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डोकलाम विवाद पर मोदी सरकार की बड़ी जीत, गीदर भभकियों के बाद चीन सेना हटाने को तैयार

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पीपल्स बीट:   डोकलाम विवाद पिछले कुछ दिनों से न सिर्फ भारत के लिए बल्कि पुरे विश्व के लिए चिंता का विषय बना हुआ था , आये दिन डोकलाम में भारत और चीन की सेना के बीच झरप की खबर आती रहीं है| इतना ही नहीं भारत और चीन की सेना के बीच झगड़ों और हाथापाई की कई वीडियो भी सोशल मीडिया पे वायरल हुआ है| बहरहाल डोकलाम के इस विवाद में पूरा देश ये मानने लग गया था की कभी भी चीन और भारत के बीच युद्ध हो सकता है , हलाकि इन तमाम अटकलों के वावजूद भारत के विदेशमंत्री और प्रधानमंत्री के तरफ से ये बातें आती रही थी की युद्ध किसी भी मसले का हल नहीं है और हम युद्ध नहीं करेंगे, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन को डोकलाम के मुद्दे पे परिपक्वता का परिचय देते हुए बर्बोले बयां से बचती नजर आई थी और उन्होंने बहुत ही शांति के साथ अपना काम करती रही जिसका परिणाम है की अब डोकलाम से भारत और चीन दोनों ही अपने आर्मी को पीछे लेने वाले हैं|

आपको बताते चले की चीन के तरफ से अभी तक इस बात की कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है  पर बातचीत में इस बात पे सहमती बनी है और सहमती बनने बाद भारत ने अपनी सेना वापस बुलाने का काम शुरू कर भी दिया है और उम्मीद करते है की चीन भी शांति की इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए अपनी सेना वापस बुला लेगा|

अटकलें यहाँ तक लगायी जा रही थी की चीनी सेना पूरी तरह से युद्ध के लिए तैयार है और कई चीनी अधिकारी ने अपने बयां में भी धमकी भरे स्वर में भारत को चेतावनी देते हुए कहा था की चीन युद्ध करने को तैयार है इतना ही नहीं चीन ने अपनी धमकी सोशल मीडिया पर जैम कर उचल कूद मचा कर भी देना चाहा पर भारत के डिप्लोमेसी के सामने चीन की धमकियाँ टिक नहीं पायी और अब बातचीत में दोनों सेना वापस लेने की बात हुई है|

डोकलाम भारत और चीन के बीच में बसे भूटान का इलाका है जिसे चीन अपना हिस्सा मानता है जहाँ चीन अपना इकनोमिक कोरिडोर के तहत सड़क बनाना चाहता है जिससे भूटान को भी आपति थी पर चीन के तानाशाही के कारन भारत ने अपनी सेना भूटान के मदद के लिए डोकलाम में तैनात किया था | दोनों सेनाओ का वापस आना निसंदेह भारत की बड़ी कुटनीतिक जीत होगी |

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दिल्ली दंगे:- सलमान खुर्शीद ने कहा “पुलिस ने दंगा भड़काने का इल्जाम नहीं लगाया है, बल्कि किसी आरोपी के बयान के आधार पर नाम जोड़ा है.”

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नई दिल्ली. नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली (Northeast Delhi Riots) के कई इलाकों में इस साल फरवरी में हुए दंगों के सिलसिले में पुलिस ने जो नई चार्जशीट दायर की है, उसमें माकपा नेता बृंदा करात (Brinda Karat) और पूर्व सांसद उदित राज के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) का भी नाम शामिल हैं. इन सभी पर नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप है. इसको लेकर पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि पुलिस ने दंगा भड़काने का इल्जाम नहीं लगाया है, बल्कि किसी आरोपी के बयान के आधार पर नाम जोड़ा है.

सलमान खुर्शीद ने कही ये बात

इसके अलावा सलमान खुर्शीद कहा कि सीएए और एनआरसी (CAA-NRC) के विरोध में चल रहे प्रदर्शन में जाते थे और उन लोगो की बातों का समर्थन करते थे. इसी मुद्दे पर किताब भी लिखी है. उन्‍होंने दिल्ली पुलिस का बिना नाम लिए जाहिल और कूड़ा जमा करने वाला तक कह दिया. सलमान खुर्शीद ने सवाल करते कहा कि क्या कानून भड़काने वाले भाषण देने से रोकता है. देश में हर राजनीतिक व्यक्ति भड़काने वाला भाषण देता है. जबकि चुनाव आयोग सिर्फ चुनाव के दौरान भड़काने वाले भाषण देने से रोकता है, लेकिन कानून ऐसा नहीं करता है.

दिल्‍ली पुलिस को दिया ये चैलेंज

उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस बताए क्या भाषण दिया और रिकॉर्डिंग है तो दिखाए. भड़काने वाला भाषण दिया तो मेरे खिलाफ कर्रवाई क्यों नहीं की, मुझे आरोपी क्यों नहीं बनाया. दिल्ली पुलिस पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि जब मुझे आरोपी नहीं बनाया तो मुझे बदनाम क्यों कर रहे हैं. जिस आरोपी के बयान पर पुलिस नाम ले रही है उसे जेल से छोड़ दे, उसकी जगह मुझे जेल में डाल दे. क्‍या केंद्र सरकार को निशाना बनाने पर पुलिस कार्रवाई कर रही है. इस पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि यह जहालत, कूड़ा, बेवकूफी है, इससे ज्यादा और क्या भड़का सकता हूं. पुलिस ने कूड़ा जमा किया है, इसे साफ कौन करेगा.

आपको बता दें कि चार्जशीट में कहा गया है कि सुरक्षा प्राप्त गवाह ने बयान में कहा है कि कई जाने माने लोग मसलन नेता उदित राज, पूर्व केंद्रीय मंत्री खुर्शीद, बृंदा करात खुरेजी स्थित प्रदर्शन स्थल पर आए थे. उन्होंने ‘भड़काऊ भाषण’ दिए. गवाह ने कहा है कि उदित राज, सलमान खुर्शीद, बृंदा करात, उमर खालिद जैसे कई लोग CAA, NPR और NRC के खिलाफ भाषण देने प्रदर्शन स्थल पर आया करते थे. दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में इशरत जहां के बयान का हवाला देते हुए कहा है कि CAA विरोधी प्रदर्शनों को जारी रखने के लिए खुर्शीद, फिल्मकार राहुल रॉय और भीम आर्मी के सदस्य हिमांशु जैसे लोगों को उन्होंने और कार्यकर्ता खालिद सैफी ने जामिया समन्वय समिति (जेसीसी) के निर्देशों पर बुलाया था.

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कपिल मिश्रा की शिकायत, कुछ लोग मुझे दिल्ली दंगों में फंसाना चाहते है

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भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने दिल्ली दंगों के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि कुछ लोग मुझे दंगों में फंसाना चाहते हैं और मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं।
भाजपा नेता ने ट्वीट कर कहा, ”मेरे खिलाफ हेट कैम्पेन चलाने वाले, मीडिया में झूठी खबरें और शिकायतें बनाने वाले, असली दंगाइयों और आतंकवादियों को बचाने वाले और मेरे तथा मेरे परिवार की सुरक्षा पर खतरा पैदा करने वालो के खिलाफ आज मैंने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।”


शिकायत दर्ज कराने के बाद कपिल मिश्रा ने कहा कि स्पेशल सेल ने मुझे नहीं बुलाया था। आज मैं यहां डीसीपी सेल में शिकायत दर्ज कराने आया हूं जो असली अपराधियों के पकड़े जाने के बावजूद मेरे खिलाफ एक नफरत का अभियान चला रहे हैं। मुझे टारगेट करना चाहते हैं, नफरत का अभियान चलाकर मुझ पर हमला कराना चाहते हैं।
बता दें कि, भाजपा नेताओं- कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा पर नागरिकता कानून के समर्थन में भड़काऊ भाषण देकर नफरत फैलाने के आरोप हैं, जिनके बाद दिल्ली में साम्प्रदायिक दंगे भड़क गए थे। हालांकि, कपिल मिश्रा ने नफरत फैलाने वाले भाषण देने से इनकार किया और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा से खुद को दूर कर लिया है।
गौरतलब है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी को नागरिकता कानून के समर्थकों और विरोधियों के बीच हिंसा भड़कने के बाद सांप्रदायिक झड़पें शुरू हो गई थीं। इस दौरान कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 200 लोग घायल हो गए थे।

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कांग्रेस 2 अक्टूबर को जनता के सामने पेश करेगी गहलोत सरकार का रिपोर्ट कार्ड

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कांग्रेस 2 अक्टूबर को जनघोषणा-पत्र के क्रियान्वयन पर अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने पेश करेगी. रिपोर्ट कार्ड की तैयारियों को लेकर कांग्रेस (Congress) जनघोषणा-पत्र क्रियान्वयन समिति की पहली बैठक शुक्रवार को होगी. जनघोषणा-पत्र समिति के अध्यक्ष ताम्रध्वज साहू बैठक लेने के लिए जयपुर पहुंचेंगे. उनके साथ समिति सदस्य और पंजाब से सांसद अमर सिंह भी रहेंगे. बैठक में जनघोषणा-पत्र के वादों पर अब तक हुए क्रियान्वयन की समीक्षा होगी. बैठक में सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot), कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और सभी मंत्री मौजूद रहेंगे. प्रदेश प्रभारी अजय माकन VC के जरिए इस बैठक से जुड़ेंगे.

समिति की बैठक से पहले जनघोषणा-पत्र के रिपोर्ट कार्ड को लेकर सीएम अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच सीएम निवास पर मंत्रणा हो चुकी है. बताया जाता है कि दोनों नेताओं ने 2 अक्टूबर को रिपोर्ट कार्ड जारी करने के तरीके को लेकर मंथन किया है, क्योंकि कोराना को देखते हुए आयोजन में सावधानियां रखी जानी है.

सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा दिया जायेगा

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने जयुपर में फीडबैक कार्यक्रम के पहले ही दिन जनघोषण-पत्र पर हुए काम का रिपोर्ट कार्ड 2 अक्टूबर को जनता के सामने पेश करने की घोषणा की थी. माकन की घोषणा के बाद कैबिनेट सब कमेटी ने कई दौर की बैठकें कर रिपोर्ट कार्ड तैयार करने पर मंथन किया है. रिपोर्ट कार्ड में जनघोषणा-पत्र के अलावा भी गहलोत सरकार की बड़ी उपलब्धियों का लेखा जोखा पेश किये जाने के संभावना है. कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डेटासरा ने कहा कि जनघोषणा-पत्र पर हुए काम का रिपोर्ट कार्ड 2 अक्टूबर को जनता के सामने पेश किया जाएगा. रिपोर्ट कार्ड लगभग तैयार है.

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