Connect with us

विदेश

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की किरकिरी , आई एम एफ ने भारत को हड़काया

Published

on

भारत में महिलाओं ख़ासकर बच्चियों के ख़िलाफ़ बढ़ते यौन हिंसा के मामलों ने दुनिया भर का ध्यान खींचना शुरू कर दिया है.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड ने कठुआ और उन्नाव में हुए कथित बलात्कार के मामलों को घिनौना बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी को महिलाओं का ख्याल रखने की नसीहत दी है.

लगार्ड ने कहा कि “जो हुआ वो बेहद घिनौना है. मुझे उम्मीद है कि भारत की सरकार, ख़ास तौर पर प्रधानमंत्री मोदी इस पर ज़्यादा ध्यान देंगे क्योंकि भारत की महिलाओं को इसकी ज़रूरत है.”

क्रिस्टीन आईएमएफ़ की बैठक में बोल रही थीं.

न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ काफ़ी नाराज़ दिख रहीं लगार्ड ने कहा कि “सवाल इस बारे में सिर्फ़ बात करने का नहीं है.”

लगार्ड ने इस साल की शुरुआत का एक क़िस्सा भी बताया जब उन्होंने दावोस में पीएम मोदी पर चुटकी ली थी कि ‘वे महिलाओं का ज़्यादा ज़िक्र नहीं करते.’

हालांकि क्रिस्टीन ने ये भी स्पष्ट कर दिया कि ‘ये उनके निजी विचार हैं और इन्हें उनकी संस्था की राय न माना जाए.’

बच्चों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली संस्था क्राइ के मुताबिक़ भारत में बच्चों के ख़िलाफ़ अपराधों में पिछले 10 साल में 500 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

2014 में आई संयुक्त राष्ट्र संघ की एक रिपोर्ट में भी बताया गया था कि भारत में बलात्कार की शिकार होने वाली हर तीन में से एक पीड़िता नाबालिग़ होती है.

इस महीने भी जम्मू-कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हुई दो अलग-अलग घटनाओं ने भारत को हिला कर रख दिया है.

कठुआ के रसाना गाँव में इस साल जनवरी में एक आठ साल की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ रेप किया गया और बाद में हत्या कर दी गई थी.

जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच की चार्जशीट के मुताबिक़ यह एक मुस्लिम घूमंतु जनजाति के ख़िलाफ़ सोची समझी साज़िश थी.

मुस्लिम गुर्जर समुदाय से ताल्लुक़ रखने वाली पीड़िता 10 जनवरी को लापता हो गई थी और 17 जनवरी को जब उसका शव जंगलों से मिला तो उसके शरीर पर गहरी चोट के निशान थे.

उसके परिजनों का कहना था कि उसके पैर टूटे हुए थे और उसके नाख़ून काले पड़ गए थे.

पुलिस ने जांच शुरू की तो पाया कि आठ वर्षीय बच्ची को रसाना गांव के एक मंदिर में रखा गया था जहां उसके साथ पुलिसकर्मियों समेत एक नाबालिग़ ने कई दिनों तक बलात्कार किया था.

इसके अलावा उसे नशीली दवाइयां दी जाती थीं.

क्राइम ब्रांच की जांच में पाया गया कि मंदिर के संरक्षक सांजी राम ने अपने नाबालिग़ भतीजे और बेटे के साथ मिलकर यह साज़िश रची थी.

सांजी राम राजस्व विभाग के रिटायर्ड अधिकारी हैं. जांच के अनुसार, इस साज़िश का मक़सद मुस्लिम गुर्जरों को डराकर भगाना था ताकि वे अपनी ज़मीनें बेचकर वहां से चले जाएं.

वहीं यूपी के उन्नाव में 17 साल की लड़की ने एक स्थानीय बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाया है.

जब पीड़िता पुलिस के पास अपनी फरियाद लेकर गई तो सेंगर के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज नहीं की गई.

साथ ही बीजेपी नेता भी सेंगर के समर्थन में उतर आए. इसके बाद पीड़ित परिवार ने अदालत का सहारा लिया.

लेकिन पीड़ित पक्ष के मुताबिक़ उन पर मामला वापस लेने का दबाव बनाया जाने लगा. जब पीड़िता को कहीं भी इंसाफ़ की उम्मीद नहीं दिखी तो उसने मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह का प्रयास किया.

इसके बाद भी विधायक से पूछताछ करने के बजाय पुलिस ने पीड़िता के पिता को ही जेल में बंद कर दिया.

आरोपों के मुताबिक, पीड़िता के पिता की कुलदीप सेंगर के भाई ने तीन अप्रैल को पिटाई की जिसके बाद हिरासत में उनकी मौत हो गई.

इतना कुछ होने के बाद भी सेंगर पर कोई आंच नहीं आई. लेकिन तक़रीबन उसी समय पर कठुआ की घटना सामने आने से देश भर में विरोध प्रदर्शन होने लगे और बढ़ते दबाव के बीच इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई.

विदेश

दुनिया के 100 प्रभावशाली लोगों में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, टाइम मैगजीन के एडिटर ने कहा “बीजेपी ने मुसलमानों को खारिज कर दिया”

Published

on

अमेरिका की मशहूर पत्रिका टाइम ने दुनिया के 100 प्रभावशाली लोगों की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी शामिल किया है। इस सूची में शामिल अन्‍य भारतीय लोगों में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, अभिनेता आयुष्‍मान खुराना, एचआईवी पर शोध करने वाले रविंदर गुप्‍ता और शाहीन बाग धरने में शामिल बिल्किस भी शामिल हैं। टाइम मैगजीन ने प्रधानमंत्री मोदी के बारे में लिखे अपने लेख में कई तल्‍ख टिप्‍पण‍ियां की हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के अलावा इस लिस्‍ट में शी जिनपिंग, ताइवान की राष्‍ट्रपति त्‍साई इंग वेन, डोनाल्‍ड ट्रंप, कमला हैरिस, जो बाइडन, जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल समेत दुनियाभर के कई नेता शामिल हैं। टाइम मैगजीन ने पीएम मोदी के बारे में लिखा, ‘लोकतंत्र के लिए सबसे जरूरी स्‍वतंत्र चुनाव नहीं है। इसमें केवल यह पता चलता है कि किसे सबसे अधिक वोट मिला है। इससे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण उन लोगों का अधिकार है जिन्‍होंने विजेता के लिए वोट नहीं दिया। भारत 7 दशकों से अधिक समय से दुनिया का सबसे बड़ा लोक‍तंत्र रहा है। भारत की 1.3 अरब की आबादी में ईसाई, मुस्लिम, सिख, बौद्ध, जैन और अन्‍य धर्मों के लोग शामिल हैं।’

‘BJP ने भारत के मुसलमानों को खारिज कर दिया’

टाइम मैगजीन के एडिटर कार्ल विक ने लिखा, ‘यह सब भारत में है जिसे अपने जीवन का ज्‍यादातर समय शरणार्थी के रूप में गुजारने वाले दलाई लामा ने सद्भाव और स्थिरता का उदाहरण बताया है। नरेंद्र मोदी ने इन सभी को संदेह में ला दिया है। भारत के ज्‍यादातर प्रधानमंत्री करीब 80 फीसदी आबादी वाले हिंदू समुदाय से आए हैं लेकिन केवल मोदी ही ऐसे हैं जिन्‍होंने ऐसे शासन किया जैसे उनके लिए कोई और मायने नहीं रखता है।’

कार्ल विक ने लिखा, ‘नरेंद्र मोदी सशक्तिकरण के लोकप्रिय वादे के साथ सत्‍ता में आए लेकिन उनकी हिंदू राष्‍ट्रवादी पार्टी बीजेपी ने न केवल उत्कृष्टता को बल्कि बहुलवाद खासतौर पर भारत के मुसलमानों को खारिज कर दिया। बीजेपी के लिए अत्‍यंत गंभीर महामारी असंतोष को दबाने का जरिया बन गया। और दुनिया का सबसे जीवंत लोकतंत्र अंधेरे में घिर गया है।’ बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान टाइम मैगजीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘भारत का डिवाइडर इन चीफ’ यानी ‘प्रमुख विभाजनकारी’ बताया था।

हालांकि टाइम ने नतीजों के बाद उन पर एक और आर्टिकल छापा था। दूसरे आर्टिकल का शीर्षक था- ‘मोदी हैज यूनाइटेड इंडिया लाइक नो प्राइम मिनिस्टर इन डेकेड्स’ यानी ‘मोदी ने भारत को इस तरह एकजुट किया है जितना दशकों में किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया’। इस आर्टिकल को मनोज लडवा ने लिखा है जिन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान ‘नरेंद्र मोदी फॉर पीएम’ अभियान चलाया था। आर्टिकल में लिखा गया है, ‘उनकी (मोदी) सामाजिक रूप से प्रगतिशील नीतियों ने तमाम भारतीयों को जिनमें हिंदू और धार्मिक अल्पसंख्यक भी शामिल हैं, को गरीबी से बाहर निकाला है। यह किसी भी पिछली पीढ़ी के मुकाबले तेज गति से हुआ है।’

Continue Reading

विदेश

चीन की साजिश का पर्दाफाश, सेना को पीछे हटाने के बहाने LAC पर तैनात की अतिरिक्त टुकड़ी

Published

on

भारत और चीन के बीच लद्दाख स्थित एलएसी पर पिछले चार महीनों से तनाव जारी है। इस बीच चीन का दोहरा रवैया एक बार फिर उजागर हो गया है। जहां एक तरफ चीन लगातार अपने सैनिकों को पीछे हटाने की बात कहने के साथ भारत से भी परस्पर पीछे हटने की मांग कर रहा है। वहीं, दूसरी तरफ चीनी सेना लगातार एलएसी पर खुद को मजबूत करती जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने 29-30 अगस्त को भारत द्वारा रेजांग ला की पहाड़ियों पर चढ़ाई करने के बाद से अब तक सैनिकों की तीन बटालियन एलएसी पर तैनात कर ली हैं। चीन ने एक बटालियन रेकिन ला पर रखी है, जबकि दो बटालियन स्पांगुर लेकर पर रखी हैं। यह सभी 63 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड का हिस्सा हैं, जो शिकवान में मौजूद हैं।

जून मध्य में गलवान में हुई झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच विवाद गहरा गया है। पिछले दो महीने में चीनी सेना ने सिर्फ पूर्वी लद्दाख के हिस्से पर ही घुसपैठ की कोशिश नहीं की, बल्कि अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और उत्तराखंड से लगी सीमाओं से भी भारत में दाखिल होने की कोशिश की। कुछ इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स में इस बात का खुलासा भी किया गया है।

इससे पहले लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच ताजा टकराव के बाद बीजिंग ने पारस्परिक चर्चा के माध्यम से आने वाली भीषण ठंड के चलते सैनिकों की जल्द से जल्द वापसी की मंगलवार को उम्मीद जताई थी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजान ने भारत और चीन द्वारा एक-दूसरे पर सोमवार को पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास हवा में गोलियां चलाने का आरोप लगाए जाने के कुछ घंटे बाद सैनिकों की वापसी की यह उम्मीद जताई।

 

 

Continue Reading

विदेश

भारत में अपना असेंबली प्लांट बंद करेगी प्रीमियम मोटरसाइकिल ब्रांड Harley Davidson

Published

on

प्रीमियम अमेरिकन मोटरसाइकिल ब्रांड Harley Davidson के चाहने वालों के लिए बुरी खबर है. दरअसल कंपनी ने भारत में कारोबार बंद करने की बात कहकर सबको चौंका दिया है. कंपनी का कहना है कि भारत में बाइक्स ( harley bikes) का कारोबार उसके लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है और यही वजह है कि अब कंपनी ने भारत में अपना असेंबली प्लान बंद करने की तैयारी में है. Harley Davidson की कीमत की वजह से इसे खरीदार नहीं मिल पाते जिसकी वजह से कंपनी को घाटा उठाना पड़ रहा है. हालांकि, वो भारतीय बाजार में बाइक की बिक्री जारी रखेगी.

40 से 50 हजार रुपए बढ़ सकती है कीमत- असेंबली बंद करने का फैसला उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया प्रशांत के उन हिस्सों में लिया गया है, जहां पर कंपनी की गाड़ियों के सेल्स डाउन हुई है. कंपनी से जुड़े एक सोर्स ने बताया कि कंपनी सिर्फ अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को बंद कर रही है. बाइक की मार्केटिंग और सेल्स जारी रहेगी. अब भारत में बाइक को थाइलैंड से इम्पोर्ट किया जाएगा. ऐसे में बाइक की कीमत 40 से 50 हजार रुपए बढ़ सकती है. कंपनी के सीईओ जोशन जेट्ज ने कहा है कि हार्ले केवल उन्ही देशों में कारोबार को जारी रखेगी जहां कंपनी को मुनाफा बढ़ने के आसार हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ऐसे किसी भी देश में व्यापार नहीं करेगी जहां उसे नुकसान हो रहा है.

फाइनेंशियल ईयर (2019-2020) में कंपनी ने भारत में केवल 2,500 बाइक बेचे हैं, जबकि इस साल अप्रैल से जून की अवधि के बीच कंपनी केवल 100 बाइक ही बेच पाई है. जुलाई में दूसरी तिमाही के रिजल्ट के साथ एक बयान में हार्ले- डेविडसन ने कहा था कि कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजारों से बाहर निकलने की योजना का मूल्यांकन कर रही है.

Harley Davidson स्ट्रीट 750, Street ROD हैं. कंपनी ने भारत में हार्ले-डेविडसन स्ट्रीट 650 जैसे किफायती मॉडलों को बाजार में उतारा है, लेकिन यह बाइक रॉयल एनफील्ड के 650 cc मॉडल से कहीं अधिक महंगी है. कम कीमत में बेहतरीन फीचर्स देने वाली अन्य कंपनियों ने भारत में हार्ले-डेविडसन की बिक्री को खासा प्रभावित किया है. हार्ले डेविडसन ने अपनी एंट्री-लेवल Street 750 मोटरसाइकिल की कीमत भी घटा दी है. भारतीय बाजार में अब इस बाइक (विविड ब्लैक कलर ऑप्शन) की एक्स-शोरूम कीमत 4.69 लाख रुपये है. यानी कंपनी ने इसकी कीमतों में 65,000 रुपये की भारी कटौती की है.

Continue Reading

Trending