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त्रिपुरा में अबैध रूप से बने माकपा, कांग्रेस के ट्रेड यूनियन कार्यालयों को गिराया गया

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कम्युनिस्ट पार्टी का सबसे बड़ा गढ़ माने जाने वाले राज्य त्रिपुरा में जब से भाजपा ने सेंध लगाया है तब से वहां दोनों राजनैतिक दलों में शीतयुद्ध सा माहौल बना हुआ है.

भाजपा के जीत के तुरंत बात त्रिपुरा से लेनिन की मूर्ति को तोड़ने का विवाद हो या मुख्यमंत्री के बयां से पैदा हुए विवाद का, आलम ये है की जिस त्रिपुरा की खबर चुनाव से पड़े कभी मीडिया पर नहीं हुआ करती थी आज कल वही त्रिपुरा अक्सर ख़बरों में बना रहता है.

इस तमाम विवादों के बाद अब त्रिपुरा में सरकार के फैसले पर एक नया विवाद पैदा हो गया है, बता दें की सोमवार को ओल्ड स्टैंड क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बने माकपा, कांग्रेस और उनसे संबद्ध ट्रेड यूनियन के ढाचों को गिरा दिया गया.

इन ढाचों को गिराने का काम सुबह के समय शुरू हुआ और कई घंटों तक चला. राज्य की राजधानी त्रिपुरा सहित पश्चिमी त्रिपुरा जिले में राजनीतिक पार्टियों के 100 से ज्यादा अवैध ढांचों की पहचान की गई है. इन सभी दफ्तरों को नोटिस जारी किया जा चुका है. अब इनपर कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.

जिला मजिस्ट्रेट ( पश्चिमी त्रिपुरा ) मिलिंद रामटेके ने कहा कि सभी अवैध ढाचों को आने वाले दिनों में गिरा दिया जाएगा.

CPI (M) नेता बिजन धर के अनुसार, कुछ दफ्तर सरकारी जमीन पर जरूर बने हुए थे, लेकिन इस तरह से उन्हें ध्वस्त करना राजनीतिक मंशा के तहत किया जा रहा है. हम चाहते हैं कि सरकार अपने इस फैसले को वापस ले.

अपने बयान को लेकर चर्चा में रहे विप्लव देव:

आपको बता दें कि त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब इन दिनों अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं. उनके कई बयानों की आलोचना हुई है तो वहीं कुछ बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने रहे.

हाल ही में उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार पर कोई अंगुली नहीं उठा सकता, नाखून भी नहीं लगा सकता, जो नाखून लगाएगा उसका नाखून काट दिया जाएगा. इससे पहले वह सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे छात्रों पर और सरकारी नौकरियां तलाश रहे लोगों पर बयान दे चुके हैं.

उन्होंने नौजवानों को ये सलाह भी दी है कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद किसी को सिविल सर्विसेज में नहीं जाना चाहिए. उनके मुताबिक, मैकेनिकल के बजाय सिविल इंजिनियर्स को सिविल सर्विसेज ज्वाइन करनी चाहिए, क्योंकि उनके पास प्रबंधन निर्माण और समाज से जुड़ी ज्यादा जानकारी और अनुभव होता है.

इससे पहले बिप्लब देब महाभारत काल में इंटरनेट और मिस वर्ल्ड में इंडियन ब्यूटी को लेकर भी विवादित बयान दे चुके हैं. उन्होंने नई ‘साइंटिफिक थ्योरी’ देते हुए दावा किया था कि इंटरनेट महाभारत के दौर में भी था और तब इसका इस्तेमाल किया जाता था.

आपको बता दें कि मार्च महीने में त्रिपुरा में चुनाव हुए थे. करीब 25 साल के लेफ्ट के किले को ढहा भारतीय जनता पार्टी ने यहां पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी.

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भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं पर लगे आजीवन प्रतिबंध: अखिलेश यादव

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Story By/- Haidar Baaghi

समाजवादी पार्टी (Samajwadi party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा नेताओं के बयानों की भाषा को लेकर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें जमकर निशाने पर लिया है! उनकी मांग है कि ऐसे नेताओं पर कार्रवाई करके उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया जाना चाहिए! यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि ‘भाजपा के जनप्रतिनिधियों का हिंसक वाचन एक भयावह स्थिति है! निम्नस्तरीय भाषा का इस्तेमाल न केवल छुटभइये नेता कर रहे हैं, बल्कि भाजपा के मंत्री भी वही भाषा बोल रहे हैं! ‘डंके की चोट पर’… ‘बोली के बदले गोली’ और ‘गोली मारो……..’ के साथ ही अब भाजपाई धुरंधर आजादी की लड़ाई के इतिहास को भी बिगाड़ने में लग गए हैं!


अखिलेश यादव ने भाजपा नेता अनंत हेगड़े के महात्मा गांधी पर दिए बयान पर क्षोभ जताते हुए कहा कि ‘गांधी जी के नेतृत्व में जिस आजादी के लिए लाखों लोगों ने कुर्बानी दी उसे भाजपा के एक सांसद को अंग्रेजों की सहमति से नाटक बताते शर्म नहीं आई, अखिलेश ने भाजपा पर यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं की नफरत भरी बयानबाजी के चलते कुछ युवा गुमराह होकर उन्मादी हो रहे हैं! अखिलेश यादव ने कहा, आज के सत्ताधारी जिस प्रकार समाज को नफरत से भर रहे हैं उसी का ये दुष्परिणाम है कि कुछ नौजवान असलहों के साथ साम्प्रदायिक उन्माद का प्रदर्शन करने लग गए हैं! राजनीति द्वारा पोषित इस घृणा से युवाओं में जो भटकाव आ रहा है, वह समाज और राष्ट्र की चिंता का विषय है! भाजपा-आरएसएस को इसके दुष्परिणामों से अभी से सबक लेना चाहिए!

अखिलेश यादव ने दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जिस तरह से सियासी पार्टियों ने अलग-अलग तरीके से बयान जारी किए हैं उस पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि, दिल्ली के चुनावों में भाजपाई बदजुबानी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है! इससे साबित होता है कि भाजपा अपनी साख और जमीन दोनों खोती जा रही है! भाषा के स्तर में गिरावट राजनीति में घटिया सोच और संकीर्ण मानसिकता को उजागर करती है! माननीय उच्च न्यायालय और चुनाव आयोग को बिगड़े बोलों का संज्ञान लेकर तुरन्त दंण्डात्मक कार्यवाही करनी चाहिए!

अखिलेश यादव ने मांग की है कि जरूरी तो यह है कि जानबूझकर भड़काऊ बयान देने वाले ऐसे असामाजिक तत्वों की संसद या विधानमंडल की सदस्यता रद्द करके इन पर सदैव के लिए प्रतिबंध लगाना चाहिए! साथ ही आगामी चुनावों में उन विषयों की सूची चुनाव आयोग को पहले से ही जारी करनी चाहिए जिन पर बोलने से दोषी की उम्मीदवारी रद्द हो जाए!

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भारत के गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात को लेकर शाहीनबाग के प्रदर्शनकारी दो गुटो में बटे।

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Story By/- Haidar Baaghi

भारत के गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात को लेकर शाहीनबाग के प्रदर्शनकारी दो गुटो में बंट गए हैं! याद रहे गृहमंत्री अमित शाह ने प्रदर्शनकारियों को एक चैनल के माध्यम से मुलाकात का न्योता दिया था। शाहीनबाग के कुछ प्रदर्शनकारी गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के पक्ष में आगे आए हैं, इन प्रदर्शनकारियो का कहना है कि वे आज दोपहर दो बजे मार्च करते हुए गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर उनसे मिलने के लिए जाएंगे!

दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार अमित शाह से मुलाकात और मार्च को लेकर अब तक किसी ने पुलिस से संपर्क नहीं किया है, मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि प्रदर्शनकारी मिलना चाहते हैं, तो वे गृह मंत्रालय से प्रतिनिधिमंडल मंडल की मुलाकात के लिए संपर्क करें! लेकिन शाहीनबाग से मार्च करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी!

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दिल्ली में बीजेपी की करारी हार का मतलब जनता धर्म पर नहीं कर्म पर वोट देगी। Prakash Raj

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Story By/- Haidar Baaghi

आम आदमी पार्टी की 62 सीट पर हुई इस प्रचंड जीत और बीजेपी की 08 पर हुई करारी शिकस्त पर नेता, अभिनेता एवं देश के सामाजिक कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रियाओं का भी दौर शुरु हो गया है। People’s BEAT के Associate Editor, Haidar Baaghi ने दिल्ली विधानसभा चुनाव नतीजे पर बॉलीवुड एक्टर Prakash Raj से टेलीफोन पर बातचीत कर उनकी प्रतिक्रिया जानना चाही। चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए Prakash Raj ने BJP पर ज़ोरदार कटाक्ष करते हुए कहा “राजधानी की जनता ने गोली मारने वालों को झाड़ू से मार साबित कर दिया” भाजपा हमें धर्म का नाम लेकर एक बार बेवकूफ बना सकती है बार-बार नहीं।

क्या दिल्ली विधानसभा चुनाव में BJP की हार के जिम्मेदार इनके बकैत नेताओं की बकैती है?

बीजेपी ने दिल्ली चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई बना लिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के तमाम दिग्गज नेताओं ने इस चुनाव में अपना पूरा ज़ोर आज़माया। बीजेपी की ओर से चुनाव को हिन्दुस्तान बनाम पाकिस्तान की जंग बताया गया। बीजेपी के कई नेताओं ने तो चुनाव जीतने के लिए दिल्ली की जनता को डराना एवं उकसाना तक शुरु कर दिया था।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने विपक्षियों को घेरते हुए ‘देश के गद्दारों को गोली मारो सालों को’ का नारा लगवाया था। इतना ही नहीं बीजेपी के एक और नेता एवं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आतंकवादी तक बता डाला था।

बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने तो यहां तक कह दिया था अगर बीजेपी हार गई तो दिल्ली की बहन बेटियां सुरक्षित नहीं रहेंगी। लेकिन बीजेपी की डराने की राजनीति को दिल्ली की जनता ने दरकिनार कर दिया और विकास के नाम पर वोट मांगने वाले अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर दिल्ली का सीएम चुन लिया।

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