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शिक्षा

AMU में पढ़े भारतीय मूल के वैज्ञानिक को ह्यूस्टन में रिसर्च के लिए मिले करोड़ों रूपए

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अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जी हां वही यूनिवर्सिटी जो पिछले कुछ दिनों से अपने कैंपस में लगे एक तस्वीर की वजह से चर्चा में है, मुख्यधारा मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक में ये डिबेट जोर शोर से चल रहा है की क्या AMU जिन्ना के विचारधारा को सपोर्ट करने वाले लोग पैदा करती है? क्या AMU देशद्रोही पैदा करती है?

तमाम चैनल पर इस मद्दे को लेकर पिछले कुछ दिनों से डिबेट चल रहा था, ऐसे में एक खबर जो बताती है की AMU की पढाई और वहा का ज्ञान कितना उम्दा है.

जी हां अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के एलुमनी ताहिर हुसैन को अमेरिका में किडनी से जुड़े एक अध्ययन के लिए 16 लाख अमेरिकी डॉलर प्रदान की गयी है|

हुसैन भारतीय मूल के अमेरिकी प्रोफेसर हैं, जिन्होंने अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढाई की है. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ (एनआईएच्) ने ह्यूस्टन विश्वविद्यालय में औषधि विज्ञानं के प्रोफेसर ताहिर हुसैन को किसने से जुड़े एक अध्ययन के लिए 16 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब १० करोड़ 76 लाख रूपए) की राशि प्रदान की है.

हुसैन सक्रीय एटी2 आरकी गैरमौजूदगी में किडनी पर सुजन के प्रभावों का अध्ययन करेंगे.10 करोड़ की यह राशिएक गुर्दे की कोशिका की जाँच करने के लिए दी गयी है,जो मोटापा के कारन होने वाले सुजन से किडनी को पहुचने वाली क्षति को रोक सकती है.

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DU Admissions 2020:- इस दिन से जारी होगी दिल्ली यूनिवर्स‍िटी की कट ऑफ लिस्ट जारी

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दिल्‍ली यूनिवर्स‍िटी में एडमिशन के लिये कटऑफ लिस्‍ट की प्रतीक्षा कर रहे छात्रों का इंतजार जल्‍द समाप्‍त होने वाला है. दिल्‍ली यूनिवर्सिटी ने अंडरग्रेजुएट और पोस्‍टग्रेजुएट एडमिशन का शेड्यूल जारी कर दिया है. यूनिवर्सिटी (Delhi University) ने मेरिट के आधार पर होने वाले दाखिले और प्रवेश परीक्षा के जरिये होने वाले दाखिले, दोनों का शेड्यूल जारी किया है. शेड्यूल के मुताबिक, मेरिट के आधार पर यूजी प्रोग्राम में दाखिले के लिये पहली कटऑफ लिस्‍ट (DU First Cut off List 2020) 12 अक्‍टूबर 2020 को जारी की जाएगी. इस बार यूनिवर्सिटी कुल 5 कटऑफ लिस्‍ट जारी करेगी. छात्र, दिल्‍ली यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट du.ac.in पर कटऑफ देख पाएंगे.

अंडर ग्रेजुएट कोर्स में मेरिट के आधार पर होने वाले दाखिले के अलावा डीयू ने उन कोर्सेज का शेड्यूल भी जारी कर दिया है, जिसमें प्रवेश परीक्षा के जरिये एडमिशन होने हैं. प्रवेश परीक्षा के आधार पर जिन कोर्सेज में दाखिले होंगे, उनके लिये मेरिट लिस्‍ट 19 अक्‍टूबर 2020 को जारी की जाएगी. पोस्‍ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम्‍स (PG Admissions) में एडमिशन की प्रक्रिया 26 अक्‍टूबर 2020 को शुरू होगी.

DU UG Admissions 2020: शेड्यूल

पहली कटऑफ लिस्‍ट: 12 अक्‍टूबर 2020

पहली कटऑफ लिस्‍ट के अनुसार एडमिशन: 12 अक्‍टूबर 2020 से 14 अक्‍टूबर 2020

दूसरी कटऑफ लिस्‍ट के अनुसार एडमिशन: 19 से 21 अक्‍टूबर 2020

तीसरी कटऑफ लिस्‍ट के अनुसार एडमिशन: 26 से 28 अक्‍टूबर 2020

चौथी कटऑफ लिस्‍ट के अनुसार एडमिशन: 2 से 4 नवंबर 2020

पांचवी कटऑफ लिस्‍ट के अनुसार एडमिशन: 9 से 11 नवंबर 2020

DU PG admission 2020: शेड्यूल

पहली मेरिट लिस्ट के लिए एडमिशन – 26 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक

दूसरी मेरिट लिस्ट के लिए एडमिशन – 2 नवंबर से 4 नवंबर तक

तीसरी मेरिट लिस्ट के लिए एडमिशन – 9 नवंबर से 11 नवंबर तक

सत्र की शुरुआत – 18 नवंबर

स्पॉट एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल ओपन होने की तारीख – 9 नवंबर 2020

पहले स्पॉट एडमिशन के लिए सीट आवंटन – 10 नवंबर

पहला स्पॉट एडमिशन – 11 नवंबर

सत्र की शुरुआत – 18 नवंबर

Delhi University admission schedule 2020: यहां चेक करें

छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया को पूरा करने के लिए लगभग दो दिन और फीस भुगतान को पूरा करने के लिए अतिरिक्त 2 दिन का समय मिलेगा. आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार, कॉलेजों में एडमिशन प्रोसेस सुबह 10 बजे शुरू हो जाएगा और शाम 5 बजे तक जारी रहेगा. एडमिशन के लिये फॉर्म भरने वाले छात्रों

को दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

पांच कटऑफ लिस्‍ट जारी करने के बाद भी अगर सीटें खाली रह जाती हैं, तो आगे और भी कटऑफ लिस्‍ट जारी की जा सकती हैं. फर्स्‍ट ईयर के लिये 18 नवंबर से कक्षाएं शुरू हो जाएंगी.

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शिक्षा

जो छात्र या उनके परिवार वाले कोरोना से जूझ रहे है उन्हें मिलेगी छूट, बाद में होगी परीक्षा

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यूजी (स्नातक)-पीजी (स्नातकोत्तर) के साथ बीएड फाइनल ईयर के ऐसे छात्र जाे काेविड से जूझ रहे हैं या उनके परिवार में काेई सदस्य इस बीमारी से पीड़ित है ताे ऐसे छात्राें काे विवि परीक्षा से छूट देगा। ऐसे छात्राें की परीक्षा बाद में ली जाएगी, जब वे ठीक हाे जाएंगे। विश्वविद्यालय के इस फैसले के बाद सभी काॅलेजाें ने परीक्षा में शामिल हाेने वाले अपने छात्राें के लिए नाेटिस जारी किया है।

इसमें कहा गया है- यदि कोई विद्यार्थी कोविड से ग्रसित है या परिवार के किसी व्यक्ति के ग्रसित रहने के कारण घर सील कर दिया गया है या होम क्वारेंटाइन की सलाह दी गई है तो विद्यार्थी कॉलेज मेल पर प्रमाण सहित जानकारी देंगे। अगर कोई विद्यार्थी बीमारी से संबंधित बात छुपा कर परीक्षा में शामिल हाेगा और यह बात बाद में सामने आयी ताे ऐसे छात्र के ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षा में ड्यूटी करने वाले शिक्षकाें का हुआ काेविड टेस्ट

एलबीएसएम कॉलेज में जिला सर्विलांस ऑफिस के सहयोग से शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट किया गया। प्रिंसिपल डॉ. अमर सिंह ने कहा कि परीक्षा को ध्यान में रखकर सभी स्टाफ का कोरोना टेस्ट किया गया। सबकी रिपोर्ट निगेटिव रही। जिन्हाेंने टेस्ट नहीं कराया है, उन्हें यह लिखकर देना होगा कि कोरोना निगेटिव हैं।

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शिक्षा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत की जाएगी शिक्षकों की बहाली

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल में जुटे राज्यों को सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के खाली पड़े पदों को भी भरना होगा। योजना की शुरुआत में ही इस लक्ष्य को हासिल करने की सिफारिश की गई है। हालांकि, राज्यों के लिए यह एक कठिन लक्ष्य है। इसके बावजूद इस नीति में शिक्षकों के खाली पदों को समयबद्ध तरीके से जल्द-से-जल्द भरने पर जोर दिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को तेजी से आगे बढ़ाने में जुटा शिक्षा मंत्रालय भी इस पर पूरी नजरें लगाए हुए है। फिलहाल राज्यों से शिक्षकों के खाली पदों का ब्योरा जुटाया गया है।

मौजूदा समय में देश में शिक्षकों के 10 लाख से ज्यादा पद खाली

राज्यों से जुटाए गए इस ब्योरे के अनुसार, देश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 10 लाख से ज्यादा पद खाली हैं। शिक्षकों के सबसे ज्यादा खाली पद उत्तर प्रदेश और बिहार में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के कुल स्वीकृत पद करीब 7.52 लाख हैं। इनमें से 2.17 लाख पद खाली है। वहीं बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के कुल स्वीकृत पद 6.88 लाख हैं। इनमें 2.75 लाख पद खाली हैं। ऐसी ही स्थिति मध्य प्रदेश, बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों की भी है, जहां शिक्षकों के हजारों पद खाली पड़े हैं।

नीति पर अमल के शुरुआती दौर में ही इन्हें भरने की सिफारिश

खास बात यह है कि हाल ही में आई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूलों में शिक्षकों के खाली पड़े पदों को लेकर चिंता जताई गई है। इसके क्रियान्वयन की जो रूपरेखा तय की गई है, उनमें नीति के अमल की शुरुआत में ही शिक्षकों के खाली पदों को भरने की सिफारिश की गई है। इसके लिए राज्यों को एक समयबद्ध योजना बनाने का प्रस्ताव किया गया है। साथ ही कहा गया है कि प्रत्येक स्कूल में छात्र- शिक्षक के अनुपात को ठीक करने की जरूरत है। इसके तहत प्रत्येक 30 छात्र पर एक शिक्षक का होना जरूरी है।

वहीं सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित बच्चों की अधिकता वाले क्षेत्रों में प्रत्येक 25 बच्चों पर एक शिक्षक रखने को कहा गया है।शिक्षा मंत्रालय भी नीति के अमल के पहले दौर में ही राज्यों से शिक्षकों की कमी को खत्म करने को लेकर बातचीत की तैयारी में है। इसे लेकर तैयारी चल रही है। आने वाले दिनों में राज्यों से इसे लेकर प्लान मांगा जा सकता है।

प्रमुख राज्य और शिक्षकों के खाली पदों की संख्या

बिहार –2.75 लाख

उत्तर प्रदेश–2.17 लाख

झारखंड –95 हजार

मध्य प्रदेश–91 हजार

बंगाल- -72 हजार

राजस्थान- 47 हजार

छत्तीसगढ़- 51 हजार

आंध्र प्रदेश- 34 हजार

उत्तराखंड- 18 हजार

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