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गोरखपुर नर संहार:-NHRD ने माना हुआ है स्वास्थ्य के अधिकार का उलंघन, योगी सरकार से मांगी रिपोर्ट

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15 अगस्त, नई दिल्ली : बीआरडी कॉलेज में हुए आक्सीजन की सप्लाई बंद होने बाद नर संहार में अभी तक 60 से ज्यादा बच्चे अपनी जान गवां चुके है। इस मामले में स्वास्थ्यमंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह भले ने बयान दिया था कि अगस्त माह में तो बच्चें मरते है कह कर अगस्त को जिम्मेदार ठहराते हुए पल्ला झाड़ने की कोशिश की है, लेकिन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तरप्रदेश सरकार से जवाब तलब कर इस पूरी घटना पर रिपोर्ट मांगी है।आआयोग ने 4 सप्ताह के भीतर योगी सरकार को इस मामले में जवाब देने के आदेश दिए है।

 

मौतों को ‘जीवन के अधिकार का गंभीर उल्लंघन’ मानते हुए आयोग ने प्रदेश की योगी सरकार से इस मामले में उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी मांगी है। आयोग ने योगी सरकार से पूछा है कि आखिर उसने प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए हैं।

इससे पहले सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए कोई आदेश जारी करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह इस मामले की सुनावई नहीं करेगी और उसे इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करनी चाहिए। 7 अगस्त को गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के इंसेफलाइटिस वॉर्ड में 60 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी। मृतकों में ज्यादातर नवजात थे, जो बच्चों के आईसीयू में भर्ती थे।

आपको बता दें कि इस मामले में योगी सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर है। कई दिनों से लगातार स्थानीय मीडिया में ऑक्सिजन की कमी को लेकर छप रही खबरों को नजरअंदाज करने पर योगी सरकार विपक्षियों के निशाने पर है। यही नहीं बीजेपी के ही तमाम समर्थक सरकार को लगातार घेर रहे हैं।

इस मामले में डॉ. कफील पर कार्रवाई करने को लेकर भी तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं। डॉ. कफील को प्राइवेट प्रैक्टिस करने के आरोप के कारण हटाया गया है। ऐसे में एम्स एसोसिएशन समेत कई दल कफील पर कार्रवाई को मुद्दे से भटकाने की कोशिशें मान रहे हैं।

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राम मंदिर ट्रस्ट के खाते से क्लोन चेक के द्वारा 6 लाख रूपए की हुई निकासी, महाराष्ट्र में अकाउंट से निकला पैसा

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श्री रामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के खाते से क्लोन चेक के जरिए छह लाख रुपये निकालने वाला जालसाज मुम्बई का है। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया निकासी वाले खाते की लोकेशन महाराष्ट्र में मिली है। पुलिस की टीम मुंबई भेजी गई है।

ट्रस्ट के गोपनीय खाते से दो बार में हस्तांतरित छह लाख रुपयों में से चार लाख रुपये जालसाज निकाल चुका है। पंजाब नेशनल बैंक स्थित जालसाज के खाते में अभी दो लाख रुपये बचे हैं। भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या शाखा के प्रबंधक प्रियांशु शर्मा ने जालसाज के पीएनबी खाते को तात्कालिक रूप से फ्रीज करा दिया है। वहीं बैंक आफ बड़ौदा के खाते में लगाए गये नौ लाख, 86 हजार रुपये के चेक का भुगतान भी रोक दिया गया है।

पुलिस क्षेत्राधिकारी राजेश राय ने बताया कि ट्रस्ट महासचिव चंपत राय की तहरीर पर अयोध्या कोतवाली में संज्ञेय अपराध की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इस प्रकरण में आवश्यक तथ्य जुटाने और जालसाज को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दल भेजे गए हैं।

रामजन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से भुगतान के लिए एसबीआई में अलग खाता खोला गया है, जिससे कि आय-व्यय का लेखा-जोखा रखने में सुविधा हो। ट्रस्ट ने जमा खाता व चालू खाते के बारे में सार्वजनिक सूचना जारी की थी जिससे दानदाता राम मंदिर निर्माण के लिए अपना योगदान दे सकें लेकिन भुगतान के लिए खोला गया खाता उन्हीं लोगों तक सीमित है जिनसे ट्रस्ट लेन-देन कर रहा है। इसके बावजूद जालसाज ने न केवल खाते की जानकारी हासिल कर ली बल्कि उसे ट्रस्ट के लिए बैंक से निर्गत चेक के नंबरों की सटीक सूचना भी मिल गयी। इसी के जरिए जालसाज ने हस्ताक्षरित चेक के नंबरों को बदल-बदल कर दो बार में क्रमश: ढाई लाख और साढ़े तीन लाख की धनराशि का भुगतान अपने खाते में करा लिया। ट्रस्ट को इसी भनक भी नहीं लगी। इसके बाद जालसाज ने नौ लाख, 86 हजार का चेक भुगतान के लिए लगा दिया लेकिन इस बार चेक पीएनबी के बजाय बैंक आफ बड़ौदा के खाते में लगाया। इस चेक के भुगतान से पहले लखनऊ की मुख्य शाखा से वेरिफिकेशन के लिए ट्रस्ट महासचिव को फोन किया गया। तब जाकर मामले का खुलासा हुआ।

ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने बताया कि एसबीआई, लखनऊ की क्लीयरिंग शाखा की सतर्कता से नौ लाख 86 हजार के फर्जी चेक का भुगतान रुक गया है। उन्होंने बताया कि भुगतान के लिए जिस नंबर का चेक बैंक भेजा गया, वह उनके पास मौजूद था। इसके पूर्व एक सितम्बर व आठ सितम्बर को जिन दो चेकों से क्रमश: ढाई लाख व साढ़े तीन लाख की राशि हस्तांतरित हुई, वे चेक भी मौजूद हैं। फिलहाल तीन चेकों को क्रास कर जांच के लिए क्लीयरिंग शाखा को भेज दिया गया है।

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उन्नाव रपे काण्ड में CBI द्वारा दो आई पी एस और एक आई ए एस पर कार्यवाही की सिफारिश

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उन्नाव के बहुचर्चित माखी रेप कांड की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने एक आईएएस और दो आईपीएस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। आईएएस अफसर जिले में डीएम रहे हैं तो दोनों आईपीएस जिले के पुलिस कप्तान रहे हैं।

सीबीआई इसी मामले में उन्नाव के विधायक रहे कुलदीप सिंह सेंगर और उनके भाई समेत अन्य आरोपियों को दोषी ठहरा चुकी है। सीबीआई की चार्जशीट के आधार पर सेंगर को आजीवन कारावास की सजा भी हो चुकी है। सजा होने के कारण उनकी विधानसभा की सदस्यता भी खत्म कर दी गई थी।

जांच के दौरान इन अफसरों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर सीबीआई ने शासन को पत्र भेजा है। माखी कोतवली के तत्कालीन थानाध्यक्ष इस मामले में पहले ही दोषी ठहराए जा चुके हैं। वह भी जेल में हैं।

न्नाव में कुलदीप सेंगर और उसके साथियों ने 2017 में नाबालिग लड़की को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया था। मामले की जांच सीबीआई ने की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह मामला उत्तर प्रदेश से दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था और वहीं पूरी सुनवाई भी हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। दोषी कुलदीप सिंह सेंगर (53) को तीस हजारी कोर्ट ने 20 दिसंबर 2019 को रेप के मामले में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने सेंगर पर 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। इसके बाद कुलदीप सिंह सेंगर की यूपी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई।

इसके अलावा उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हत्या मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर समेत सात अन्य को दस साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले में सेंगर और उनके भाई अतुल सेंगर को पीड़िता के परिवार को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है।

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सुशांत सिंह केस में रिया चक्रवर्ती का भाई शौविक गिरफ्तार, लगे कई संगीन आरोप

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SSR Case में शुक्रवार को एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती और सुशांत के हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा गिरफ्तार कर लिए गए। इससे पहले, सुशांत से जुड़े ड्रग केस में एनसीबी ने शौविक और मिरांडा के परिसरों पर छापेमारी की। अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया था कि मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो ने शौविक चक्रवर्ती और सेमुअल मिरांडा को पूछताछ के लिए बुलाया है। एनसीबी अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े मादक द्रव्य के मामले में जल्द ही दोनों को गिरफ्तार करेगी।

एनसीबी ने मुम्बई की एक अदालत से दिन में कहा था कि सुशांत मौत प्रकरण से जुड़े मादक पदार्थ मामले में गिरफ्तार किए गए अब्देल बासित परिहार ने बताया है कि वह शौविक चक्रवर्ती के निर्देशों पर मादक पदार्थ खरीदा करता था। मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपी जैद विलात्रा (21) से पूछताछ के आधार पर परिहार को गिरफ्तार किया गया था।

परिहार की हिरासत की मांग करते हुए एनसीबी ने अदालत से कहा कि विलात्रा ने पूछताछ के दौरान बताया था कि उसने परिहार को गांजा दिया था। एनसीबी ने अदालत से कहा, ‘‘ परिहार ने अपने बयान में कहा कि वह शौविक चक्रवर्ती के निर्देशों पर विलात्रा और एक अन्य व्यक्ति कैज़ान इब्राहिम से मादक पदार्थ खरीदता था।’’ एजेंसी ने बताया कि परिहार के शौविक के लिए मादक पदार्थ लेने के अन्य कई उदाहरण भी हैं।

एनसीबी ने कहा , ‘‘आरोपी के बयान से यह स्पष्ट है कि वह बड़ी हस्तियों और मादक तस्करों से जुड़े एक बड़े मादक पदार्थ नेटवर्क का एक सक्रिय सदस्य है।’’ उसने कहा कि परिहार ने कई नामों का खुलासा किया है और बड़े तस्करों को पकड़ने के लिए उसकी हिरासत जरूरी है। एनसीबी ने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत मामले में मादक पदार्थ पहलू की जांच जारी है। उसने कहा कि मुम्बई, खासकर बॉलीवुड में मादक पदार्थ गिरोहों को जड़ से उखाड़ने के लिए भी यह जरूरी है।

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