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मनोरंजन

रंजीत आंबेडकरवादी हैं और अपनी पहचान छिपाते नहीं , उनकी नयी फिल्म “काला” देख आइये

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Pa Ranjith की फिल्म “काला” आज रिलीज हो रही है.

तमिल, तेलुगु और हिंदी में. रंजीत दक्षिण के सबसे सफल फिल्मकार हैं. इनकी फिल्म कबाली ने 700 करोड़ का कारोबार किया था. रंजीत आंबेडकरवादी हैं और अपनी यह पहचान वे छिपाते नहीं है. फिल्म बनाने में उनके साथ की टीम भी आम तौर पर बहुजन समुदाय की होती है. हालांकि वे मौका हर किसी को देते हैं.

उनकी फिल्मों में बाबा साहेब कई जगह, कई रूपों में नजर आते हैं.

मिसाल के तौर पर इस जीप को देखिए, जिस पर रजनीकांत बैठे हैं. इसमें BR है और बाबा साहब के परिनिर्वाण का साल 1956 भी. महाराष्ट्र तो है ही. फिल्म कबाली में भी आप बाबा साहेब के पोस्टर देख सकते हैं. जन्म के आधार पर भेदभाव का कबाली में निषेध है.

कबाली का वह डायलॉग तो आपको याद ही होगा. – मेरी यह शानदार ड्रेस मेरी राजनीति है.

कबाली फिल्म के पहले ही दृश्य में रजनीकांत जेल में एक दलित आत्मकथा पढ़ते दिखाए गए हैं. किताब का नाम है – माई फादर बालैया.

कबाली से पहले अपनी फिल्म “मद्रास” में भी रंजीत जाति का सवाल उठाते हैं. उसमें उनके पात्र बाबा साहेब को पढ़ते दिखाए गए हैं.

रंजीत का असर इतना है कि लोग उनके नाम से फिल्म देखने जाते हैं. वे भारत के पहले फिल्म डायरेक्टर हैं, जिनकी फोटो के पोस्टर लगते हैं. यह और भी बड़ी बात है, जब फिल्म के हीरो रजनीकांत हों.

ये पीए रंजीत के ये पोस्टर मुंबई समेत कई शहरों में देखे जा सकते है.

ब्रदर रंजीत को ऑल द बेस्ट.

देख आइए रंजीत की फिल्म काला.

(श्रोत-दिलीप मंडल की फेसबुक वाल)

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उत्तराखंड अनलॉक 4:- पर्यटकों को बड़ी राहत, नई गाइडलाइन के साथ घूम सकते है उत्तराखंड

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सरकार ने प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए अब यहां न्यूनतम दो दिन के लिए आने की बाध्यता समाप्त कर दी है। इतना ही नहीं, अब उन्हें उत्तराखंड आने पर कोरोना टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट भी नहीं दिखानी होगी।

उत्तराखंड में शासन ने 19 सितंबर को प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के लिए एक गाइडलाइन जारी की थी। इसमें कहा गया था कि उत्तराखंड घूमने आने वाले पर्यटकों को न्यूनतम दो दिन राज्य में रहना जरूरी होगा। इतना ही नहीं, उन्हें कोरोना टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट भी साथ में लानी होगी। ऐसा न करने पर उन्हें राज्य सरकार द्वारा चिह्नित लैब में कोरोना टेस्ट कराना होगा।

रिपोर्ट आने तक उन्हें होटल में ही रुकने की बाध्यता थी। सरकार के इस आदेश का खासा विरोध भी हो रहा था। अब सरकार ने इस गाइडलाइन को अतिक्रमित करते हुए नई गाइडलाइन जारी की है।मुख्य सचिव और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमप्रकाश द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।

अब पूर्व की भांति दो दिन रुकने की बाध्यता नहीं होगी। होटल प्रबंधन जरूर आने वाले पर्यटकों की थर्मल स्केनिंग, सैनिटाइजेशन व शारीरिक दूरी के मानकों का अनुपालन कराएगा। किसी पर्यटक के कोरोना संक्रमित पाए जाने की स्थिति में तुरंत जिला प्रशासन को सूचित करेगा। इसके अलावा होटल प्रबंधन केंद्र सरकार द्वारा कोरोना के लिए जारी नियमों का अनुपालन करना सुनिश्चत कराएगा।

टिहरी झील में एकबार फिर से रोमांच का सफर शुरू हो गया है। मार्च में लॉकडाउन के बाद से टिहरी झील में बंद बोटिंग शुरू होने से पर्यटकों के चेहरे खिल उठे। पहले दिन हरिद्वार और देहरादून से पहुंचे कुछ युवाओं ने झील में बोटिंग का लुत्फ उठाया। बोट संचालकों ने भी पर्यटकों की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही उन्हें बोटिंग कराई।

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सुशांत सिंह राजपूत केस:- रिया चक्रवर्ती और शोविक पर कोर्ट ने नही बरती नरमी 6 अक्टूबर तक बढ़ाई न्यायिक हिरासत

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सुशांत सिंह राजपूत की गर्लफ्रेंड और फिल्म स्टार रिया चक्रवर्ती की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आज ही अदाकारा की 14 दिन की न्यायिक हिरासत पूरी हुई थी। लेकिन अब इसे कोर्ट ने और भी बढ़ा दिया है। अब रिया चक्रवर्ती और भाई शौविक को 6 अक्टूबर तक सलाखों के पीछे और रहना होगा। बता दें कि ड्रग्स मामले में लगातार एनसीबी कड़ाई से पड़ताल कर रही हैं। एनसीबी की जांच के शिकंजे में अभी कई और बॉलीवुड स्टार्स के नाम सामने आ रहे हैं। इस बीच रिया चक्रवर्ती औऱ शौविक के वकील सतीश मानशिंदे ने एक बयान जारी कर बताया है कि वो इस केस में बॉम्बे हाईकोर्ट में 23 सितंबर को अपील करने वाले हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से ये जानकारी सामने आई है।

रिया और शौविक चक्रवर्ती के वकील सतीश मानशिंदे ने मीडिया से बात करते हुए कहा है, ‘रिया चक्रवर्ती और शौविक चक्रवर्ती ने एनडीपीएस केस में बॉम्बे हाईकोर्ट में बेल एप्लीकेशन फाइल की है। इस पर 23 सितंबर को सुनवाई होनी है। इस एप्लीकेशन की डिटेल्स सुनवाई के बाद सभी से शेयर कर दी जाएगी।’ इन ट्वीट्स को आप नीचे देख सकते हैं।

इस बीच एनसीबी तेजी से इस मामले की सघनता से जांच कर रही है। बीते दो दिन से लगातार नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो सुशांत सिंह राजपूत की एक्स मैनेजर जया साहा और श्रुति मोदी से पूछताछ कर रही है। इस पूछताछ में दीपिका पादुकोण, करिश्मा कपूर, श्रद्धा कपूर, रकुल प्रीत सिंह, सारा अली खान और नम्रता शिरोडकर समेत कई चौंकने वाले खुलासे हो रहे हैं।

इन खुलासों के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि एनसीबी जल्दी ही इन फिल्मी हस्तियों को पूछताछ के लिए समन कर सकती हैं। याद दिला दें कि अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी करण जौहर के वायरल कथित ड्रग्स वीडियो को लेकर भी एनसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। इस वायरल वीडियो की जांच भी एनसीबी कर रही हैं। ऐसे में अभी आने वाले दिनों में इस मामले में कई खुलासे होने वाले हैं।

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B-Day Special: आखिर क्यों आशा भोसले से बड़ी बहन लता मंगेशकर ने तोड़ लिए थे रिश्ते?

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बॉलीवुड की मेलोडी क्वीन के नाम से मशहूर आशा भोसले (Asha Bhosle Birthday) आज आज 87 साल की हो गई हैं. आशा ताई का जन्म साल 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था. वह अब तक 16 हजार से ज्यादा गाने गा चुकी हैं. आशा ताई की प्रोफेशनल लाइफ में जितने उतार चढ़ाव आए, पर्सनल भी कुछ ऐसी ही रही.

आशा भोसले की बड़ी बहन और सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) की लता मंगेशकर ने 14 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था. पिता के असमय निधन की वजह से उन पर ये जिम्मेदारी आ गई कि वो परिवार को संभाले. लता ने परिवार की बड़ी बेटी होने के नाते ये जिम्मेदारी बखूबी निभाई भी. जब आशा बड़ी हुईं, तो लता ने इसी जिम्मेदारी और गंभीरता की उम्मीद उनसे भी की.

लता मंगेशकर ने 14 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था. पिता के असमय निधन की वजह से उन पर ये जिम्मेदारी आ गई कि वो परिवार को संभाले. लता ने परिवार की बड़ी बेटी होने के नाते ये जिम्मेदारी बखूबी निभाई भी. जब आशा बड़ी हुईं, तो लता ने इसी जिम्मेदारी और गंभीरता की उम्मीद उनसे भी की.

मगर आशा बचपन से ही अलग मिजाज़ की थीं. उन्हें किसी भी तरह के नियमों में बंधना पसंद नहीं था. उन्होंने अपने अलग रास्ते चुने. 16 साल की उम्र में ही आशा ने गणपतराव भोंसले से शादी कर ली. गणपतराव उस वक्त 31 साल के थे. कम ही लोग जानते हैं कि गणपत राव उस वक्त लता मंगेशकर के सेक्रेटरी हुआ करते थे.

एक इंटरव्यू में खुद आशा ने बताया था कि लता मंगेशकर ने आशा और गणपत के इस रिश्ते को मंजूरी नहीं दी थी. इसके बाद दोनों के बीच काफी दूरी आ गई और काफी समय तक दोनों में कोई बात नहीं हुई. आशा भोसले और गणपतराव के तीन बच्चे हुए, लेकिन उनकी शादी बेहद कड़वे मोड़ पर आकर खत्म हुई. दोनों अलग हो गए.

इसके बाद आशा भोसले ने आर.डी.बर्मन से शादी की. बर्मन भी पहले से शादीशुदा थे और पहली पत्नी रीता पटेल से तलाक ले चुके थे. दोनों का संगीत प्रेम उन्हें करीब ले आया और छह साल छोटे बर्मन ने आशा ताई को प्रपोज कर दिया. इस प्रपोजल के काफी समय बाद आशा ताई उनसे शादी के लिए राजी हुईं और 1980 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए. हालांकि इस शादी में कुछ साल बाद एक अलगाव आ गया. फिर भी दोनों मन से जुड़े रहे, लेकिन बर्मन भी असमय ही दुनिया को अलविदा कह गए.

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