाज दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा है। इस बीच शनिवार को उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने की जानकारी सामने आई। जिसके बाद चिराग पासवान तुरंत ही अपने पिता को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे। इस बीच बिहार चुनाव को लेकर शनिवार को एलजेपी संसदीय बोर्ड की अहम बैठक भी थी, जिसे टाल दिया गया।

 

चिराग पासवान बोले- कुछ हफ्तों में एक और सर्जरी संभव

इसके बाद एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार सुबह करीब 5 बजे एक ट्वीट किया, इसमें उन्होंने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की तबीयत के बारे में बताया। उन्होंने लिखा, ‘पिछले कई दिनों से पापा का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कल शाम अचानक उत्पन हुई परिस्थितियों की वजह से देर रात उनके दिल का ऑपरेशन करना पड़ा। जरूरत पड़ने पर सम्भवतः कुछ हफ्तों बाद एक और ऑपरेशन करना पड़े। संकट की इस घड़ी में मेरे और मेरे परिवार के साथ खड़े होने के लिए आप सभी का धन्यवाद।’

दिल्ली के अस्पताल में चल रहा पासवान का इलाज

रामविलास पासवान की बीमारी को लेकर बेटे चिराग ने पहले भी अपनी बात रखी थी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को एक बेहद भावपूर्ण चिट्ठी भी लिखी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि आज मेरे पिता को जब मेरी जरूरत है तो मुझे उनके साथ रहना चाहिए नहीं तो मैं अपने आपको माफ नहीं कर पाऊंगा। दूसरी ओर बिहार चुनाव को लेकर भी चिराग पासवान को कई जरूरी फैसले लेने हैं। खास तौर से एनडीए में रहने को लेकर एलजेपी का क्या रुख है इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। हालांकि चिराग पासवान ने शनिवार को एक ट्वीट के जरिए अपनी आगे की रणनीति की ओर इशारा जरूर कर दिया।

बिहार चुनाव में 143 सीट पर उम्मीदवारी की तैयारी में LJP

एलजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष चिराग पासवान ने शनिवार को अपने ट्वीट से ये संकेत दे दिए एलजेपी बिहार में 143 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है। चिराग पासवान ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी तस्वीर शेयर की है। जिसके साथ उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के सभी उम्मीदवार प्रधानमंत्री के हाथ मजबूत करेंगे। साथ ही ये भी साफ कर दिया कि उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पार्टी जेडीयू से शिकायत है। उन्होंने मोदी के संग अपनी एक तस्वीर के साथ ट्विटर पर एक संदेश पोस्ट किया, ‘मुझे आशा ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि बिहार को फर्स्ट बनाने के लिए और बिहार की खोई अस्मिता को लौटाने के लिए आप सभी मुझे अपना आशीर्वाद देंगे, ताकि मेरे सभी प्रत्याशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मजबूत कर सकें।’

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