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क्या आप के साथ भी हुआ है फ्रॉड? डाक घर मे भरे बस एक फॉर्म, मिलेंगे पूरे पैसे वापस

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नई दिल्‍ली: अगर आपके साथ किसी भी तरह का धोखा या फ्रॉड हुआ हो तो अब आपको अपने पैसों के लिए बिल्कुल भी परेशान नहीं होना पड़ेगा. आपको बस सिर्फ शिकायत करनी है और आपका पैसा वापस खाते में आ जाएगा. बता दें इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक यानी डाकघर ने इसके लिए नए फॉर्म निकाले हैं, जिसके जरिए आप फ्रॉड के बारे में शिकायत करके अपने पैसे के लिए क्लेम कर सकते हैं.

आपको बता दें इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक ने Simplified Standardized Claim Form लॉन्च किया है, जिसके जरिए आप अपने पैसों का क्लेम कर सकते हैं. आइए आपको बताते हैं आप कौन से खाते के लिए क्लेम कर सकते हैं.

आपको बता दें अभी तक पोस्ट ऑफिस के सभी सर्कल के लोग अपने हिसाब से अलग-अलग फॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसका कंटेट अलग था. इसको पूरे देश में एक जैसा बनाने के लिए ये फॉर्म लॉन्च किया गया है.

किस तरह कर सकते हैं शिकायत?

अगर आपको शिकायत करनी है तो पहले ये फॉर्म लेकर भरना होगा.

इसके बाद में जमा करते वक्‍त सेल्‍फ अटेस्‍टेड फोटोकॉपी भी देनी होगी.

इन फोटोकॉपी में Photo ID और Address proof देना जरूरी है.

इसके अलावा आपको Passbook, Deposit reciept भी देनी होगी.

इसके अलावा आपको Original Passbook भी जमा करनी पड़ सकती है.

इसके बाद में बैंक की ओर से इन्‍वेस्टिगेशन की जाएगी.

आपको बता दें इस तरह के फ्रॉड में शिकायत करने के बाद 7 दिन से लेकर 25 दिन तक का समय लग सकता है. बता दें आपके केस के ऊपर भी निर्भर करेगा कि आपको कितना दिन लगेगा. वहीं, अगर Forensic examination की जरूरत होगी तो 3 महीने तक का भी समय लग सकता है.

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सुशांत सिंह के पिता का बयान – हो सकता है उसने उदासी के चलते खुदकुशी की हो

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मुंबई: सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के पिता  केके सिंह ने बयान में कहा है कि ”मुझे लगता है कि सुशांत ने उदासी के चलते खुदकुशी की हो सकती है.” केके सिंह ने बयान में कहा है कि मैं पटना 30 साल से पटना में रह रहा हूं. मेरी पत्नी उषा का सन 2002 में देहांत हो गया. मेरी चार बेटियां हैं और एक बेटा था. मेरा बेटा सुशांत मुंडन कार्यक्रम में बाग लेने के लिए 13 मई 2019 को पटना आया था, तब मैं उससे मिला था. वह उस समय किसी प्रकार के तनाव में नहीं था. सुशांत 16 मई को वापस मुंबई चला गया था.

उन्होंने कहा है कि मैं सुशांत को व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजता था और वह उसी पर रिप्लाई करता था. मैं उसे अधिक फोन नहीं करता था क्योंकि वह हमेशा काम में व्यस्त रहता था. सुशांत को कोई जरूरत होती थी तो वह फोन करके बता देता था. उन्होंने कहा है कि सुशांत ने सात जून 2020 को फोन किया था. उसने कहा था कि एक साल से पटना नहीं आया. यदि आप चाहते हो तो पटना आऊंगा. मुझे देखने दो, मुझे अच्छा नहीं लग रहा है. मैं वापस आऊंगा.

केके सिंह ने कहा है कि 14 जून 2020 को मैं पटना में अपने घर में बैठा था. दोपहर में सवा दो बजे टीवी पर खबर चली कि सुशांत ने अपने घर में सीलिंग फैन से लटककर आत्महत्या कर ली. मैं यह सुनकरर बेहोश हो गया. मैं अपने भतीजे नीरज सिंह और रिश्तेदारों के साथा 15 जून को फ्लाइट से मुंबई पहुंचा. विले पार्ले वेस्ट में हमने सुशांत का अंतिम संस्कार किया. इसे बाद हम बांद्रा में सुशांत के किराये के फ्लैट में पहुंचे.

उन्होंने कहा है कि मैं नहीं जानता कि मेरे बेटे ने सुसाइड क्यों किया. उसने कभी किसी प्रकार के तनाव या डिप्रेशन के बारे में चर्चा नहीं की. मुझे सुशांत की मौत को लेकर किसी से शिकायत नहीं है, न ही संदेह है. मुझे लगता है कि सुशांत ने अवसाद के कारण आत्महत्या की.

सुशांत सिंह राजपूत की बहन ने भी पुलिस को दिए गए बयान में स्वीकार किया है कि सुशांत ने बताया था कि वह अवसाद में है और 2013 में उसने साइकेट्रिस्ट से सलाह भी ली थी. अभिनेता सुशांत की बहनें नीतू सिंह, प्रियंका सिंह और मीतू सिंह के बयानों ने रिया चक्रवर्ती की टीम के आरोपों को लेकर एक नया मोड़ दे दिया है कि परिवार ने सुशांत सिंह राजपूत की मानसिक स्थिति से अनजान होने के बारे में झूठ बोला था.

सुशांत सिंह की 14 जून को मौत से पहले मीतू सिंह कुछ अरसे तक उसके साथ रही थी. उन्होंने पुलिस को बताया कि सुशांत ने पिछले साल परिवार से कहा था कि वह अवसाद में है.

मीतू सिंह ने पुलिस को दिए गए बयान में कहा है कि ”अक्टूबर 2019 में सुशांत ने पूरे परिवार से कहा था कि वह खुद को अवसाद में महसूस कर रहा है. मेरी बहनें नीतू सिंह और प्रियंका सिंह भी दिल्ली और हरियाणा से सुशांत सिंह राजपूत के पास मुंबई आई थीं. उसके बांद्रा वेस्ट के जॉगर्स पार्क में माउंट ब्लैंक बिल्डिंग के फ्लैट नंबर 601 में उससे मिले थे. सभी बहनें कुछ समय तक उसके साथ रही थीं और उसे समझाया था. मेरा भाई सुशांत सिंह प्रोफेशनल अप्स और डाउंस को लेकर उदास था.”

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दिल्ली के भजनपुरा इलाके में एक घर से तीन बच्चों समेत पांच शव बरामद हुए, पुलिस जांच में जुटी।

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Story By/- Haidar Baaghi

नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में बुधवार दोपहर एक घर में पांच शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है। शुरूआती जांच में पुलिस हत्या की आशंका जता रही है। बताया जा रहा है कि यह सभी एक ही परिवार के हैं और कुछ समय पहले ही इस मकान में शिफ्ट हुए थे।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार घर में तीन बच्चों, एक महिला और पुरुष का शव सड़ी-गली अवस्था में मिला है। घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर-पूर्वी, दिल्ली के उपायुक्त श्री वेद प्रकाश सूर्या, उत्तर-पूर्वी दिल्ली ऑपरेशन सेल इंचार्ज विनय यादव, सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं।

बताया जा रहा है कि भजनपुरा की गली नंबर 9 में यह हादसा हुआ है। पुलिस अपनी शुरुआती जांच में शवों को चार-पांच दिन पुराना बता रही है। साथ ही ये भी बताया कि ये शव पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों के हैं।
पुलिस का कहना है कि, घर के अंदर लूटपाट होने की आशंका है। इसीलिए पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। मृतक शम्भूनाथ ई-रिक्शा चलाता था और यहां किराए के मकान में रहता था।

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आखिर क्या है F.I.R No 153/11 जिसकी वजह से दशक भर में 2 दर्जन से ज्यादा लोग अल्लाह को प्यारे हो गए?

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हम काफी छोटी उम्र से सुनते आए हैं मोहब्बत और जंग में सब कुछ जायज़ है! इन दो दर्जन से ज्यादा लोगों की हत्या की वजह मोहब्बत है जो आज गैंगवार का रूप लेकर जंग की तरह लड़ी जा रही है!

दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिला के जाफराबाद में रहने वाले बड़े कारोबारी हाजी मतीन की लड़की और अब्दुल रशीद के बेटे आतिफ के बीच काफी वक़्त से मोहब्बत चल रही थी!
इन दोनों के बीच चल रही मोहब्बत की खबर दोनों के परिवार वालो तक पहुंच गई जिसके बाद दोनों के परिवार वालों ने अपने-अपने बच्चों पर सख्ती करते हुए युवक और युवती के घर से बाहर आने जाने पर पाबंदी लगा दी! लेकिन यह पाबंदी ज्यादा दिन नहीं चल सकी कुछ ही दिन मैं आतिफ और हाजी मतीन की लड़की मौका मिलते ही अपने घर से निकल गए और दोनों ने फतेहपुरी मस्जिद से रजिस्टर निकाह कर लिया निकाह के बाद दोनों साथ रहने लगे कुछ दिनों बाद हाजी मतीन ने अपनी लड़की से संपर्क किया और कहा बेटा जो तुम दोनों ने कर लिया सो कर लिया लेकिन अब अपने बाप की इज्जत रख ले और घर आजा मैं तुझे आतिफ के साथ घर से विदा कर दूंगा जिससे मेरी समाज में इज्जत रह जाएगी लड़की अपने बाप की इज्जत के खातिर अपने बाप के घर आ गई|

वापस आने के 2-3 दिन बाद आतिफ अपनी बीवी से मिलने हाजी मतीन के घर गया हाजी मतीन ने आतिफ के साथ मारपीट की और धमकी देते हुए कहां हम ऐसी शादी को नहीं मानते और ना रजिस्टर निकाह को मानते तुझसे जो हो सकता है कर के देख ले|

अगले दिन आतिफ ने हाजी मतीन और उसके परिवार पर अपनी बीवी को जबरन बंदी बनाकर घर में कैद रखने का मुकदमा कोर्ट में दाखिल कर दिया हाजी मतीन को जैसे ही आतिफ द्वारा कोर्ट केस किए जाने की खबर मिली उसने तुरंत ही अपने खास और भरोसे के आदमी से जाफराबाद थाने के घोषित अपराधी आक़िल मामा को बुलाया और आतिफ की हत्या करने की सुपारी दे दी जिसको आक़िल मामा ने 15/मई/2011 में अंजाम देते हुए आतिफ को दिन दहाड़े गोलियों से भून कर जाफराबाद में ही मौत के घाट उतार दिया!आतिफ हत्याकांड की जांच जाफराबाद पुलिस ने शुरू की जिसमे आक़िल मामा गिरोह का वसीम बलूचा नामक बदमाश पुलिस के हत्ते चढ़ा तफ्तीश के दौरान वसीम ने बताया की आतिफ को सभी गोलियां आक़िल मामा ने मारी थी और वह खुद मोटरसाइकल चला रहा था|

आतिफ हत्याकांड में हाजी मतीन का नाम भी काफी उछला लेकिन उसके रसूख के सामने किसी की एक न चली और न ही पुलिस ने उससे कोई पूछताछ की उधर आतिफ की हत्या को अंजाम देने के बाद से आक़िल मामा भी फरार चल रहा था दिल्ली पुलिस की और भी कई टीम मामा को अन्य मुक़दमो में तलाश कर रही थी लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग रहा था इसलिए दिल्ली पुलिस आयुक्त ने आक़िल मामा की गिरफ्तारी पर 50 हज़ार का नगद इनाम रख दिया! दिल्ली पुलिस के अनुसार आतिफ के दोस्त और बड़े भाई हाजी मतीन और आक़िल मामा से आतिफ की मौत का बदला लेना चाहते थे जिसकी शुरुआत 08 मई 2012 की रात 09:30 बजे आतिफ के दोस्त अब्दुल नासिर, हाशिम बाबा और भाई इमरान ने हाजी मतीन के ऑफिस मटके वाली गली जाफराबाद में घुस कर हाजी मतीन को दर्जन भर गोलियां मार मौत की नींद सुला दिया और आतिफ की मौत का बदला लिया|

हाजी मतीन की मौत की खबर सुन कर पूरा इलाका सकते में था !

हाजी मतीन के हाई प्रोफाइल हत्या काण्ड के आरोपी हाशिम बाबा और अब्दुल नासिर की गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस आयुक्त ने एक एक लाख का नगद इनाम घोषित कर दिया !

उधर आतिफ की हत्या का आरोपी और दिल्ली की कई सनसनीखेज़ वारदातों को अंजाम दे चुके 50 हज़ार के इनामी गैंगस्टर आकिल मालिक@आकिल मामा को पूर्वी दिल्ली जिला के AATS ने 06/November/2012 को मुंबई से गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया ! इतने संगीन आरोपों के बावजूद आकिल मामा को मार्च 2013 में ज़मानत पर रिहा कर दिया गया !जैल से आने के बाद आकिल मामा ने नासिर/हाशिम के करीबी दोस्त तबरेज़ की हत्या पुराने मुस्तफाबाद में अपने गैंग के सबसे तेज़ तर्रार शूटर इरफ़ान@छेनू पहलवान एवं अन्य बदमाशों से करा दी

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के उपायुक्त श्री संजीव कुमार यादव के अनुसार उन्हें पता चला था के अब्दुल नासिर आकिल मामा की हत्या की योजना बना रहा है!उससे पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के इन्स्पेक्टर उमेश भरतवाल और नीरज कुमार की टीम ने 05/11/2013 को एक लाख के इनामी बदमाश अब्दुल नासिर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया !

अब्दुल नासिर के पकडे जाने के 10 दिन के भीतर 13/14 नवम्बर 2013 की रात 11:45 से 12:30 बजे के बीच आकिल मामा पर ताबड़ तोड़ गोलियां चलाई गई जिसमे 2 दर्जन से ज़्यादा गोलियां आकिल मामा के लगी और 2 गोली वहा मौजूद 2 लोगो के लगी जिससे वह घायल हो गए ! आकिल मामा अपने गैंग के सदस्य वसीम बलूचे के पिता के जनाज़े में शामिल होने कुएं वाली मस्जिद के पास मटके वाली गली जाफराबाद आया था शूटआउट की खबर मिलते ही थाना जाफराबाद की पुलिस और ज़िले के आला अधिकारी भी मोके पर तुरंत पहुंचे घायल आकिल मामा को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने मामा को मृत घोषित कर दिया!

अगले दिन अस्पताल वालो ने आकिल मामा का शव पोस्टमार्टम कर मामा के परिजनों को सौंप दिया शव मिलने के बाद आकिल मामा के भाई ज़ाहिद ने मामा का शव थाना जाफराबाद के सामने रख नारे बाज़ी की उसने अपने भाई आकिल मामा हत्याकांड की जांच दिल्ली क्राइम ब्रांच से कराने की मांग की मोके पर सभी आला अधिकारी पहुंचे और आकिल मामा हत्याकांड की जांच दिल्ली क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई!

आक़िल मामा हत्याकांड की जांच दिल्ली क्राइम ब्रांच ने अपने तेज़ तर्रार इंस्पेक्टर आकाश रावत को सौंपी रावत ने शुरू से तवतीश चालु की तवतीश में ज़ाहिद ने खुद को मामा हत्याकांड का चश्मदीद गवाह बताया  सूत्रों के अनुसार आक़िल मामा गैंग में नम्बर 2 की हैसियत रखने वाला इरफ़ान@छेनू पहलवान के कहने पर ज़ाहिद ने क्राइम ब्रांच को बताया आकिल मामा को मारने में हाशिम बाबा, के साथ अब्दुल नासिर का रिश्तेदार दानिश सहित और भी लड़के शामिल थे जबकि दानिश और एब्ले हसन ने कभी आकिल मामा को देखा नही था बस नाम ही सुना था!हाजी मतीन और आकिल मामा हत्याकांड के मुख्य आरोपी हाशिम बाबा की गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस आयुक्त ने 1लाख का इनाम घोषित कर रखा था दिल्ली क्राइम ब्रांच की कई टीमों के साथ-साथ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीमें भी हाशिम बाबा को गिरफ्तार करने के लिए राजस्थान,मुंबई,गुजरात में छापे मारी कर रहीं थी लेकिन हाशिम बाबा का कहीं कोई सुराग नहीं मिल रहा था एक तो पुलिस के पास हाशिम बाबा की कोई फोटो नही थी और न ही वह कभी कोई मोबाइल रखता था बाबा को पकड़ना दिल्ली पुलिस के लिए भूसे में सुईं ढूंढने जैसा था लेकिन 12 जून 2014 को दिल्ली क्राइम ब्रांच को सूचना मिली के 1 लाख के इनामी हाशिम बाबा ने अपना बेस राम नगर उत्तराखंड में बना लिया है दिल्ली क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त आयुक्त श्री अशोक चाँद ने बताया सूचना मिलते ही दिल्ली क्राइम ब्रांच के उपायुक्त श्री भीष्म सिंह और सहायक आयुक्त श्री के.पी.एस. मल्होत्रा के दिशा निर्देश पर दिल्ली क्राइम ब्रांच के चुनिंदा अफसर में शुमार इंस्पेक्टर कुलबीर सिंह के नेतृत्व में एक टीम राम नगर उत्तराखंड के लिए रवाना हो गई और उत्तराखंड से दिल्ली के कुख्यात और 1 लाख के इनामी बदमाश हाशिम बाबा को गिरफ्तार कर दिल्ली ले आई |

(आगे की कहानी जल्द ही आपके बीच लायी जाएगी)

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