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राजनीति

बिहार चुनाव:- बीजेपी ने बनाई नई टीम, अमित शाह के करीबी नेताओं को नही किया शामिल

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बिहार चुनाव की तारीखों का एलान होते ही बीजेपी ने नई टीम बनाई है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने  कार्यभार संभालने के आठ महीने बाद नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की है। नई टीम में जहां महिलाओं और युवाओं को मौके दिए गए हैं तो वहीं अमित शाह के कई करीबी नेताओं को टीम में शामिल नहीं किया गया है।

लंबी मशक्कत के बाद तैयार की गई राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम से राम माधव, मुरलीधर राव, सरोज पांडे और अनिल जैन की महासचिव पद से छुट्टी कर दी गई है। इसी प्रकार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से उमा भारती, विनय सहस्रबुद्धे, प्रभात झा, ओम माथुर, श्याम जाजू, अविनाश राय खन्ना और रेणू देवी जैसे दिग्गजों की छुट्टी कर उनके स्थान पर नए चेहरों को मौका दिया गया है।

नड्डा ने पार्टी के विभिन्न मोर्चों में भी व्यापक बदलाव करते हुए लगभग सभी पुराने अध्यक्षों को हटाकर नए चेहरों को अवसर दिया है। संगठन की दृष्टि से महत्पवूर्ण महासचिव के पद पर पांच नए चेहरों को नियुक्त किया गया है जबकि भूपेंद्र यादव, कैलाश विजयवर्गीय और अरूण सिंह को उनके पदों पर बरकरार रखा गया है। नए महासचिवों की सूची में हाल ही राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए दुष्यंत गौतम भी शामिल हैं। पुरानी टीम में वे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर थे। उनके अलावा नए महासचिवों में भाजपा महिला मोर्चा की प्रभारी डी पुरंदेश्वरी, कर्नाटक सरकार में मंत्री सी टी रवि, राष्ट्रीय सचिव तरूण चुग और असम से पार्टी के सांसद दिलीप सैकिया शामिल हैं। चुग पिछली टीम में राष्ट्रीय सचिव थे।

उपाध्यक्ष के पद पर भी नड्डा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को छोड़कर लगभग सभी पुराने चेहरों को हटा दिया है और नए चेहरों को नियुक्त किया है। नए चेहरों में पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, रेखा वर्मा, अन्नपूर्णा देवी, भारती बेन शियाल, (तीनों सांसद), तेलंगाना भाजपा की नेता डी के अरुणा, नागालैंड भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एम चुबा एओ और केरल के पूर्व सांसद अब्दुल्ला कुट्टी को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी के विभिन्न मोर्चों में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए तेजतर्रार सांसद व युवा सांसद तेजस्वी सूर्या को पार्टी के युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। वह पूनम महाजन की जगह लेंगे।

इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर को वीरेंद्र सिंह मस्त की जगह किसान मोर्चा का अध्यक्ष, तेलंगाना भाजपा के पूर्व अध्यक्ष डा. के. लक्ष्मणडा को दारा सिंह चौहान की जगह ओबीसी मोर्चा का अध्यक्ष, लाल सिंह आर्य को विनोद सोनकर की जगह अनुसूचित जाति मोर्चा का अध्यक्ष, समीर ओरांव को रामविचार नेताम की जगह अनुसूचित जनजाति मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। लंबे अरसे तक पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अब्दुल रशीद अंसारी की जगह जमाल सिद्दिकी को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रवक्ताओं की सूची का विस्तार करते हुए 23 नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनिल बलूनी को पार्टी का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है। साथ ही वे पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख के पद पर भी बने रहेंगे।

 

प्रवक्ताओं की सूची से मीनाक्षी लेखी को बाहर कर दिया गया है। नए प्रवक्ताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर, सांसदों में अपराजिता सारंगी, हिना गावित, राजू बिष्ट और राजीव चंद्रशेखर शामिल हैं। पहले से प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी निभा रहे सैयद शाहनवाज हुसैन, सुधांशु त्रिवेदी, संबित पात्रा, राजीव प्रताप रूडी, नलिन कोहली, ऑम वडक्कन और गोपाल कृष्ण अग्रवाल को बरकरार रखा गया है। नड्डा ने कुछ एक पुराने चेहरों को बरकरार रखते हुए सचिवों की पूरी टीम में भी व्यापक बदलाव किया है।

हसन राजा, रमन डेका, सुधा यादव, आर पी सिंह, ज्योति धुर्वे, रजनीश कुमार, महेश गिरी, राहुल सिन्हा और तीरथ सिंह रावत की छुट्टी हो गई है। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले सुनील देवधर और सत्या कुमार ही सचिव पद पर अपनी जगह बचाए रखने में कामयाब हुए हैं। नए सचिवों में विनो तावड़े,विनोद सोनकर, विश्वेश्वर टूडू, अरविंद मेनन, हरीश द्विवेदी, पंकजा मुंडे, ओमप्रकाश ध्रुवे, अनुपम हाजरा,

बिहार चुनाव की तारीखों का एलान होते ही बीजेपी ने नई टीम बनाई है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने  कार्यभार संभालने के आठ महीने बाद नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की है। नई टीम में जहां महिलाओं और युवाओं को मौके दिए गए हैं तो वहीं अमित शाह के कई करीबी नेताओं को टीम में शामिल नहीं किया गया है।

लंबी मशक्कत के बाद तैयार की गई राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम से राम माधव, मुरलीधर राव, सरोज पांडे और अनिल जैन की महासचिव पद से छुट्टी कर दी गई है। इसी प्रकार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से उमा भारती, विनय सहस्रबुद्धे, प्रभात झा, ओम माथुर, श्याम जाजू, अविनाश राय खन्ना और रेणू देवी जैसे दिग्गजों की छुट्टी कर उनके स्थान पर नए चेहरों को मौका दिया गया है।

नड्डा ने पार्टी के विभिन्न मोर्चों में भी व्यापक बदलाव करते हुए लगभग सभी पुराने अध्यक्षों को हटाकर नए चेहरों को अवसर दिया है। संगठन की दृष्टि से महत्पवूर्ण महासचिव के पद पर पांच नए चेहरों को नियुक्त किया गया है जबकि भूपेंद्र यादव, कैलाश विजयवर्गीय और अरूण सिंह को उनके पदों पर बरकरार रखा गया है। नए महासचिवों की सूची में हाल ही राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए दुष्यंत गौतम भी शामिल हैं। पुरानी टीम में वे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर थे। उनके अलावा नए महासचिवों में भाजपा महिला मोर्चा की प्रभारी डी पुरंदेश्वरी, कर्नाटक सरकार में मंत्री सी टी रवि, राष्ट्रीय सचिव तरूण चुग और असम से पार्टी के सांसद दिलीप सैकिया शामिल हैं। चुग पिछली टीम में राष्ट्रीय सचिव थे।

उपाध्यक्ष के पद पर भी नड्डा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को छोड़कर लगभग सभी पुराने चेहरों को हटा दिया है और नए चेहरों को नियुक्त किया है। नए चेहरों में पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, रेखा वर्मा, अन्नपूर्णा देवी, भारती बेन शियाल, (तीनों सांसद), तेलंगाना भाजपा की नेता डी के अरुणा, नागालैंड भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एम चुबा एओ और केरल के पूर्व सांसद अब्दुल्ला कुट्टी को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी के विभिन्न मोर्चों में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए तेजतर्रार सांसद व युवा सांसद तेजस्वी सूर्या को पार्टी के युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। वह पूनम महाजन की जगह लेंगे।

इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर को वीरेंद्र सिंह मस्त की जगह किसान मोर्चा का अध्यक्ष, तेलंगाना भाजपा के पूर्व अध्यक्ष डा. के. लक्ष्मणडा को दारा सिंह चौहान की जगह ओबीसी मोर्चा का अध्यक्ष, लाल सिंह आर्य को विनोद सोनकर की जगह अनुसूचित जाति मोर्चा का अध्यक्ष, समीर ओरांव को रामविचार नेताम की जगह अनुसूचित जनजाति मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। लंबे अरसे तक पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अब्दुल रशीद अंसारी की जगह जमाल सिद्दिकी को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रवक्ताओं की सूची का विस्तार करते हुए 23 नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनिल बलूनी को पार्टी का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है। साथ ही वे पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख के पद पर भी बने रहेंगे।

 

प्रवक्ताओं की सूची से मीनाक्षी लेखी को बाहर कर दिया गया है। नए प्रवक्ताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर, सांसदों में अपराजिता सारंगी, हिना गावित, राजू बिष्ट और राजीव चंद्रशेखर शामिल हैं। पहले से प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी निभा रहे सैयद शाहनवाज हुसैन, सुधांशु त्रिवेदी, संबित पात्रा, राजीव प्रताप रूडी, नलिन कोहली, ऑम वडक्कन और गोपाल कृष्ण अग्रवाल को बरकरार रखा गया है। नड्डा ने कुछ एक पुराने चेहरों को बरकरार रखते हुए सचिवों की पूरी टीम में भी व्यापक बदलाव किया है।

हसन राजा, रमन डेका, सुधा यादव, आर पी सिंह, ज्योति धुर्वे, रजनीश कुमार, महेश गिरी, राहुल सिन्हा और तीरथ सिंह रावत की छुट्टी हो गई है। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले सुनील देवधर और सत्या कुमार ही सचिव पद पर अपनी जगह बचाए रखने में कामयाब हुए हैं। नए सचिवों में विनो तावड़े,विनोद सोनकर, विश्वेश्वर टूडू, अरविंद मेनन, हरीश द्विवेदी, पंकजा मुंडे, ओमप्रकाश ध्रुवे, अनुपम हाजरा, नरेंद्र सिंह ,विजया रहाटकर, अलका गुज्जर शामिल है

राजनीति

मैं हमेशा ही नितीश कुमार के खिलाफ रहा हूँ: चिराग पासवान

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लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) से राहें जुदा कर ली हैं. हालांकि, वह बीजेपी के साथ हैं और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) से नाराज हैं. एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में चिराग पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू (JDU) को हर सीट पर हराना हमारा मकसद है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सहयोगियों की सुनते नहीं हैं. साथ ही पासवान ने यह भी कहा कि  हम JDU के साथ मजबूरी में थे. अब जनता दल यूनाइटेड (JDU) को हर सीट पर हराना ही हमारा मक़सद है.

चिराग पासवान ने रविवार को बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) का हिस्सा बने रहते हुए ही अलग चुनाव लड़ने का ऐलान किया. उन्होंने जेडीयू के खिलाफ सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने, लेकिन बीजेपी (BJP) प्रत्याशियों के खिलाफ नहीं लड़ने की बात कही थी. हालांकि, अब चिराग पासवान ने कहा कि कुछ सीटों पर बीजेपी के खिलाफ भी उम्मीदवार उतारने की तैयारी है.

एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा, “मैं हमेशा नीतीश कुमार के खिलाफ रहा. नीतीश का पत्ता हम नहीं जनता काटेगी.” गठबंधन को लेकर पूछ गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गठबंधन में रहने के लिए बीजेपी का कोई दबाव नहीं था. हम पीएम मोदी के प्रति समर्पित हैं. चुनाव नतीजों के बाद जेडीयू के साथ जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर अभी बात नहीं की जानी चाहिए.

पासवान ने दावा किया है कि बिहार चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और लोक जनशक्ति पार्टी की डबल इंजन वाली सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि कुछ सीटों पर BJP के ख़िलाफ़ उम्मीदवार भी उतारने की तैयारी है

NDTV के इंटरव्यू में चिराग पासवान की 10 बड़ी बातें-
1.    नीतीश सहयोगियों की नहीं सुनते
2.    हम JDU के साथ मजबूरी में थे
3.    JDU को हर सीट पर हराना मक़सद
4.    मैं हमेशा नीतीश के ख़िलाफ़ रहा
5.    गठबंधन में रहने के लिए BJP का कोई दबाव नहीं
6.    हम पीएम मोदी के प्रति समर्पित
7.    नतीजे के बाद JDU के साथ की अभी बात नहीं
8.    BJP-LJP की डबल इंजन की सरकार बनेगी
9.    कुछ सीटों पर BJP के ख़िलाफ़ उम्मीदवार भी
10.    नीतीश का पत्ता हम नहीं जनता काटेगी.

(साभार: khabar.ndtv.com)

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देश

रामविलास पासवान का हुआ दिल का आपरेशन, शनिवार को बिगड़ी तबियत

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लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party) के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के स्वास्थ्य को लेकर अपडेट सामने आया है। बेटे चिराग पासवान (Chirag paswan) ने बताया कि शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद देर रात उनके दिल का ऑपरेशन किया गया है। संभव है कि अगले कुछ हफ्तों में एक और ऑपरेशन करना पड़े। चिराग पासवान ने ट्वीट करके अपने पिता के स्वास्थ्य की जानकारी दी है।

शनिवार शाम अचानक बिगड़ गई रामविलास पासवान की तबीयत

केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान की तबीयत काफी समय से ठीक नहीं चल रही है। उनका इलाज दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा है। इस बीच शनिवार को उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने की जानकारी सामने आई। जिसके बाद चिराग पासवान तुरंत ही अपने पिता को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे। इस बीच बिहार चुनाव को लेकर शनिवार को एलजेपी संसदीय बोर्ड की अहम बैठक भी थी, जिसे टाल दिया गया।

 

चिराग पासवान बोले- कुछ हफ्तों में एक और सर्जरी संभव

इसके बाद एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार सुबह करीब 5 बजे एक ट्वीट किया, इसमें उन्होंने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की तबीयत के बारे में बताया। उन्होंने लिखा, ‘पिछले कई दिनों से पापा का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कल शाम अचानक उत्पन हुई परिस्थितियों की वजह से देर रात उनके दिल का ऑपरेशन करना पड़ा। जरूरत पड़ने पर सम्भवतः कुछ हफ्तों बाद एक और ऑपरेशन करना पड़े। संकट की इस घड़ी में मेरे और मेरे परिवार के साथ खड़े होने के लिए आप सभी का धन्यवाद।’

दिल्ली के अस्पताल में चल रहा पासवान का इलाज

रामविलास पासवान की बीमारी को लेकर बेटे चिराग ने पहले भी अपनी बात रखी थी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को एक बेहद भावपूर्ण चिट्ठी भी लिखी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि आज मेरे पिता को जब मेरी जरूरत है तो मुझे उनके साथ रहना चाहिए नहीं तो मैं अपने आपको माफ नहीं कर पाऊंगा। दूसरी ओर बिहार चुनाव को लेकर भी चिराग पासवान को कई जरूरी फैसले लेने हैं। खास तौर से एनडीए में रहने को लेकर एलजेपी का क्या रुख है इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। हालांकि चिराग पासवान ने शनिवार को एक ट्वीट के जरिए अपनी आगे की रणनीति की ओर इशारा जरूर कर दिया।

बिहार चुनाव में 143 सीट पर उम्मीदवारी की तैयारी में LJP

एलजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष चिराग पासवान ने शनिवार को अपने ट्वीट से ये संकेत दे दिए एलजेपी बिहार में 143 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है। चिराग पासवान ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी तस्वीर शेयर की है। जिसके साथ उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के सभी उम्मीदवार प्रधानमंत्री के हाथ मजबूत करेंगे। साथ ही ये भी साफ कर दिया कि उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पार्टी जेडीयू से शिकायत है। उन्होंने मोदी के संग अपनी एक तस्वीर के साथ ट्विटर पर एक संदेश पोस्ट किया, ‘मुझे आशा ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि बिहार को फर्स्ट बनाने के लिए और बिहार की खोई अस्मिता को लौटाने के लिए आप सभी मुझे अपना आशीर्वाद देंगे, ताकि मेरे सभी प्रत्याशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मजबूत कर सकें।’

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राजनीति

मध्यप्रदेश उपचुनाव:- सिंधिया समर्थक होंगे आमने सामने

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मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के 28 विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर रण सज चुका है. कांग्रेस के 24 तो बीजेपी (BJP) के अनौपचारिक तरीके से 25 उम्मीदवार घोषित हो चुके हैं. लेकिन सबसे दिलचस्प मुकाबला ग्वालियर चंबल (Gwalior Chambal) की 16 विधानसभा सीट पर होने वाला है. मुकाबला इस लिहाज से भी दिलचस्प होगा कि इस बार आठ विधानसभा सीटों पर सिंधिया समर्थक आमने-सामने होंगे. दरअसल, कांग्रेस पार्टी ने ग्वालियर चंबल की जिन सीटों पर अब तक अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है, उनमें से आठ चेहरे ऐसे हैं जो कभी सिंधिया (Scindia) के कट्टर समर्थक थे. लेकिन सिंधिया के दल बदलने के बाद सिंधिया के यह समर्थक कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में नहीं गए, जिसके इनाम पर कमलनाथ ने आठ सीटों पर सिंधिया समर्थक को ही कांग्रेस का उम्मीदवार घोषित कर दिया है.

कांग्रेस में जिन 8 सीटों पर सिंधिया समर्थकों को चुनाव मैदान में उतारा है, उनमें दिमनी से रविंद्र सिंह तोमर, अंबाह से सत्य प्रकाश सखवार, ग्वालियर से सुनील शर्मा, डबरा से सुरेश राजे, अशोकनगर से आशा दोहरे, जोरा से पंकज उपाध्याय, पोहरी से हरीवल्लभ शुक्ला और मुंगावली से कन्हैया राम लोधी शामिल हैं.

बीजेपी ने कसा तंज

वहीं, ग्वालियर चंबल की 8 सीटों पर सिंधिया समर्थकों को चुनाव मैदान में उतारने के कांग्रेस के ऐलान पर बीजेपी ने तंज कसा है. प्रदेश के कैबिनेट मिनिस्टर अरविंद सिंह भदोरिया ने कहा है कि कांग्रेस के पास उपचुनाव में उतारने के लिए उम्मीदवार नहीं है और यही कारण है कि इधर-उधर से तलाश कर कांग्रेस प्रत्याशी तय कर रही है. वहीं, आठ सीटों पर सिंधिया समर्थकों को चुनाव मैदान में उतारने पर कांग्रेस ने कहा है कि जिनका डीएनए कांग्रेस का है, उन्हे ही कांग्रेस का उम्मीदवार घोषित किया गया है.

 

सिंधिया का साथ नहीं देने का फैसला किया

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि सिंधिया ने दल बदल कर बीजेपी का भगवा रंग ओड़ा है, लेकिन कांग्रेस की मूल विचारधारा से जुड़े लोगों ने सिंधिया का साथ नहीं देने का फैसला किया और मूल कांग्रेसियों को ही उपचुनाव में पार्टी ने टिकट देने का काम किया है. बहरहाल, इस बार का उपचुनाव बेहद दिलचस्प रहने वाला है. कभी ग्वालियर, चंबल इलाके में सिंधिया के समर्थन में कांग्रेस का झंडा उठाने वाले चेहरे अब सिंधिया के खिलाफ उपचुनाव में मैदान में हैं. यानी कि ग्वालियर चंबल की 8 सीटों पर सिंधिया के पुराने कांग्रेसी समर्थक और सिंधिया के मौजूदा भाजपाई समर्थकों के बीच मुकाबला होगा.

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