Connect with us

राजनीति

विपक्षी गठबंधन को सत्ता में लाने के लिए काम करेंगे शरद यादव

Published

on

लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) ने रविवार को कहा कि इसके संस्थापक शरद यादव (Sharad Yadav) बिहार में विपक्षी गठबंधन को सत्ता में लाने के लिये काम करेंगे. पार्टी ने बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल (यूनाइटेड) प्रमुख नीतीश कुमार (Nitish Kumar) से उनके हाथ मिलाने के बारे में अटकलों को ‘अफवाह’ बताते हुए खारिज कर दिया और इसे ‘‘पूरी तरह से झूठा एवं बेबुनियाद’’ बताया. लोजद ने एक बयान में कहा कि पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में धर्मनिरपेक्ष ताकतों (Secular Forces) के बीच और अधिक एकजुटता लाने के लिये काम करेगी.

पार्टी के पदाधिकारियों की यहां एक बैठक हुई जिसमें गायक एस पी बालासुब्रह्मण्यम और पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. पार्टी संरक्षक शरद यादव फिलहाल बीमार हैं. बयान के मुताबिक, लोजद केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना करती है. साथ ही, इसमें यह भी कहा गया कि पार्टी इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की क्षमता पर एक गंभीर हमले के रूप में देखती है. संसद द्वारा पारित तीन कृषि विधेयकों के संदर्भ में यह कहा गया है.

 

मतगणना 10 नवंबर को होगी

दरअसल, चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव तीन चरणों में कराने की घोषणा की है. मतदान 28 अक्टूबर, तीन नवंबर और सात नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 10 नवंबर को होगी. बता दें कि कोविड-19 महामारी के दौरान यह विश्व में सर्वाधिक व्यापक स्तर पर चुनाव होने जा रहा है.

 

 

10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी जाएगी

वहीं, कल खबर सामने आई थी कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने रविवार को बिहार के युवाओं और रोजगार के मुद्दे को लेकर बड़ा ऐलान किया है. पटना में प्रेस से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा है कि अगर उनकी सरकार बनी तो सबसे पहले कैबिनेट की बैठक में बेरोजगारों (Unemployment) के हित में फैसला लिया जाएगा और 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी जाएगी. तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों का हवाला देते हुए ये बात कही थीं. तेजस्वी यादव ने कहा था कि हमने बेरोजगारों को अपने साथ जोड़ने के लिए जो मुहिम शुरू की थी वो जबर्दस्त तरीके से सफल साबित हुई है.

राजनीति

मैं हमेशा ही नितीश कुमार के खिलाफ रहा हूँ: चिराग पासवान

Published

on

लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) से राहें जुदा कर ली हैं. हालांकि, वह बीजेपी के साथ हैं और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) से नाराज हैं. एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में चिराग पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू (JDU) को हर सीट पर हराना हमारा मकसद है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सहयोगियों की सुनते नहीं हैं. साथ ही पासवान ने यह भी कहा कि  हम JDU के साथ मजबूरी में थे. अब जनता दल यूनाइटेड (JDU) को हर सीट पर हराना ही हमारा मक़सद है.

चिराग पासवान ने रविवार को बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) का हिस्सा बने रहते हुए ही अलग चुनाव लड़ने का ऐलान किया. उन्होंने जेडीयू के खिलाफ सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने, लेकिन बीजेपी (BJP) प्रत्याशियों के खिलाफ नहीं लड़ने की बात कही थी. हालांकि, अब चिराग पासवान ने कहा कि कुछ सीटों पर बीजेपी के खिलाफ भी उम्मीदवार उतारने की तैयारी है.

एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा, “मैं हमेशा नीतीश कुमार के खिलाफ रहा. नीतीश का पत्ता हम नहीं जनता काटेगी.” गठबंधन को लेकर पूछ गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गठबंधन में रहने के लिए बीजेपी का कोई दबाव नहीं था. हम पीएम मोदी के प्रति समर्पित हैं. चुनाव नतीजों के बाद जेडीयू के साथ जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर अभी बात नहीं की जानी चाहिए.

पासवान ने दावा किया है कि बिहार चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और लोक जनशक्ति पार्टी की डबल इंजन वाली सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि कुछ सीटों पर BJP के ख़िलाफ़ उम्मीदवार भी उतारने की तैयारी है

NDTV के इंटरव्यू में चिराग पासवान की 10 बड़ी बातें-
1.    नीतीश सहयोगियों की नहीं सुनते
2.    हम JDU के साथ मजबूरी में थे
3.    JDU को हर सीट पर हराना मक़सद
4.    मैं हमेशा नीतीश के ख़िलाफ़ रहा
5.    गठबंधन में रहने के लिए BJP का कोई दबाव नहीं
6.    हम पीएम मोदी के प्रति समर्पित
7.    नतीजे के बाद JDU के साथ की अभी बात नहीं
8.    BJP-LJP की डबल इंजन की सरकार बनेगी
9.    कुछ सीटों पर BJP के ख़िलाफ़ उम्मीदवार भी
10.    नीतीश का पत्ता हम नहीं जनता काटेगी.

(साभार: khabar.ndtv.com)

Continue Reading

देश

रामविलास पासवान का हुआ दिल का आपरेशन, शनिवार को बिगड़ी तबियत

Published

on

लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party) के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के स्वास्थ्य को लेकर अपडेट सामने आया है। बेटे चिराग पासवान (Chirag paswan) ने बताया कि शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद देर रात उनके दिल का ऑपरेशन किया गया है। संभव है कि अगले कुछ हफ्तों में एक और ऑपरेशन करना पड़े। चिराग पासवान ने ट्वीट करके अपने पिता के स्वास्थ्य की जानकारी दी है।

शनिवार शाम अचानक बिगड़ गई रामविलास पासवान की तबीयत

केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान की तबीयत काफी समय से ठीक नहीं चल रही है। उनका इलाज दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा है। इस बीच शनिवार को उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने की जानकारी सामने आई। जिसके बाद चिराग पासवान तुरंत ही अपने पिता को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे। इस बीच बिहार चुनाव को लेकर शनिवार को एलजेपी संसदीय बोर्ड की अहम बैठक भी थी, जिसे टाल दिया गया।

 

चिराग पासवान बोले- कुछ हफ्तों में एक और सर्जरी संभव

इसके बाद एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार सुबह करीब 5 बजे एक ट्वीट किया, इसमें उन्होंने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की तबीयत के बारे में बताया। उन्होंने लिखा, ‘पिछले कई दिनों से पापा का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कल शाम अचानक उत्पन हुई परिस्थितियों की वजह से देर रात उनके दिल का ऑपरेशन करना पड़ा। जरूरत पड़ने पर सम्भवतः कुछ हफ्तों बाद एक और ऑपरेशन करना पड़े। संकट की इस घड़ी में मेरे और मेरे परिवार के साथ खड़े होने के लिए आप सभी का धन्यवाद।’

दिल्ली के अस्पताल में चल रहा पासवान का इलाज

रामविलास पासवान की बीमारी को लेकर बेटे चिराग ने पहले भी अपनी बात रखी थी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को एक बेहद भावपूर्ण चिट्ठी भी लिखी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि आज मेरे पिता को जब मेरी जरूरत है तो मुझे उनके साथ रहना चाहिए नहीं तो मैं अपने आपको माफ नहीं कर पाऊंगा। दूसरी ओर बिहार चुनाव को लेकर भी चिराग पासवान को कई जरूरी फैसले लेने हैं। खास तौर से एनडीए में रहने को लेकर एलजेपी का क्या रुख है इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। हालांकि चिराग पासवान ने शनिवार को एक ट्वीट के जरिए अपनी आगे की रणनीति की ओर इशारा जरूर कर दिया।

बिहार चुनाव में 143 सीट पर उम्मीदवारी की तैयारी में LJP

एलजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष चिराग पासवान ने शनिवार को अपने ट्वीट से ये संकेत दे दिए एलजेपी बिहार में 143 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है। चिराग पासवान ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी तस्वीर शेयर की है। जिसके साथ उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के सभी उम्मीदवार प्रधानमंत्री के हाथ मजबूत करेंगे। साथ ही ये भी साफ कर दिया कि उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पार्टी जेडीयू से शिकायत है। उन्होंने मोदी के संग अपनी एक तस्वीर के साथ ट्विटर पर एक संदेश पोस्ट किया, ‘मुझे आशा ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि बिहार को फर्स्ट बनाने के लिए और बिहार की खोई अस्मिता को लौटाने के लिए आप सभी मुझे अपना आशीर्वाद देंगे, ताकि मेरे सभी प्रत्याशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मजबूत कर सकें।’

Continue Reading

राजनीति

मध्यप्रदेश उपचुनाव:- सिंधिया समर्थक होंगे आमने सामने

Published

on

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के 28 विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर रण सज चुका है. कांग्रेस के 24 तो बीजेपी (BJP) के अनौपचारिक तरीके से 25 उम्मीदवार घोषित हो चुके हैं. लेकिन सबसे दिलचस्प मुकाबला ग्वालियर चंबल (Gwalior Chambal) की 16 विधानसभा सीट पर होने वाला है. मुकाबला इस लिहाज से भी दिलचस्प होगा कि इस बार आठ विधानसभा सीटों पर सिंधिया समर्थक आमने-सामने होंगे. दरअसल, कांग्रेस पार्टी ने ग्वालियर चंबल की जिन सीटों पर अब तक अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है, उनमें से आठ चेहरे ऐसे हैं जो कभी सिंधिया (Scindia) के कट्टर समर्थक थे. लेकिन सिंधिया के दल बदलने के बाद सिंधिया के यह समर्थक कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में नहीं गए, जिसके इनाम पर कमलनाथ ने आठ सीटों पर सिंधिया समर्थक को ही कांग्रेस का उम्मीदवार घोषित कर दिया है.

कांग्रेस में जिन 8 सीटों पर सिंधिया समर्थकों को चुनाव मैदान में उतारा है, उनमें दिमनी से रविंद्र सिंह तोमर, अंबाह से सत्य प्रकाश सखवार, ग्वालियर से सुनील शर्मा, डबरा से सुरेश राजे, अशोकनगर से आशा दोहरे, जोरा से पंकज उपाध्याय, पोहरी से हरीवल्लभ शुक्ला और मुंगावली से कन्हैया राम लोधी शामिल हैं.

बीजेपी ने कसा तंज

वहीं, ग्वालियर चंबल की 8 सीटों पर सिंधिया समर्थकों को चुनाव मैदान में उतारने के कांग्रेस के ऐलान पर बीजेपी ने तंज कसा है. प्रदेश के कैबिनेट मिनिस्टर अरविंद सिंह भदोरिया ने कहा है कि कांग्रेस के पास उपचुनाव में उतारने के लिए उम्मीदवार नहीं है और यही कारण है कि इधर-उधर से तलाश कर कांग्रेस प्रत्याशी तय कर रही है. वहीं, आठ सीटों पर सिंधिया समर्थकों को चुनाव मैदान में उतारने पर कांग्रेस ने कहा है कि जिनका डीएनए कांग्रेस का है, उन्हे ही कांग्रेस का उम्मीदवार घोषित किया गया है.

 

सिंधिया का साथ नहीं देने का फैसला किया

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि सिंधिया ने दल बदल कर बीजेपी का भगवा रंग ओड़ा है, लेकिन कांग्रेस की मूल विचारधारा से जुड़े लोगों ने सिंधिया का साथ नहीं देने का फैसला किया और मूल कांग्रेसियों को ही उपचुनाव में पार्टी ने टिकट देने का काम किया है. बहरहाल, इस बार का उपचुनाव बेहद दिलचस्प रहने वाला है. कभी ग्वालियर, चंबल इलाके में सिंधिया के समर्थन में कांग्रेस का झंडा उठाने वाले चेहरे अब सिंधिया के खिलाफ उपचुनाव में मैदान में हैं. यानी कि ग्वालियर चंबल की 8 सीटों पर सिंधिया के पुराने कांग्रेसी समर्थक और सिंधिया के मौजूदा भाजपाई समर्थकों के बीच मुकाबला होगा.

Continue Reading

Trending