Connect with us

राजनीति

बिहार विधानसभा चुनाव सहित देश भर के 65 उपचुनाव भी भाजपा के लिए होंगे महत्वपूर्ण

Published

on

भाजपा के लिए बिहार विधानसभा चुनाव के साथ होने वाले एक लोकसभा और विभिन्न राज्यों की 65 विधानसभा सीटों के उपचुनाव भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। उसकी मध्य प्रदेश की सरकार का भविष्य तो इन उपचुनाव पर ही टिका हुआ है। राज्य की 27 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, जिनमें भाजपा को सत्ता बरकरार रखने के लिए कम से कम नौ सीटें जीतना जरूरी है।

हाल में चुनाव आयोग द्वारा सभी लंबित उपचुनाव कराए जाने की बात कहे जाने पर इन राज्यों में भी राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई है। सबसे ज्यादा राजनीतिक गहमागहमी भाजपा में है, क्योंकि कोरोना काल में उसके लिए देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाले यह उपचुनाव एक राजनीतिक परीक्षण भी है कि जनता का मूड इन परिस्थितियों में किस तरह का है। वहीं विपक्ष भी इन हालात में अपने लिए जगह बनाने की कोशिश करेगा।

मध्यप्रेश का उपचुनाव होगा बेहद महत्वपूर्ण:

सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण मध्य प्रदेश है, जहां 27 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होना है। इनमें 22 सीटें वे हैं जो कांग्रेस के 22 विधायकों द्वारा एक साथ इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने के कारण रिक्त हुई थीं। इसके फलस्वरूप राज्य में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार का पतन हो गया था और भाजपा की शिवराज सिंह सरकार के गठन का रास्ता साफ हुआ था। इसके अलावा पांच और सीटों के उपचुनाव भी लंबित हैं। इनमें दो सीटों के उपचुनाव मौजूदा विधायकों के निधन के कारण होने हैं, जबकि तीन सीटें कांग्रेस के विधायकों के भाजपा की सरकार बनने के बाद इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने के कारण खाली हुई है।

कम से कम नौ सीटें जीतना जरूरी

मध्य प्रदेश के विधानसभा के आंकड़ों के अनुसार 230 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 116 पर होता है। अभी जबकि 27 सीटें खाली हैं, तब 203 के प्रभावी सदन में भाजपा 107 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत में है। कांग्रेस के 89 विधायक हैं। बसपा के दो, सपा के एक और निर्दलीय चार विधायक सदन में है। उपचुनाव के बाद जब सदन की प्रभावी संख्या फिर से 230 की हो जाएगी तब बहुमत का आंकड़ा फिर से 116 पर आ जाएगा। इसके लिए भाजपा को 27 में से नौ सीटें जीतना जरूरी है, जबकि कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत हासिल करने के लिए सभी 27 सीटों को जीतना जरूरी है। अगर भाजपा नौ सीट नहीं जीत पाती है तो उसे सपा, बसपा और निर्दलीय विधायकों की मदद लेनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ कांग्रेस भी कम से कम 20 सीट जीतना चाहेगी, ताकि वह सपा, बसपा और निर्दलीयों की मदद से फिर से सत्ता में आ सके।

देश के इन क्षेत्रों में होने हैं उपचुनाव

जिन अन्य राज्यों में विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं, उनमें उत्तर प्रदेश और गुजरात की आठ-आठ सीटें, मणिपुर की पांच सीटें, असम, झारखंड, केरल, नगालैंड, तमिलनाडु और उड़ीसा की दो-दो सीटें, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल की एक- एक सीट शामिल है। इसके साथ ही बाल्मीकि नगर लोकसभा सीट का उपचुनाव भी होना है। भाजपा के लिए देश के विभिन्न हिस्सों के उपचुनाव इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इनसे कोरोना काल में जनता के मूड की एक झलक मिल सकती है।

राजनीति

बिहार चुनाव में आयोग की खास तैयारी, कोरोना संक्रमित मरीज भी डाल सकेंगे वोट

Published

on

(more…)

Continue Reading

राजनीति

बिहार चुनाव 2020 ही हुई घोषणा, इतने चरण में संपन्न होगा मतदान?

Published

on

Bihar Election Update: बिहार में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस करते बताया कि कोविड काल में तीन चरणों में चुनाव कराए जाएंगे. पहला चरण 28 अक्टूबर को होगा, दूसरे चरण का तीन नवंबर और तीसरे चरण का चुनाव सात नवंबर को कराया जाएगा. चुनाव आयोग के अनुसार विधान सभा चुनावों के नतीजों का ऐलान 10 नवंबर को किया जाएगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जहां पहले चरण में जहां 16 जिलों की 71 सीटों पर मतदान होगा तो वहीं दूसरे चरण में 17 जिलों की 94 सीटों पर मतदान किया जाएगा. इसके अलावा तीसरे और अंतिम चरण में 15 जिलों की 78 सीटों पर मतदाता अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे.

महत्वपूर्ण तारीख:

पहले चरण: 28 अक्टूबर 2020- 16 जिलों की 71 सीटों पर मतदान
दूसरा चरण: तीन नवंबर  2020- 17 जिलों की 94 सीटों पर मतदान
तीसरा चरण: सात नवंबर 2020- 15 जिलों की 78 सीटों पर मतदान
चुनाव के नतीजें- 10 नवंबर 2020

बिहार के कई दलों ने चिंता जताई थी कि कोरोना काल में चुनाव की तारीखों को आगे बढ़ाया जाए. मुख्य आय़ुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि कोरोना काल में लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा. उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग इसके लिए पूरी तरह से तैयार है. चुनाव कार्यक्रम बनाते वक्त का इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा.

Continue Reading

राजनीति

बिहार चुनाव:- पप्पू यादव ने जारी किया चुनावी घोषणा पत्र, कहा वादे पूरे नही किये तो मेरी सरकार इस्तीफा देगी

Published

on

जन अधिकार पार्टी (जाप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि बड़े व छोटे भाई को 30 साल दिए, मुझे 3 साल दीजिए, बिहार में बदलाव दिखाई देगा। राजद का नाम लिए बिना कहा कि महागठंधन के एक प्रमुख घटक मुसलमानों को भाजपा का भय और एनडीए अपर कास्ट के लोगों को लालू यादव का भय दिखाकर वोट लेते रहा है। दोनों गठबंधन के लोग राज्य को

अगर मेरी सरकार बनी तो यह मंडल-कमंडल,अगड़ा-पिछड़ा, दलित-महादलित व हिंदु-मुसलमान नहीं,बल्कि मानवतावाद की सिद्धांत पर काम करेगी। जाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनावी घोषणा पत्र की बजाय प्रतिज्ञा पत्र जारी करते हुए कहा कि किए वादों के पूरा करने के लिए शपथ लेता हूं, वादा पूरा नहीं हुआ तो मेरी सरकार इस्तीफा दे देगी। सरकार में सभी समुदायों को समान हक और सम्मान देने के लिए सभी वर्गों से एक-एक डिप्टी सीएम बनाने की भी बात कही।

सुशांत के नाम पर बनाएंगे फिल्म सिटी, व्यवसायियों के लिए विशेष पैकेज

पप्पू यादव ने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत के नाम पर फिल्म सिटी का निर्माण किया जाएगा। आज यदि बिहार के प्रतिभावान युवा दूसरे राज्यों में उपेक्षा के शिकार हो रहे हैं, उसका कारण बिहार में खेल और मनोरंजन के लिए आधारभूत संरचना का आभाव है। हमारी सरकार हर जिले में खेल स्टेडियम बनाएगी और देशी खेलों जैसे- कुश्ती, खो-खो को बढ़ावा देगी। बिहार के जो खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा करेंगे, उन्हें सरकारी नौकरी देंगे। कहा- छोटे और मझौले व्यवसायियों के सहयोग के लिए विशेष पैकेज के साथ स्पेशल टास्क फोर्स के निर्माण और राज्य में बड़े उद्योगों के लिए व्यापारियों को टैक्स में छूट और भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

छात्रों को बाइक और छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा

उन्होंने इंटर की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास करने वाले छात्रों को मोटरसाइकिल और छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा की। साथ ही स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड लोन की राशि को 4 लाख से बढ़ाकर 10 लाख करने की घोषणा की। कहा- प्राथमिक से विश्वविद्यालय स्तर तक की शिक्षा सभी के लिए समान और नि:शुल्क होगी। प्राथमिक शिक्षा में मैथिली-मगही-भोजपुरी को प्राथमिकता देंगे। तीन साल के अंदर हर अनुमंडल में 300 बेड के अस्पताल, ढाई साल के अंदर ब्लॉक और जिला मुख्यालयों के अस्पतालों को सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल बनाएंगे।

Continue Reading

Trending