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मासूम बच्ची जैनब के साथ हुई हैवानियत से पाकिस्तान में मचा बवाल।

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पाकिस्तान में एक ऐसी घटना हुई जिससे पूरा देश गुस्से में है। पंजाब प्रांत के कसूर शहर की रहने वाली 8 साल की बच्ची जैनब का रेप कर बेरहमी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। जब ये हादसा हुआ तब बच्ची के माता-पिता सऊदी अरब में थे। बच्ची के घरवालों का कहना है कि उसे भीड़भाड़ वाले इलाके से अगवा किया गया फिर रेप किया गया और पुलिस गुनहगारों को जानते हुए भी कार्रवाई नहीं कर रही है जिससे पूरे देश में आक्रोश है।

 बताया जा रहा कि मामले का एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बच्ची के साथ एक अजनबी दिखाई दे रहा है। इस फुटेज को देखने के बाद लोगों में गुस्सा भड़क गया। जिसके बाद वे विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आए। लोग अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की जोर पर हैं। पूरे पाकिस्तान में जस्टिस फॉर जैनब की मुहिम चल रही है। लोग अपराधी को जल्द से जल्द गिरफ्तार और सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर प्रिंट मीडिया तक इंसाफ की गुहार लगाई जा रही है सडकों-सड़कों पर लोग इंसाफ की मांग रहे है इसी दौरान लोग हाथों में डंडे और पत्थर लेकर डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय पर पहुंच गए और हमला बोल दिया। इस दौरान लोगों को शांत कराने आई पुलिस ने भीड़ पर गोलियां चला दी जिसमें दो नागरिकों की मौके पर मौत हो गई कहा जा रहा है कि उसे हवा में फायर करने को कहा गया था। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि प्रदर्शनकारियों की मौत के लिए पुलिस जिम्मेदार है या नहीं।

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 पाकिस्तान के लोकल रिपोर्ट्स के मुताबिक 8 साल की जैनब का शव रेप के बाद कचरे के ढेर में पड़ा मिला। एक तरफ देखा जाये तो पाकिस्तान में महिलाओं के लिए कडे नियम कानून बनाये गये हैं वहाँ की लड़कियां औसत रूप से पाँच साल तक ही पढ़ती है और हमेशा परदे में रहती है। और सिर्फ 33 प्रतिशत महिला ही सेलोफेन का इस्तेमाल करती है तथा 24 प्रतिशत महिला आफ़िस में कार्यरत है और 73 प्रतिशत पाकिस्तानी पुरूष महिलाओं के साथ कार्य नहीं करते। फिर भी इतने कठोर कानून होने के बाद 8 साल की बच्ची के साथ रेप की दुर्घटना होना पाकिस्तान के लिए यह शर्मनाक बात है वहां की महिलायें इतनी असुरक्षित है।

इस बात से गुस्से में आकर पाकिस्तान की एक टीवी एंकर ने इंटरनेशनल मीडिया का ध्यान खींचने के लिएे लाइव टीवी में अपनी बच्ची को गोद में बिठाया और पूरा बुलेटिन बच्ची को गोद में बैठाये रखा। उनका ये वीडियो खूब वायरल भी हो रहा है। उन्होंने इस वीडियो में इस घटना के होने से हर मां के दर्द को बयां किया है भारत में भी इस वीडियो की खूब प्रशंसा हो रही है। परंतु पाकिस्तान में पुलिस की उदासीनता के खिलाफ लोगों में भारी रोष हैं। पुलिस बच्ची की लाश मिलने के बाद उसके परिवारवालों को देने से बच रही थी। पुलिस को आशंका थी कि कहीं लोगों के बीच फैला तनाव दंगे की शक्ल अख्तियार न कर ले। बच्ची की मां ने कहा कि उन्हें बस न्याय चाहिए। बच्ची की लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। मामले की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस सीरियल किलिंग का भी मामला मानकर चल रही है।

बच्ची के पिता ने कहा है कि जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिल जाता, वह उसकी लाश को नहीं दफनाएंगे। मामले ने सियासतदानों की भी नींद उड़ा दी है। पंजाब के मुख्यमंत्री शाहवाज शरीफ ने भी जांच के लिए कहा है। पंजाब के कानून मंत्री राना सनाउल्लाह ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि प्रांतीय सरकार केस को हैंडल कर रही है।

अश्विनी वानखडे

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दुनिया के 100 प्रभावशाली लोगों में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, टाइम मैगजीन के एडिटर ने कहा “बीजेपी ने मुसलमानों को खारिज कर दिया”

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अमेरिका की मशहूर पत्रिका टाइम ने दुनिया के 100 प्रभावशाली लोगों की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी शामिल किया है। इस सूची में शामिल अन्‍य भारतीय लोगों में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, अभिनेता आयुष्‍मान खुराना, एचआईवी पर शोध करने वाले रविंदर गुप्‍ता और शाहीन बाग धरने में शामिल बिल्किस भी शामिल हैं। टाइम मैगजीन ने प्रधानमंत्री मोदी के बारे में लिखे अपने लेख में कई तल्‍ख टिप्‍पण‍ियां की हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के अलावा इस लिस्‍ट में शी जिनपिंग, ताइवान की राष्‍ट्रपति त्‍साई इंग वेन, डोनाल्‍ड ट्रंप, कमला हैरिस, जो बाइडन, जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल समेत दुनियाभर के कई नेता शामिल हैं। टाइम मैगजीन ने पीएम मोदी के बारे में लिखा, ‘लोकतंत्र के लिए सबसे जरूरी स्‍वतंत्र चुनाव नहीं है। इसमें केवल यह पता चलता है कि किसे सबसे अधिक वोट मिला है। इससे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण उन लोगों का अधिकार है जिन्‍होंने विजेता के लिए वोट नहीं दिया। भारत 7 दशकों से अधिक समय से दुनिया का सबसे बड़ा लोक‍तंत्र रहा है। भारत की 1.3 अरब की आबादी में ईसाई, मुस्लिम, सिख, बौद्ध, जैन और अन्‍य धर्मों के लोग शामिल हैं।’

‘BJP ने भारत के मुसलमानों को खारिज कर दिया’

टाइम मैगजीन के एडिटर कार्ल विक ने लिखा, ‘यह सब भारत में है जिसे अपने जीवन का ज्‍यादातर समय शरणार्थी के रूप में गुजारने वाले दलाई लामा ने सद्भाव और स्थिरता का उदाहरण बताया है। नरेंद्र मोदी ने इन सभी को संदेह में ला दिया है। भारत के ज्‍यादातर प्रधानमंत्री करीब 80 फीसदी आबादी वाले हिंदू समुदाय से आए हैं लेकिन केवल मोदी ही ऐसे हैं जिन्‍होंने ऐसे शासन किया जैसे उनके लिए कोई और मायने नहीं रखता है।’

कार्ल विक ने लिखा, ‘नरेंद्र मोदी सशक्तिकरण के लोकप्रिय वादे के साथ सत्‍ता में आए लेकिन उनकी हिंदू राष्‍ट्रवादी पार्टी बीजेपी ने न केवल उत्कृष्टता को बल्कि बहुलवाद खासतौर पर भारत के मुसलमानों को खारिज कर दिया। बीजेपी के लिए अत्‍यंत गंभीर महामारी असंतोष को दबाने का जरिया बन गया। और दुनिया का सबसे जीवंत लोकतंत्र अंधेरे में घिर गया है।’ बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान टाइम मैगजीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘भारत का डिवाइडर इन चीफ’ यानी ‘प्रमुख विभाजनकारी’ बताया था।

हालांकि टाइम ने नतीजों के बाद उन पर एक और आर्टिकल छापा था। दूसरे आर्टिकल का शीर्षक था- ‘मोदी हैज यूनाइटेड इंडिया लाइक नो प्राइम मिनिस्टर इन डेकेड्स’ यानी ‘मोदी ने भारत को इस तरह एकजुट किया है जितना दशकों में किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया’। इस आर्टिकल को मनोज लडवा ने लिखा है जिन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान ‘नरेंद्र मोदी फॉर पीएम’ अभियान चलाया था। आर्टिकल में लिखा गया है, ‘उनकी (मोदी) सामाजिक रूप से प्रगतिशील नीतियों ने तमाम भारतीयों को जिनमें हिंदू और धार्मिक अल्पसंख्यक भी शामिल हैं, को गरीबी से बाहर निकाला है। यह किसी भी पिछली पीढ़ी के मुकाबले तेज गति से हुआ है।’

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चीन की साजिश का पर्दाफाश, सेना को पीछे हटाने के बहाने LAC पर तैनात की अतिरिक्त टुकड़ी

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भारत और चीन के बीच लद्दाख स्थित एलएसी पर पिछले चार महीनों से तनाव जारी है। इस बीच चीन का दोहरा रवैया एक बार फिर उजागर हो गया है। जहां एक तरफ चीन लगातार अपने सैनिकों को पीछे हटाने की बात कहने के साथ भारत से भी परस्पर पीछे हटने की मांग कर रहा है। वहीं, दूसरी तरफ चीनी सेना लगातार एलएसी पर खुद को मजबूत करती जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने 29-30 अगस्त को भारत द्वारा रेजांग ला की पहाड़ियों पर चढ़ाई करने के बाद से अब तक सैनिकों की तीन बटालियन एलएसी पर तैनात कर ली हैं। चीन ने एक बटालियन रेकिन ला पर रखी है, जबकि दो बटालियन स्पांगुर लेकर पर रखी हैं। यह सभी 63 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड का हिस्सा हैं, जो शिकवान में मौजूद हैं।

जून मध्य में गलवान में हुई झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच विवाद गहरा गया है। पिछले दो महीने में चीनी सेना ने सिर्फ पूर्वी लद्दाख के हिस्से पर ही घुसपैठ की कोशिश नहीं की, बल्कि अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और उत्तराखंड से लगी सीमाओं से भी भारत में दाखिल होने की कोशिश की। कुछ इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स में इस बात का खुलासा भी किया गया है।

इससे पहले लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच ताजा टकराव के बाद बीजिंग ने पारस्परिक चर्चा के माध्यम से आने वाली भीषण ठंड के चलते सैनिकों की जल्द से जल्द वापसी की मंगलवार को उम्मीद जताई थी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजान ने भारत और चीन द्वारा एक-दूसरे पर सोमवार को पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास हवा में गोलियां चलाने का आरोप लगाए जाने के कुछ घंटे बाद सैनिकों की वापसी की यह उम्मीद जताई।

 

 

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भारत में अपना असेंबली प्लांट बंद करेगी प्रीमियम मोटरसाइकिल ब्रांड Harley Davidson

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प्रीमियम अमेरिकन मोटरसाइकिल ब्रांड Harley Davidson के चाहने वालों के लिए बुरी खबर है. दरअसल कंपनी ने भारत में कारोबार बंद करने की बात कहकर सबको चौंका दिया है. कंपनी का कहना है कि भारत में बाइक्स ( harley bikes) का कारोबार उसके लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है और यही वजह है कि अब कंपनी ने भारत में अपना असेंबली प्लान बंद करने की तैयारी में है. Harley Davidson की कीमत की वजह से इसे खरीदार नहीं मिल पाते जिसकी वजह से कंपनी को घाटा उठाना पड़ रहा है. हालांकि, वो भारतीय बाजार में बाइक की बिक्री जारी रखेगी.

40 से 50 हजार रुपए बढ़ सकती है कीमत- असेंबली बंद करने का फैसला उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया प्रशांत के उन हिस्सों में लिया गया है, जहां पर कंपनी की गाड़ियों के सेल्स डाउन हुई है. कंपनी से जुड़े एक सोर्स ने बताया कि कंपनी सिर्फ अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को बंद कर रही है. बाइक की मार्केटिंग और सेल्स जारी रहेगी. अब भारत में बाइक को थाइलैंड से इम्पोर्ट किया जाएगा. ऐसे में बाइक की कीमत 40 से 50 हजार रुपए बढ़ सकती है. कंपनी के सीईओ जोशन जेट्ज ने कहा है कि हार्ले केवल उन्ही देशों में कारोबार को जारी रखेगी जहां कंपनी को मुनाफा बढ़ने के आसार हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ऐसे किसी भी देश में व्यापार नहीं करेगी जहां उसे नुकसान हो रहा है.

फाइनेंशियल ईयर (2019-2020) में कंपनी ने भारत में केवल 2,500 बाइक बेचे हैं, जबकि इस साल अप्रैल से जून की अवधि के बीच कंपनी केवल 100 बाइक ही बेच पाई है. जुलाई में दूसरी तिमाही के रिजल्ट के साथ एक बयान में हार्ले- डेविडसन ने कहा था कि कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजारों से बाहर निकलने की योजना का मूल्यांकन कर रही है.

Harley Davidson स्ट्रीट 750, Street ROD हैं. कंपनी ने भारत में हार्ले-डेविडसन स्ट्रीट 650 जैसे किफायती मॉडलों को बाजार में उतारा है, लेकिन यह बाइक रॉयल एनफील्ड के 650 cc मॉडल से कहीं अधिक महंगी है. कम कीमत में बेहतरीन फीचर्स देने वाली अन्य कंपनियों ने भारत में हार्ले-डेविडसन की बिक्री को खासा प्रभावित किया है. हार्ले डेविडसन ने अपनी एंट्री-लेवल Street 750 मोटरसाइकिल की कीमत भी घटा दी है. भारतीय बाजार में अब इस बाइक (विविड ब्लैक कलर ऑप्शन) की एक्स-शोरूम कीमत 4.69 लाख रुपये है. यानी कंपनी ने इसकी कीमतों में 65,000 रुपये की भारी कटौती की है.

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